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Sectoral Funds Outlook.
Sectoral Funds: कोविड के बाद शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और SIP का ऐसा क्रेज चढ़ा कि आज की तारीख में हर कोई इसकी बात कर रहा है. AMFI यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स की तरफ से जुलाई महीने के लिए म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का डेटा जारी किया गया है. Mutual Fund इंडस्ट्री का टोटल असेट अंडर मैनेजमेंट 75 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया, जबकि इक्विटी फंड्स का टोटल एयूएम 33.27 लाख करोड़ रुपए है. Sectoral Funds एकमात्र कैटिगरी है जिसका असेट अंडर मैनेजमेंट 5 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा और यह Equity Funds का नया किंग है.
AMFI की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जुलाई 2025 के आधार पर इक्विटी फंड्स का टोटल AUM 33.27 लाख करोड़ रुपए है जिसमें Sectora Funds का असेट अंडर मैनेजमेंट सबसे ज्यादा 5.09 लाख करोड़ रुपए है. जून महीने में पहली बार सेक्टोरल फंड्स का एयूएम पांच लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक आंकड़े को पार किया था. वर्तमान में सेक्टोर फंड्स कैटिगरी में कुल 224 स्कीम्स बाजार में उपलब्द हैं. नंबर ऑफ फोलियो के मामले में भी सेक्टोरल फंड्स का जलवा जारी है. इस कैटिगरी में कुल 3.17 करोड़ फोलियो हैं, जबकि इक्विटी फंड्स कैटिगरी में कुल फोलियो 17.12 करोड़ है.
जनवरी 2025 में बाजार में कुल 205 Sectoral Funds उपलब्ध थे. फोलियो की कुल संख्या 3.03 करोड़ थी जबकि टोटल असेट अंडर मैनेजमेंट 4.60 लाख करोड़ रुपए का था. उस समय इक्विटी फंड्स का टोटल असेट अंडर मैनेजमेंट 29.46 लाख करोड़ रुपए का था. इस साल अब तक सेक्टोरल फंड्स के एयूएम में 10.5% का उछाल आया है जबकि ओवरऑल इक्विटी कैटिगरी के एयूएम में 12.9% का ग्रोथ आया है.
पिछले 1 साल में इक्विटी फंड्स का टोटल असेट अंडर मैनेजमेंट 13.4% बढ़ा है, जबकि इस दौरान सेक्टोरल फंड्स का असेट अंडर मैनेजमेंट 21.0% बढ़ा है. पिछले 3 सालों के डेटा पर गौर करें तो इक्विटी फंड्स का टोटल एयूएम 135.1% बढ़ा है जबकि सेक्टोरल फंड्स का असेट अंडर मैनेजमेंट सबसे ज्यादा 230.4% बढ़ा है. पिछले 3 सालों में जिस तरह सेक्टोरल फंडस् का क्रेज देखने को मिला है उसका यह असर साफ दिख रहा है.
बता दें कि तीन साल पहले जुलाई 2022 में इक्विटी कैटिगरी का टोटल असेट अंडर मैनेजमेंट 14.15 लाख करोड़ रुपए था जबकि सेक्टोरल फंड्स का असेट अंडर मैनेजमेंट 1.54 लाख करोड़ रुपए था. उस समय केवल 118 सेक्टोरल फंड्स बाजार में उपलब्ध थे और फोलियो की संख्या 1.24 करोड़ थी.
इस साल अब तक Sectoral Funds में कुल 28853 करोड़ रुपए का निवेश किया गया जबकि इक्विटी कैटिगरी में कुल 203645 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया है. जुलाई महीने की बात करें तो इक्विटी फंड्स में नेट आधार पर 42702.35 करोड़ रुपए का इन्फ्लो दर्ज किया गया जो जून महीने में केवल 23587.05 करोड़ रुपए था. मंथली आधार पर नेट इन्फ्लो में 81% का उछाल दर्ज किया गया. जुलाई महीने में SIP के जरिए 28464 करोड़ रुपए निवेश किया गया जो जून महीने में 27269 करोड़ रुपए था. जुलाई महीने में पहली बार एसआईपी का आंकड़ा 28 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंचा.
| Equity-Oriented Scheme | No. of Schemes | Net Inflow (₹ लाख) | Net AUM (₹ लाख) |
|---|---|---|---|
| Multi Cap Fund | 32 | 3,990.84 | 2,05,281.89 |
| Large Cap Fund | 33 | 2,125.09 | 3,91,762.73 |
| Large & Mid Cap Fund | 33 | 5,034.71 | 3,00,972.11 |
| Mid Cap Fund | 30 | 5,182.49 | 4,28,582.50 |
| Small Cap Fund | 31 | 6,484.43 | 3,55,901.84 |
| Dividend Yield Fund | 10 | 96.65 | 32,558.58 |
| Value / Contra Fund | 24 | 1,470.01 | 2,01,203.79 |
| Focused Fund | 28 | 1,605.96 | 1,60,567.18 |
| Sectoral / Thematic Funds | 224 | 9,426.03 | 5,09,519.21 |
| ELSS (Tax-saver Fund) | 43 | -368.18 | 2,48,202.52 |
| Flexi Cap Fund | 40 | 7,654.33 | 4,93,229.47 |
| Sub-Total (All Above) | 528 | 42,702.35 | 33,27,781.82 |
इक्विटी कैटिगरी में कुल 42,702.35 करोड़ रुपए का नेट इन्फ्लो आया. इसमें स्मॉलकैप फंड्स में 6,484.43 करोड़ रुपए, मिडकैप फंड्स में 5,182.49 करोड़ रुपए, लार्ज एंड मिडकैप फंड्स में 5,034.71 करोड़ रुपए, लार्जकैप फंड्स में 2,125.09 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया. मल्टीकैप फंड्स में 3,990.84 करोड़ रुपए और फ्लेक्सी कैप फंड्स में 7,654.33 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया. सेक्टोरल फंड्स में 9,426.03 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया हालांकि, इस कैटिगरी में 7 NFO लॉन्च किए गए जिसमें कुल 7404 करोड़ रुपए का इन्फ्लो दर्ज किया गया.
Q1: पूरे Mutual Fund इंडस्ट्री का कुल AUM अभी कितना है?
Q2: Equity Funds का कुल AUM क्या है और Sectoral Funds कितना हिस्सा हैं?
Q3: Sectoral Funds में कितनी स्कीमें और कितने फोलियो हैं?
Q4: पिछले 1 और 3 साल में Equity vs Sectoral Funds का AUM ग्रोथ कैसा रहा?
Q5: 2025 में अब तक Sectoral Funds में कितना इन्फ्लो आया?