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देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक SBI Mutual Fund ने अपने निवेशकों के लिए एक अहम घोषणा की है. कंपनी ने SBI Silver ETF Fund of Fund (FoF) में नई खरीद यानी फ्रेश सब्सक्रिप्शन और स्विच-इन निवेश पर 13 अक्टूबर 2025 से अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है. यह निर्णय कंपनी ने सिल्वर बाजार में चल रही भारी मांग और सप्लाई की कमी (supply crunch) को देखते हुए लिया है.
पिछले कुछ हफ्तों में चांदी (Silver) की मांग में अचानक तेज़ी आई है. वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में बदलाव और निवेशकों की कमोडिटीज़ में बढ़ती दिलचस्पी के चलते चांदी की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. लेकिन भारत के घरेलू बाजार में भौतिक चांदी (physical silver) की उपलब्धता सीमित हो गई है.
इस वजह से चांदी के दामों में प्रीमियम बढ़ गया है और इसका असर Silver ETF के indicative NAV (iNAV) पर पड़ा है. चूंकि SBI Silver ETF Fund of Fund की वैल्यू सीधे चांदी के घरेलू दामों पर निर्भर करती है, इसलिए मार्केट में यह असंतुलन निवेशकों के रिटर्न को प्रभावित कर सकता है.
ऐसे हालात में फंड हाउस के ट्रस्टीज ने निर्णय लिया कि नई खरीद और स्विच-इन निवेश को रोक दिया जाए, ताकि निवेशकों को किसी तरह के अनुचित नुकसान से बचाया जा सके.
SBI Mutual Fund के मुताबिक, नई लंपसम खरीद, अतिरिक्त निवेश, और लंपसम स्विच-इन पर अस्थायी रोक लागू रहेगी. लेकिन निवेशकों के SIP (Systematic Investment Plans), STP (Systematic Transfer Plans) और रेडेम्प्शन (Withdrawal) पहले की तरह जारी रहेंगे.
इसका मतलब यह है कि जो निवेशक पहले से इस स्कीम में SIP या STP के ज़रिए निवेश कर रहे हैं, उनके निवेश में कोई बदलाव नहीं होगा. वे अपने नियमित प्लान के अनुसार निवेश जारी रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपने पैसे निकाल भी सकते हैं.
फंड हाउस ने यह भी साफ किया है कि यह अस्थायी कदम (temporary suspension) है. जैसे ही सिल्वर मार्केट में सामान्य स्थिति लौटेगी और ETF यूनिट्स की फेयर वैल्यू पर क्रिएशन फिर से संभव होगा, वैसे ही नई खरीद की सुविधा दोबारा शुरू कर दी जाएगी.
SBI Mutual Fund का कहना है कि इस कदम का मकसद निवेशकों के हितों की रक्षा करना है, ताकि किसी भी अस्थिरता या कृत्रिम भाव वृद्धि से निवेशकों को नुकसान न झेलना पड़े.
फंड हाउस द्वारा जारी नोटिस-कम-एडेंडम के मुताबिक, इस रोक के अलावा स्कीम के बाकी सभी नियम और शर्तें पहले जैसी रहेंगी. SBI Mutual Fund ने कहा कि यह एडेंडम स्कीम की Information Document और Key Information Memorandum का हिस्सा होगा और जरूरत के अनुसार इसमें अपडेट दिए जाएंगे.
कंपनी ने निवेशकों से अपील की है कि वे इस नए निर्णय को ध्यान में रखें और अपने निवेश की योजना उसी अनुसार बनाएं. SBI Mutual Fund ने यह भी दोहराया कि यह फैसला निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि सिल्वर बाजार में जारी अस्थिरता का कोई नकारात्मक असर उन पर न पड़े.
निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे स्कीम से जुड़े सभी दस्तावेज़ ध्यानपूर्वक पढ़ें और निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें, क्योंकि म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार के उतार-चढ़ाव के अधीन होते हैं.
1. SBI Silver ETF Fund of Fund में नई खरीद कब से रुकी है?
13 अक्टूबर 2025 से नई खरीद और स्विच-इन पर अस्थायी रोक लगाई गई है.
2. क्या SIP और STP पर असर पड़ेगा?
नहीं, SIP और STP पहले की तरह चलते रहेंगे.
3. रोक क्यों लगाई गई है?
घरेलू बाजार में सिल्वर की कमी और प्रीमियम बढ़ने के कारण नई यूनिट्स की वैल्यू प्रभावित हो रही थी.
4. यह रोक कितने समय तक रहेगी?
यह अस्थायी है, जब बाजार सामान्य होगा तब इसे हटा दिया जाएगा.
5. क्या निवेशक अपना पैसा निकाल सकते हैं?
हां, रेडेम्प्शन पर कोई रोक नहीं है. निवेशक अपनी राशि निकाल सकते हैं.