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Association of Mutual Funds in India (AMFI) की अक्टूबर 2025 रिपोर्ट के अनुसार, Quant ELSS Tax Saver Fund Direct Growth Plan ने बीते 10 सालों में सभी टैक्स सेविंग फंड्स को पीछे छोड़ दिया है. इस फंड ने 22.33% सालाना रिटर्न दिया है, जो किसी भी ELSS फंड के लिए बेहद शानदार माना जाता है.
इस फंड का नेट एसेट वैल्यू (NAV) ₹429.31 है और इसका AUM (Assets Under Management) करीब ₹12,549 करोड़ है. Quant फंड का निवेश तरीका काफी आक्रामक माना जाता है, जो सही समय पर बड़े, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करके रिटर्न को अधिकतम करने पर फोकस करता है. अगर किसी ने इस फंड में 10 साल पहले हर महीने ₹5000 की SIP शुरू की होती, तो आज उसकी कुल वैल्यू लगभग ₹20 लाख से ज्यादा हो चुकी होती.
दूसरे नंबर पर Motilal Oswal ELSS Tax Saver Fund रहा है, जिसने पिछले 10 सालों में औसतन 18.49% रिटर्न दिया है. इस फंड की सबसे बड़ी खासियत इसका स्थिर प्रदर्शन और मजबूत फंडामेंटल्स हैं.
इस फंड का NAV ₹60.89 है और इसका AUM करीब ₹4,500 करोड़ से ज्यादा है. यह फंड मुख्य रूप से उन कंपनियों में निवेश करता है जिनकी ग्रोथ और अर्निंग दोनों मजबूत हैं. Motilal Oswal का यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतरीन है जो थोड़ा रिस्क लेकर लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न चाहते हैं.
तीसरे स्थान पर JM ELSS Tax Saver Fund है, जिसने बीते दशक में 17.53% का औसतन सालाना रिटर्न दिया है. इस फंड की रणनीति मध्यम जोखिम वाले निवेशकों के लिए है. यह बड़े और मिड कैप दोनों तरह के शेयरों में संतुलित निवेश करता है.
JM ELSS का NAV ₹57.99 है और इसका AUM लगभग ₹226 करोड़ है. छोटे आकार के बावजूद फंड का प्रदर्शन निवेशकों के लिए उम्मीद से बेहतर रहा है.
ELSS यानी Equity Linked Savings Scheme एक ऐसा म्यूचुअल फंड होता है जो ज्यादातर पैसा शेयर मार्केट यानी Equity में लगाता है. इसमें कम से कम 80% निवेश इक्विटी या उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में किया जाता है.
यह फंड Income Tax Act की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ देता है. यानि अगर आप साल में ₹1.5 लाख तक इसमें निवेश करते हैं, तो उतनी राशि पर टैक्स नहीं देना पड़ता.
ELSS का लॉक-इन पीरियड सिर्फ 3 साल का होता है, जो किसी भी टैक्स सेविंग स्कीम में सबसे कम है. इस दौरान पैसा निकाला नहीं जा सकता, लेकिन 3 साल बाद आप इसे रिडीम कर सकते हैं या चाहें तो निवेश जारी रख सकते हैं.
ELSS को निवेशकों के बीच “Triple Benefit Scheme” कहा जाता है क्योंकि यह तीन तरह का फायदा देता है-
टैक्स बचत: सालाना ₹1.5 लाख तक की छूट सेक्शन 80C के तहत मिलती है.
वेल्थ क्रिएशन: इक्विटी मार्केट में निवेश के कारण लॉन्ग टर्म में पैसा तेज़ी से बढ़ता है.
कम लॉक-इन: केवल 3 साल का लॉक-इन, जो बाकी टैक्स सेविंग प्लान से काफी कम है.
इसी वजह से यह फंड युवाओं और पहली बार निवेश करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है.
ELSS फंड में आपका पैसा अनुभवी फंड मैनेजर्स द्वारा अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में लगाया जाता है. यह निवेश कई सेक्टर्स जैसे बैंकिंग, IT, ऑटो, FMCG और इंफ्रास्ट्रक्चर में फैलाया जाता है, ताकि रिस्क कम हो और रिटर्न स्थिर रहे.
मार्केट में अगर उतार-चढ़ाव भी आता है, तो फंड मैनेजर पोर्टफोलियो को बैलेंस करके नुकसान को कम करने की कोशिश करते हैं. इसीलिए ELSS लंबे समय के लिए बेहतरीन साबित होता है, खासकर 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि में.
ELSS में निवेश करके आप Income Tax Act की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट पा सकते हैं. अगर आप 30% टैक्स स्लैब में आते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको लगभग ₹46,800 की टैक्स बचत मिल सकती है.
इससे न सिर्फ आपकी इनकम टैक्स में राहत मिलती है, बल्कि आपका निवेश भी मार्केट के साथ बढ़ता है. यानी ELSS आपको दोहरा फायदा देता है- टैक्स बचत और वेल्थ ग्रोथ दोनों.
ELSS का सबसे बड़ा आकर्षण इसका छोटा लॉक-इन पीरियड है. जहां PPF में 15 साल और NSC में 5 साल का लॉक-इन होता है, वहीं ELSS में सिर्फ 3 साल का है.
इसका मतलब है कि अगर आप चाहें तो हर 3 साल बाद अपनी यूनिट्स को रिडीम करके या फिर SIP जारी रखकर लगातार निवेश बढ़ा सकते हैं. इस लचीलेपन के कारण ELSS युवाओं और सैलरी क्लास के निवेशकों के बीच बहुत लोकप्रिय है.
हालांकि ELSS फंड्स “Very High Risk” कैटेगरी में आते हैं क्योंकि ये पूरी तरह इक्विटी मार्केट पर निर्भर होते हैं. लेकिन इसी वजह से ये लॉन्ग टर्म में PPF या FD से कई गुना ज्यादा रिटर्न देने में सक्षम हैं.
कम से कम 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि में ये फंड मार्केट के उतार-चढ़ाव को झेलकर भी शानदार रिटर्न देते हैं. Quant ELSS का 22% रिटर्न इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.
अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं और पैसा तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो ELSS आपके लिए एकदम सही है. यह खास तौर पर इन लोगों के लिए है, जो लॉन्ग टर्म सोच रखते हैं और 3 साल तक पैसा निकालने की जरूरत नहीं है. या फिर जो मार्केट रिस्क को समझते हैं और इक्विटी ग्रोथ से फायदा लेना चाहते हैं. जो लोग सालाना ₹1.5 लाख तक का निवेश करके टैक्स छूट चाहते हैं उनके लिए भी ये फंड बेहतर है. ELSS फंड्स की एक और खूबी यह है कि आप इसमें ₹500 से भी निवेश शुरू कर सकते हैं.
1. ELSS में टैक्स छूट कैसे मिलती है?
Section 80C के तहत ₹1.5 लाख तक का निवेश टैक्स फ्री होता है.
2. Quant ELSS का 10 साल का रिटर्न कितना है?
पिछले 10 सालों में इस फंड ने 22.33% सालाना रिटर्न दिया है.
3. ELSS में पैसा कब निकाल सकते हैं?
कम से कम 3 साल के बाद ही निवेशक अपनी यूनिट्स रिडीम कर सकता है.
4. क्या इसमें रिस्क ज्यादा है?
हां, यह इक्विटी-आधारित फंड है, लेकिन लंबे समय में कंपाउंडिंग के दम पर रिटर्न बेहद अच्छे मिलते हैं.
5. क्या छोटे निवेशक ELSS में निवेश कर सकते हैं?
हां, सिर्फ ₹500 महीने से SIP शुरू की जा सकती है. यह छोटे निवेशकों के लिए भी शानदार विकल्प है.