शॉर्ट, मिड और लॉन्ग टर्म को इन्वेस्टमेंट का बेस्ट ऑप्शन मानते हैं, लेकिन सवाल ये है कि इनमें से किसमें निवेश किया जाए और किसमें कितना मिलेगा रिटर्न मिलेगा, साथ ही क्या है जोखिम और कहां बनेंगे आप मालामाल?तो फिर रिटर्न कैलकुलेशन से समझें कौन-सा ऑप्शन है आपके लिए है बेस्ट.
1/6मार्केट में इन्वेस्टमेंट के कई ऑप्शन मौजूद हैं, लेकिन हर एक निवेशक ऐसे ऑप्शन की तलाश में रहता है जो तय समय में अधिक रिटर्न दे सके. दरअसल, इन्वेस्टमेंट का असली मकसद हमारे फाइनेंशियल गोल्स को समय पर पूरा करना भी होता है. जैसे अगर आप 4 साल बाद घर बनाना चाहते हैं, तो जरूरी है कि आप ऐसा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन अपने लिए चुनें जो कम टाइम में अच्छा रिटर्न दे सके. सही प्लानिंग, सही समय और समझदारी से किया गया इन्वेस्टमेंट, आपके सपनों को हकीकत में बदल सकता है. तो इसलिए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए.
2/6जब निवेश की बात आती है, तो हमारे पास तीन प्रमुख ऑप्शन होते हैं—शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट. अक्सर लोग इन ऑप्शन को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं कि उनके फाइनेंशियल गोल्स के लिए कौन-सा विकल्प सही रहेगा. तो अगर आप भी निवेश की प्लानिंग बना रहे हैं, तो सबसे पहले इन तीनों निवेश विकल्पों के बीच के अंतर को समझना जरूरी है. एक बार जब आप यह जान लेंगे कि हर ऑप्शन कब और कैसे काम आता है, तब ही आप अपने लिए सबसे बेहतर योजना चुन पाएंगे.
3/6अगर आप कम टाइमिंग में अपने छोटे फाइनेंशियल गोल्स को बिना ज्यादा जोखिम लिए पूरा करना चाहते हैं, तो शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए बेस्ट हो सकता है. इसमें निवेश की टाइमिंग 1 से 2 साल की होती है और रिटर्न भले ही कम हो, लेकिन पूंजी का रिस्क भी बेहद सीमित होता है. जैसे अगर आप मोबाइल खरीदने, विदेश यात्रा पर जाने, किसी लोन की किश्त भरने या इमरजेंसी फंड बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह ऑप्शन आपके लिए एक सेफ और बेस्ट ऑप्शन हो सकता है.
4/6अगर आप अगले 3 से 5 साल में कोई बड़ा फाइनेंशियल गोल जैसे कार खरीदना, नया बिजनेस शुरू करना या बच्चे की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने का प्लान बना रहे हैं, तो फिर मिड टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए सबसे शानदार होने वाला है. इस ऑप्शन में म्यूचुअल फंड, एफडी जैसे स्कीम्स शामिल होते हैं, जिनमें आपको मार्केट से जुड़े कुछ रिस्क जरूर मिलते हैं, लेकिन सही प्लानिंग से यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. वैसे इन्वेस्टमेंट करते समय स्कीम से जुड़े रिटर्न, नियम और शर्तों को अच्छी तरह पढ़ना जरूरी है,जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर ही निर्णय लेना चाहिए.
5/6तो अगर आप 5 साल से ज्यादा के टाइम के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए शानदार हो सकता है. यह इन्वेस्टमेंट बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या रिटायरमेंट के बाद की इनकम को फिक्स करने के लिए किया जाता है. इस ऑप्शन में आपको रिस्क के अनुसार निवेश करने की आजादी मिलती है. तो आप चाहें तो स्टॉक्स, बॉन्ड्स या PPF जैसे सेफ ऑप्शन चुन सकते हैं.लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना अधिक होती है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी इनकम, खर्च और फाइनेंशियल स्थिति का गहराई से विश्लेषण करें.
6/6अगर आप निवेश की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह आपका समझना बेहद है कि शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है और कौन-सा आपके लिए सबसे सही है. आपको 1-3 साल में पैसे की ज़रूरत है, तो शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट जैसे FD या लिक्विड फंड बेहतर हैं, जिसमें 4-7% सालाना रिटर्न मिल सकता है. 3 से 7 साल के लक्ष्यों के लिए मिड टर्म इन्वेस्टमेंट, जैसे म्यूचुअल फंड्स, फायदेमंद होते हैं. इसमें 7-10% सालाना रिटर्न मिल सकता है. जबकि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट जैसे PPF, स्टॉक्स या NPS का चुनाव करें. इसमें संभावित रिटर्न (अनुमानित) 10-15% सालाना या उससे भी ज़्यादा (इक्विटी में) मिल सकता है. (नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)