Mutual Fund Investment Mistake: म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर लोग ऐसी सामान्य गलतियां कर बैठते हैं, जो उनकी पूरी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचा सकती हैं.अक्सर गलत प्लानिंग, अधूरी जानकारी और जल्दबाजी से किया गया निवेश घाटे का कारण बनता है.तो जानेंगे म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में लोग कहां पर गलतियां करते हैं.
1/11म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन जानकारी की कमी और जल्दबाजी कई बार निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचा देती है.असल में अक्सर लोग बिना रिसर्च किए फंड चुन लेते हैं या बाजार में उतार-चढ़ाव देखकर घबरा जाते हैं.तो कई बार निवेश का सही लक्ष्य तय न करना या समय से पहले निवेश रोक देना भी बड़ी गलती साबित होती है. अगर आप चाहते हैं कि आपका SIP वास्तव में लंबी अवधि में करोड़ों का फंड बनाए, तो इन गलतियों से बचना बेहद जरूरी है.
2/11आमतौर पर लोग म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट तो शुरू कर देते हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी गलती ये होती है कि उन्हें अपने इन्वेस्टमेंट का असली मकसद ही साफ पता नहीं होता है. जी हां अगर यह तय ना हो कि निवेश रिटायरमेंट के लिए है, बच्चों की पढ़ाई के लिए है या घर खरीदने के लिए, तो सही फंड और अवधि चुनना मुश्किल हो जाता है.तो इसलिए निवेश शुरू करने से पहले अपना फाइनेंशियल टारगेट जरूर तय करें और उसी आधार पर सही SIP प्लान चुनें.असल में यही तरीका लंबे समय में आपको सही रिटर्न दिला सकता है.
3/11बहुत से निवेशक म्यूचुअल फंड में जल्दी मुनाफे की उम्मीद रखते ही हैं और कुछ ही महीनों में अच्छा रिटर्न ना देखकर परेशान भीहो जाते हैं. जबकि सच यह है कि म्यूचुअल फंड लॉन्ग टर्म वाला खेल है, जहां कंपाउंडिंग की ताकत से आपका पैसा धीरे-धीरे बढ़ता है.ऐसे में छोटे समय में बाजार का उतार-चढ़ाव सामान्य है, इसलिए इससे घबराना नहीं चाहिए.आपके धैर्य और नियमित निवेश ही लंबी अवधि में बड़ी पूंजी बनाने की कुंजी है.
4/11किसी को नहीं पता होता है कि शेयर बाजार कब ऊपर जाएगा और कब नीचे आएगा.तो अगर आप बाजार की चाल देखकर अपना निवेश रोकते या शुरू करते हैं तो आप खुद ही 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा खो देते हैं. इससे गिरते दाम पर ज्यादा यूनिट्स खरीदने का मौका मिलता है. इसलिए बाजार चाहे कैसा भी हो, SIP को लगातार जारी रखना ही समझदारी है.
5/11म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने के बाद केवल स्थिर राशि जमा करना ही काफी नहीं होता है. असल में टाइम के साथ अपनी इनकम बढ़ने के अनुसार निवेश राशि बढ़ाना चाहिए ताकि वेल्थ क्रिएशन अधिकतम हो सके. इसके लिए SIP में टॉप-अप का ऑप्शन सबसे कारगर उपाय है. टॉप-अप करना लंबे समय में निवेश को ज्यादा रिटर्न देने वाला और फाइनेंशियल टारगेट के करीब ले जाने वाला साबित होता है.
6/11जब भी आप म्यूचुअल फंड का रिटर्न देखें, तो यह जरूरी है कि उसे महंगाई दर के मुकाबले जांचें.जी हां अगर आपका रिटर्न महंगाई से कम है, तो असल में आपकी पूंजी की शक्ति घट रही है. तो पारंपरिक बचत योजनाएं और एफडी लंबे समय में महंगाई को मात नहीं दे पातीं. इसलिए निवेशक को हमेशा ऐसे फंड का चयन करना चाहिए जो लंबी अवधि में महंगाई दर से बेहतर रिटर्न दे सके, जैसे कि इक्विटी म्यूचुअल फंड. हालांकि इसमें रिस्क ज्यादा रहता है, लेकिन सही प्लानिंग और टाइमिंग के साथ निवेश बेहतर रिटर्न देने में सक्षम होता है.
7/11म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करते टाइम हमेशा यह ध्यान रखें कि सारा पैसा केवल एक फंड या एक कंपनी में निवेश करना रिस्क से भरा हो सकता है.तो ऐसे में अगर वह फंड खराब प्रदर्शन करता है, तो आपका पूरा निवेश प्रभावित हो सकता है.इसलिए बेहतर प्लानिंग यह है कि निवेश को बाटें,यानी कि थोड़ा पैसा इक्विटी फंड में, थोड़ा डेट फंड में और अलग-अलग प्रकार के इक्विटी फंड (लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप) में लगाएं. ऐसा करने से जोखिम कम होगा और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ेगी.
8/11म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट केवल शुरू करना ही काफी नहीं होता है, समय-समय पर उसका रिव्यू भी जरूरी है. अगर आप निवेश करने के बाद कभी उसे चेक नहीं कर रहे हैं, तो यह बड़ी गलती हो सकती है. टाइम टू टाइम आपके फाइनेंशियल टारगेट बदल सकते हैं या कोई फंड खराब प्रदर्शन करने लगे.तो ऐसे में नियमित रूप से अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर फंड बदलें या रीबैलेंस करें ताकि निवेश सेफ और लाभदायक बना रहे.
9/11निवेशक ये खूब करते हैं कि किसी फंड के पिछले शानदार रिटर्न को देखकर बिना पूरी जानकारी लिए उसमें निवेश कर देते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि जो फंड कल अच्छा प्रदर्शन कर रहा था, वह आज भी वैसा ही रिटर्न दे,क्योंकि फ्यूचर में उसका रिटर्न कमजोर या अस्थिर हो सकता है. हमेशा म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले हमेशा फंड की पूरी जानकारी, उसकी इन्वेस्टमेंट प्लानिंग, रिस्क स्तर और प्रदर्शन का विश्लेषण करना जरूरी है.
10/11आमतौर पर लोग दूसरों को देखकर बिना सोचे-समझे म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट शुरू कर देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती हो सकती है.असल में हर इंसान की फाइनेंशियल जरूरतें, प्लानिंग और रिस्क सहने की क्षमता अलग होती है.तो इसलिए निवेश शुरू करने से पहले किसी प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि आपका पैसा सही दिशा में बढ़े और रिस्क भी कम रहे.
11/11म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट की सबसे आम और बड़ी चीज है गलत फैसले को ले लेना. असल में अनुशासन की कमी होने से कई बार लोग गलत फैसले ले लेते हैं.तो अगर आपके पास धैर्य और अनुशासन नहीं है तो कभी निवेश ना करें.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है.)