Mutual Fund Investment: म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले कुछ आम गलतियों से बचना बहुत ही जरूरी है.जी हां गलत फंड चुनना, जल्दी मुनाफे की उम्मीद, SIP बीच में बंद करना जैसी गलतियां आपके रिटर्न पर असर डाल सकती हैं.तो जानिए म्यूचुअल फंड निवेशकों को कौन-सी 7 बड़ी गलतियां कभी नहीं करनी चाहिए.
1/9म्यूचुअल फंड आज के टाइम में इन्वेस्टमेंट का सबसे फेमस ऑप्शन बन चुका है SIP के जरिए छोटी रकम से शुरुआत करके लोग लंबे टाइम में बड़ा फंड बनाने की कोशिश करते हैं. लेकिन कई बार निवेशक कुछ ऐसी मिस्टेक कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उन्हें उम्मीद के हिसाब से रिटर्न नहीं मिल पाता,स्पेशली नए निवेशक अक्सर बिना सही जानकारी के फैसले लेते हैं और बाद में नुकसान झेलना पड़ता है.तो अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या शुरू करने की सोच रहे हैं, तो इन 7 बड़ी गलतियों से जरूर बचना चाहिए, क्योंकि यही मिस्टेक आपके फंड के रोल पर असर डाल सकती हैं.
2/9कई लोग केवल यह सुनकर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना शुरू कर देते हैं कि इससे अच्छा रिटर्न मिलता है. लेकिन निवेश का सबसे पहला रूल है साफ टारगेट तय करना.जी हां अगर आपको पता ही नहीं कि इन्वेस्टमेंट किस मकसद से कर रहे हैं,जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदना तो सही फंड को चुनना मुश्किल हो जाता है.तो इसलिए निवेश से पहले अपना टारगेट और समय तय करना जरूरी है.
3/9म्यूचुअल फंड को अक्सर लोग शेयर मार्केट की तरह जल्दी पैसा बनाने का जरिया समझ लेते हैंय लेकिन सच यह है कि म्यूचुअल फंड लॉन्ग टर्म का इन्वेस्टमेंट होता है. तो अगर आप हर थोड़े समय में फंड का प्रदर्शन देखकर घबरा जाते हैं और पैसा निकाल लेते हैं, तो कंपाउंडिंग का फायदा नहीं मिल पाता है.
4/9कई निवेशक यह मिस्टेक कर देते हैं कि जिस फंड ने लास्ट साल अच्छा रिटर्न दिया, उसी में पैसा लगा देते हैं. लेकिन बाजार की स्थिति बदलती रहती है और हर साल एक जैसा प्रदर्शन जरूरी नहीं होता है.तो फंड चुनते टाइम फंड मैनेजर का अनुभव,फंड का ट्रैक रिकॉर्ड,रिस्क का स्तर पोर्टफोलियो की क्वालिटी जैसी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
5/9कुछ निवेशक बाजार में हलचल देखते ही अपना निवेश बदलने लगते हैं. कभी फंड बदलते हैं तो कभी SIP बंद कर देते हैं.तो आपकी यह आदत लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकती है.असल में म्यूचुअल फंड में धैर्य सबसे बड़ा हथियार होता है, बार-बार बदलाव करने से प्लानिंग कमजोर हो जा सकती है.
6/9कई लोग केवल इक्विटी फंड या केवल एक ही सेक्टर के फंड में निवेश कर देते हैं,इससे रिस्क बढ़ सकता है. इसलिए हमेशा बेहतर यही है कि निवेश को अलग-अलग फंड में बांटा जाए, जैसे-इक्विटी फंड,डेट फंड,हाइब्रिड फंड.इससे रिस्क कम होता है और पोर्टफोलियो बैलेंस रहता है.
7/9जब मार्केट गिरता है तो कई निवेशक डरकर अपनी SIP बंद कर देते हैं. जबकि असल में यही टाइम होता है जब कम कीमत पर ज्यादा यूनिट मिलती हैं.लंबी अवधि में रेगुलर SIP निवेश बाजार के उतार-चढ़ाव को बैलेंस करने में मदद करता है.
8/9वैसे म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के बाद उसे पूरी तरह भूल जाना भी सही नहीं होता है. जी हां हर 6 महीने या साल में एक बार अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू करना बहुत जरूरी होता है ताकि यह पता चल सके कि निवेश सही दिशा में बढ़ रहा है या नहीं.
9/9म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करते समय हमेशा लंबी अवधि का नजरिया रखें. आप मार्केट गिरे या उठे SIP को नियमित जारी रखें, इसके साथ ही जोखिम के हिसाब से फंड चुनें. किसी भी फंड में निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें.जी हां म्यूचुअल फंड सही तरीके से किया जाए तो यह धन बनाने का मजबूत ऑप्शन बन सकता है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)