अगर आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टेमेंट करने जा रहे हैं, तो मात्र रिटर्न देखकर फैसला लेना भारी गलती हो सकती है.आमतौर परलोग यही करते हैं और फिर बाद में पछताते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप एक ‘गोल्डन चेकलिस्ट’ को समझें, जो आपके निवेश को सुरक्षित रखने में मदद करेगी. तो जानेंगे निवेश के लिए खोज रहे सही म्यूचुअल फंड के दौरान कौन से 8 बातें कभी ना भूलें.
1/10"भाई, इस फंड ने तो एक साल में 50% का रिटर्न दिया है, सारा पैसा इसी में लगा दे" ये लाइन सुनकर ही अक्सर लोग अपनी मेहनत की कमाई को आंख बंद करके किसी भी म्यूचुअल फंड में लगा देते हैं. जिसका नतीजा होता है मुनाफा की जगह नुकसान को गले लगाना.
2/10कभी भी केवल पिछले साल का अच्छा रिटर्न देखकर निवेश करना आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती है. तो आज हम आपको वो 8 'गोल्डन रूल्स' बताने जा रहे हैं, जिन्हें जाने बिना अगर आपने एक रुपया भी लगाया, तो आपका करोड़पति बनने का सपना, सपना ही रह जाएगा.
3/10म्यूचुअल फंड में कभी भी इन्वेस्टमेंट से पहले सबसे पहले खुद से पूछें कि आप पैसा क्यों लगा रहे हैं? बेटी की शादी के लिए? रिटायरमेंट के लिए? या फिर गाड़ी खरीदने के लिए? हमेशा आपका मकसद ही तय करेगा कि आपको इक्विटी फंड लेना है या डेट फंड.
4/10आपको पता होना चाहिए कि क्या आप बाजार गिरने पर आपका मन शांत रह सकता? अगर हां, तो आप हाई-रिस्क वाले स्मॉल-कैप फंड ले सकते हैं. अगर नहीं, तो लार्ज-कैप या बैलेंस्ड फंड आपके लिए बेहतर हो सकते हैं.
5/10केवल 1 साल का नहीं, बल्कि 3, 5, और 10 साल का प्रदर्शन देखकर ही फंड में निवेश करने का प्लान कर चाहिए. जितना लंबा रिटर्न देखकर निवेश करेंगे उतना ही ज्यादा फायदा आपको फ्यूचर में मिलेगा.
6/10एक्सपेंस रेश्यो फंड को चलाने का सालाना खर्चा होता है, जो आपकी कमाई से कटता है. निवेश से पहले इसको जरूर समझें.ध्यान रखें कि जिस फंड का एक्सपेंस रेश्यो जितना कम होगा, आपकी जेब में उतना ही ज्यादा पैसा आएगा.
7/10ध्यान में रखें कि AUM बताता है कि लोगों ने उस फंड में कुल कितना पैसा लगाया है.हमेशा बहुत ज्यादा AUM वाले फंड की प्लानिंग बदलने में मुश्किल हो सकती है, जबकि बहुत कम AUM वाला फंड जोखिम भरा हो सकता है.
8/10निवेश के बाद हमेशा देखें कि फंड ने आपका पैसा किन-किन कंपनियों में लगाया है. क्या उसने सिर्फ 2-4 कंपनियों पर ही दांव लगाया है या उसे अच्छी तरह से अलग-अलग सेक्टर में बांटा है? आपको अपने पोर्टफोलियो पर नजर रखना चाहिए.
9/10म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को एग्जिट लोड के बारे में पता होना चाहिए. जी हां अगर आप एक निश्चित समय (आमतौर पर 1 साल) से पहले पैसा निकालते हैं, तो कुछ फंड आपसे पेनल्टी वसूलते हैं, इसी को एग्जिट लोड कहते हैं, यह निवेश से पहले यह जरूर देखें.
10/10फंड से होने वाली कमाई पर सरकार को टैक्स भी देना होता है. आपको बता दें कि शॉर्ट-टर्म (1 साल से पहले) बेचने पर ज्यादा टैक्स लगता है और लॉन्ग-टर्म (1 साल के बाद) पर कम.आप हमेशा इसे समझे बिना निवेश ना करें..(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)