Mutual Fund Investment Mistake: सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में इन्वेस्टमेंट करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि लोग म्यूचुअल फंड में निवेश के दौरान कुछ ऐसी गलती कर देते हैं कि बाद में पछताना पड़ जाता है.यहां हम म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कभी निवेशकों को नहीं करना चाहिए.
1/10म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों की सबसे बड़ी गलती होती है कि वो समझ नहीं पाते क्यों निवेश शुरू कर रहे हैं. जी हां अगर आपको यही नहीं पता होगा कि आप SIP क्यों कर रहे हैं (घर खरीदना, रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई?), तो आप कभी भी सही फंड और सही अवधि नहीं चुन पाएंगे. ऐसे में सबसे पहले अपने वित्तीय टारगेट को तय करें और फिर उसी के हिसाब से म्यूचुअल फंड ने निवेश शुरू करें.
2/10अक्सर लोग म्यूचुअल फंड से जल्दी मुनाफा कमाने की उम्मीद रखते हैं और कुछ महीनों में ही अच्छा रिटर्न ना मिलता देखकर निराश हो जाते हैं. तो बता दें कि म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत से पैसा बनाता है. शॉर्ट टर्म में बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराना गलत है.
3/10शेयर मार्केट कब ऊपर जाएगा, कब नीचे, यह कोई नहीं बता सकता है. तो शेयर मार्केट देखकर इसको रोकने या शुरू करने से आप 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा खुद ही खो देते हैं. जिससे आपको कम दाम पर ज्यादा यूनिट्स खरीदने का मौका मिलता है,ऐसे में हमेशा बाजार कैसा भी हो, इसको जारी रखें.
4/10अक्सर इसमें निवेश शुरू कर रहे हैं, तो समय के साथ निवेश की राशि को भी बढ़ाएं. जी हां इनकम बढ़ने के साथ, वेल्थ क्रिएशन को अधिकतम करने के लिए योगदान करें. इन्वेस्टमेंट को ऑटोमेटिक रूप से बढ़ाने के लिए टॉप-अप के ऑप्शन को चुनें.
5/10हमेशा ये ध्यान रखें कि आप आज जो रिटर्न देख रहे हैं, क्या वह महंगाई दर से ज्यादा है? अगर नहीं, तो असल में आपका पैसा बढ़ नहीं रहा, घट रहा है. जी हां सिर्फ FD या पारंपरिक बचत स्कीम्स से महंगाई को मात देना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में हमेशा ऐसे फंड में इन्वेस्टमेंट करें जो लॉन्ग टाइम में महंगाई दर से कहीं ज्यादा रिटर्न दे सके, जैसे कि इक्विटी म्यूचुअल फंड (जोखिम के अधीन).
6/10म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले हमेशा ध्यान रखें कि अपना सारा पैसा सिर्फ एक ही तरह के फंड या एक ही कंपनी के फंड में लगा देना जोखिम से भरा साबित हो सकता है. ऐसी स्थिति में होता ये है कि अगर वह फंड अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया, तो आपका पूरा निवेश खतरे में पड़ सकता है. तो हमेशा कोशिश करें कि आप थोड़ा पैसा इक्विटी में, थोड़ा डेट में, या अलग-अलग तरह के इक्विटी फंड (लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप) में बांटकर लगाएं.
7/10अगर आप एक बार इसमें निवेश करके दोबारा फिर पलटकर कभी इसको चेक ही नहीं कर रहे हैं तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं. जी हां समय के साथ आपके लक्ष्य बदल सकते हैं, या कोई फंड खराब प्रदर्शन करने लग सकता है.तो टाइम टू टाइम चेक करना ना भलें और जरूरत हो तो उसमें बदलाव करें या रीबैलेंस करें.
8/10अक्सर ऐसा होता है कि लोग किसी एक फंड का पिछला शानदार रिटर्न देखकर उसमें ही बिना सोचे समझें इन्वेस्टमेंट कर देते हैं.लेकिन जरूरी तो नहीं है कि जो फंड कल अच्छा चला है, वह आज भी वैसा ही प्रदर्शन करे और फ्यूचर में तगड़ा रिटर्न दे.ऐसे में हमेशा सारी जानकारी लेकर फंड में निवेश करना ही बेस्ट होता है.
9/10अक्सर दूसरों को देखकर लोग म्यूचुअल फंड में बिना जानकारी के निवेश कर देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती हो सकती है. वो इसलिए क्योंकि हर किसी की वित्तीय ज़रूरतें, लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता अलग होती है. तो निवेश से पहले किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लें.
10/10म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोग जो गलती करते हैं वो है, अनुशासन की कमी का होना.अगर आपके पास धैर्य और अनुशासन नहीं है तो कभी निवेश ना करें.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है.)