Best Mutual Funds: भारत की आर्थिक मजबूती और लॉन्ग टर्म में विकास की कहानी पर भरोसा जताते हुए निवेशकों ने एक बार फिर म्यूचुअल फंड्स की ओर रुख किया है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में लगभग ₹8,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में उन्होंने बिकवाली का रुख अपनाया था, लेकिन अब वैश्विक व्यापार माहौल में सकारात्मक संकेत और भारत की मजबूत आर्थिक नींव ने फिर से निवेशकों का भरोसा लौटाया है.
1/5इसी भरोसे की मिसाल है Nippon India Growth Mid-Cap Fund, जिसने पिछले 29 वर्षों में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिए हैं. यह फंड 10 अगस्त 1995 को लॉन्च हुआ था और तब से यह सालाना औसतन 22% का रिटर्न देता आ रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि अगर किसी निवेशक ने इसकी शुरुआत में सिर्फ ₹1,947 की मासिक SIP शुरू की होती, तो आज उसकी कुल वैल्यू ₹3.77 करोड़ हो चुकी होती.
2/5इस कैलकुलेशन के अनुसार, निवेशक का कुल इन्वेस्टेड अमाउंट ₹6,77,556 होता और उसपर ब्याज के रूप में मिले होते ₹3,70,52,429 — यानी करीब 55 गुना रिटर्न. यह इस बात का जीवंत उदाहरण है कि लंबे समय तक संयम और अनुशासित निवेश कैसे जबरदस्त संपत्ति बना सकता है.
3/5इस फंड ने मिड-कैप कंपनियों में निवेश करते हुए शानदार बैलेंस बनाया है. भारत में मिड-कैप कंपनियां तेजी से ग्रो करने की क्षमता रखती हैं और जब देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विकास होता है, तो ऐसे फंड में निवेश करना बेहद फायदेमंद साबित होता है.
4/5Nippon India Growth Mid-Cap Fund ने न केवल बाजार की उतार-चढ़ाव भरी चाल में टिके रहकर रिटर्न दिया है, बल्कि यह उन निवेशकों के लिए प्रेरणा भी है जो लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने की सोच रहे हैं.
5/5अगर आप भी भारत की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा करते हैं, तो ऐसे म्यूचुअल फंड्स आपके पोर्टफोलियो में ज़रूर होने चाहिए. यह केस स्टडी बताती है कि छोटी रकम से शुरू किया गया निवेश समय के साथ किस तरह करोड़ों में बदल सकता है — बस ज़रूरत है धैर्य, अनुशासन और सही फंड के चयन की.