Mutual Fund SIP Closed: भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव ने अब निवेशकों के भरोसे को भी झटका देना शुरू कर दिया है. इसका सबसे बड़ा असर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) पर देखने को मिल रहा है, जिसे अब तक लॉन्ग टर्म और सुरक्षित निवेश का साधन माना जाता था. मार्च 2025 की तिमाही में SIP की नई रजिस्ट्रेशन में गिरावट और मौजूदा SIPs के बंद होने की रफ्तार ने मार्केट एक्सपर्ट को भी चौंका दिया है.
1/52024 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान जब बाजार में तेजी थी, हर महीने औसतन 6.77 लाख नई SIPs रजिस्टर्ड हो रही थीं. लेकिन 2025 की पहली तिमाही में ट्रेंड पलट गया. अब हर महीने औसतन 8.9 लाख SIP अकाउंट्स बंद हो रहे हैं. सिर्फ मार्च 2025 में नई SIP रजिस्ट्रेशन घटकर 4.02 लाख रह गई, जो फरवरी की तुलना में 10% कम है.
2/5SIP अकाउंट्स की कुल संख्या मार्च के अंत तक 100.5 मिलियन रही. जुलाई 2024 में जहां नेट SIP ग्रोथ +3.9% थी, वहीं मार्च 2025 में यह आंकड़ा -1.1% तक गिर गया है. यानी जितने नए निवेशक जुड़ रहे हैं, उससे ज्यादा लोग SIP से बाहर हो रहे हैं.
3/5मार्केट गिरावट की शुरुआत 27 सितंबर 2024 से मानी जा रही है, जब से Nifty 9.6%, मिडकैप 14% और स्मॉलकैप 17% तक टूट चुके हैं. इसी के साथ थीम बेस्ड और हाई-रिस्क फंड्स जैसे डिफेंस, टूरिज्म और माइक्रो-कैप फंड्स में निवेश करने वाले कई निवेशक अब नुकसान झेल रहे हैं.
4/5इन आंकड़ों को देखकर घबराने वाली कोई बात नहीं है. अगर आप नोटिस करेंगे तो कुछ नए SIP भी शुरू हुए हैं, जिसमें लोगों ने हाई रिस्क फंड से कम रिस्क वाले म्यूचुअल फंड में अपना पैसा ट्रांसफर किया है.
5/5मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि SIP को बंद करना समझदारी नहीं होगी. गिरते बाजार में सस्ते NAV पर यूनिट खरीदने का मौका मिलता है, जिससे लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न मिल सकता है. SIP का असली फायदा तभी मिलता है जब आप बाजार के उतार-चढ़ाव में भी निवेश जारी रखें.