SBI MF का डबल धमाका! लॉन्च किए 2 नए ETF, मात्र ₹5000 से स्मॉलकैप और वैल्यू स्टॉक्स में निवेश का मौका

NFO Alert: NFO के दौरान इन दोनों ETF में न्यूनतम आवेदन राशि 5,000 रुपये है और इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है. विरल छडवा दोनों ईटीएफ के फंड मैनेजर हैं.
SBI MF का डबल धमाका! लॉन्च किए 2 नए ETF, मात्र ₹5000 से स्मॉलकैप और वैल्यू स्टॉक्स में निवेश का मौका

पैसिव इनकम वालों के लिए ये ETFs पोर्टफोलियो के लिए एक विकल्प बन सकते हैं. (फोटो सोर्स: File Image)

NFO Alert: देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों में शामिल एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) ने निवेशकों के लिए दो नए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) लॉन्च किए हैं. इनमें से पहला- एसबीआई निफ्टी 200 वैल्यू 30 ईटीएफ (SBI Nifty200 Value 30 ETF) है और दूसरा- एसबीआई निफ्टी स्मॉलकैप 250 ईटीएफ (SBI Nifty Smallcap 250 ETF) है. दोनों स्कीम्स का NFO 7 मई से खुल चुका है और 18 मई को बंद होगा.

निवेशकों के लिए यह क्यों अहम है?

यह लॉन्च ऐसे समय आया है जब पैसिव इन्वेस्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. निवेशक कम लागत वाले विकल्प तलाश रहे हैं. स्मॉलकैप और वैल्यू थीम में लंबी अवधि की ग्रोथ की उम्मीद बनी हुई है.

SBI MF का यह कदम उन निवेशकों को टारगेट करता है जो इंडेक्स आधारित निवेश चाहते हैं, लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन का मौका तलाश रहे हैं और एक्टिव फंड मैनेजर रिस्क कम रखना चाहते हैं.

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1. SBI Nifty Smallcap 250 ETF

यह फंड उन निवेशकों के लिए है जो भविष्य की बड़ी कंपनियों में आज निवेश करना चाहते हैं. यह निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स को ट्रैक करेगा, जिसमें देश की 250 स्मॉल (रैंक 251 से 500 वाली) कंपनियां शामिल हैं. स्मॉलकैप सेगमेंट में लंबी अवधि में ग्रोथ की काफी संभावनाएं होती हैं.

इसका मतलब यह ETF उन छोटी कंपनियों में निवेश करेगा जिनमें-

  • लंबी अवधि में तेज ग्रोथ की संभावना
  • हाई रिस्क लेकिन हाई रिटर्न की क्षमता
  • उभरते बिजनेस मॉडल हो सकते हैं.
SBI Nifty 250 Smallcap ETF

2. SBI Nifty200 Value 30 ETF

यह फंड उन निवेशकों के लिए है जो ऐसी कंपनियों में पैसा लगाना चाहते हैं जिनकी कीमत वर्तमान में उनके असली वैल्यू से कम है. यह निफ्टी 200 की टॉप 30 ऐसी कंपनियों को चुनता है जिनका डिविडेंड यील्ड अच्छा है और सेल्स-टू-प्राइस रेश्यो मजबूत है. यह 'वैल्यू इन्वेस्टिंग' की रणनीति पर काम करता है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव में स्थिरता प्रदान करती है.

यह ETF उन कंपनियों पर फोकस करेगा जो-

  • फंडामेंटली मजबूत हैं
  • अपेक्षाकृत सस्ते वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं
  • लंबी अवधि में री-रेटिंग का फायदा दे सकती हैं
SBI Nifty 200 Value ETF

कितना निवेश करना होगा?

  • NFO के दौरान इन दोनों ETF में न्यूनतम आवेदन राशि 5,000 रुपये है और इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है. विरल छडवा दोनों ईटीएफ के फंड मैनेजर हैं.
डीटेल
AMCएसबीआई म्यूचुअल फंड
एनएफओ लॉन्च डेट7 मई 2026
एनएफओ क्लोज डेट18 मई 2026
मिनिमम निवेश₹5,000
ETFSBI Nifty200 Value 30 ETF
SBI Nifty Smallcap 250 ETF
फोकसवैल्यू + स्मॉलकैप इन्वेस्टिंग

निवेश की रणनीति

  • SBI Nifty Smallcap 250 ETF और SBI Nifty200 Value 30 ETF, दोनों फंड अपने एसेट्स का 95% से 100% हिस्सा सीधे इंडेक्स की कंपनियों में निवेश करेंगे. बाकी 5% हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) या लिक्विड फंड्स में रखा जा सकता है.

क्या निवेश करना चाहिए?

  • अगर आप पैसिव इन्वेस्टिंग पसंद करते हैं, लॉन्ग-टर्म अवधि रखते हैं और डाइवर्सिफाइड एक्सपोजर चाहते हैं, तो ये ETFs आपके पोर्टफोलियो के लिए एक विकल्प बन सकते हैं. हालांकि, निवेश से पहले अपने रिस्क प्रोफाइल और फाइनेंशियल गोल्स जरूर समझें,

निष्कर्ष

आज के समय में 'पैसिव इन्वेस्टिंग' पोर्टफोलियो बनाने का एक अहम हिस्सा बन गया है. ये फंड निवेशकों को बाजार के अलग-अलग सेगमेंस्ट (जैसे वैल्यू और स्मॉलकैप) में बिना किसी परेशानी के डाइवर्सिफिकेशन का मौका देते हैं.

(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं. निवेश करने से पहले स्कीम से जुड़े सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें.)

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 ETF और म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?

ETF को आप स्टॉक मार्केट में शेयरों की तरह कभी भी खरीद और बेच सकते हैं. इसके लिए आपके पास डीमैट खाता होना अनिवार्य है.

Q2 'वैल्यू 30' इंडेक्स का क्या मतलब है?

यह इंडेक्स निफ्टी 200 की ऐसी 30 कंपनियों को चुनता है जो फंडामेंटल्स के आधार पर 'वैल्यू' वाली मानी जाती हैं.

Q3 स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में किन कंपनियों को जगह मिलती है?

इसमें मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर 251वीं से लेकर 500वीं रैंक वाली 250 कंपनियां शामिल होती.

Q4 इन फंड्स का रिस्क लेवल क्या है?

स्मॉलकैप फंड्स में उतार-चढ़ाव अधिक होता है, इसलिए इसमें रिस्क ज्यादा होता है. वहीं, वैल्यू फंड्स थोड़े स्थिर हो सकते हैं लेकिन उनमें भी बाजार का जोखिम रहता है.

Q5 क्या इसमें कोई एग्जिट लोड लगता है?

ये ETF हैं और स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं, इसलिए इनमें आमतौर पर कोई एग्जिट लोड नहीं होता, लेकिन आपको ब्रोकरेज और अन्य ट्रांजैक्शन चार्ज देने पड़ सकते हैं.

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