NFO Alert: कमाई का मौका! ₹5,000 से निवेश शुरू, लॉन्ग-टर्म में बनेगी वेल्थ

NFO Alert: PGIM India Mutual Fund ने पीजीआईएम इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड फंड पेश किया है.यह NFO सब्सक्रिप्शन के लिए 11 नवंबर से खुल चुका है और इसमें 25 नवंबर तक निवेश किया जा सकता है.
NFO Alert: कमाई का मौका! ₹5,000 से निवेश शुरू, लॉन्ग-टर्म में बनेगी वेल्थ

NFO Alert: पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने न्यू फंड ऑफर (NFO) पीजीआईएम इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड (PGIM India Multi Asset Allocation Fund) पेश किया है. यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य लंबे समय में निवेशकों की दौलत में इजाफा करना है. इसके लिए यह फंड कई तरह की एसेट क्लास सोच-समझकर निवेश करके डाइवर्सिफाई लाएगा.

25 नवंबर को बंद होगा NFO

यह नया फंड ऑफर (NFO) सब्सक्रिप्शन के लिए 11 नवंबर से खुल चुका है और यह 25 नवंबर, 2025 को बंद होगा. स्कीम 3 दिसंबर, 2025 से, फिर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा.

₹5,000 से निवेश शुरू

  • न्यूनतम निवेश- इस फंड में कम से कम 5,000 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है.
  • अतिरिक्त निवेश- कम से कम 1,000 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में.
  • एग्जिट लोड- यूनिट मिलने के 90 दिनों के अंदर बेचने पर 0.50% शुल्क, 90 दिनों के बाद बेचने पर कोई शुल्क नहीं.

कई तरह की एसेट क्लास में निवेश का मौका

यह फंड निवेशकों को कई तरह की एसेट क्लास में निवेश का मौका देगा, जैसे कि शेयर, डेट, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs), सिल्वर ईटीएफ (Silver ETFs), रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs). इस फंड में, बाजार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से, निवेश को इन एसेट क्लास के बीच बदला जाता रहेगा.

NFO: DSP MF ने लॉन्च किया MSCI India ETF, ₹5000 से निवेश शुरू, मिलेगा डाइवर्सिफाइड मार्केट एक्सपोजर

किनके लिए बेहतर है ये स्कीम

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अभिषेक तिवारी ने कहा कि, PGIM India Multi Asset Allocation Fund निवेशकों को बाजार की अनिश्चितता से निकलने में मदद करने और साथ ही सभी एसेट क्लास में अवसरों को पकड़ने के लिए बनाया गया है.

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीआईओ विनय पहारिया ने कहा कि, अनिश्चितता से भरी दुनिया में, मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड स्पष्टता, डाइवर्सिफिकेशन और लचीलापन प्रदान करते हैं. बाजार में भारी उतार-चढ़ाव होने पर, डाइवर्सिफिकेशन सिर्फ एक रणनीति नहीं है, बल्कि एक जरूरत है. पीजीआईएम मल्टी एसेट एलोकेशन फंड इसी जरूरत को पूरा करने की कोशिश करता है.

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर फंड मैनेजर- इक्विटी, विवेक शर्मा ने कहा कि मल्टी एसेट अलोकेशन फंड का लक्ष्य बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान भी संतुलित और बेहतर परिणाम देना है. इक्विटी, डेट और कमोडिटीज (जैसे सोना और चांदी) को मिलाकर यह फंड लंबे समय में मजबूत ग्रोथ देने और नुकसान के जोखिम को कम करने का प्रयास करता है.

क्यों चुनें मल्टी एसेट?

बहुत से निवेशक अपना निवेश पुराना प्रदर्शन देखकर करते हैं. वे उन जगहों पर पैसा लगाते हैं, जहां हाल ही में अच्छे रिटर्न मिले हों. इसी ट्रेंड के कारण वे अक्सर कमजोर प्रदर्शन वाले निवेश बेच देते हैं और उन विकल्पों में निवेश करते हैं, जिनकी कीमत पहले ही बहुत बढ़ चुकी होती है. इससे लंबे समय में कम रिटर्न मिल सकता है.

NFO: ₹500 की SIP से निवेश शुरू; ग्रामीण भारत की ग्रोथ पर बनेगा पैसा, जानिए पूरी डीटेल

आमतौर पर, जब किसी एसेट क्लास में तेज बढ़त होती है, तो बहुत सारे लोग उसमें पैसा लगाने लगते हैं, इसका मतलब है कि अधिकतर लोग तब निवेश करते हैं जब कीमतें पहले से ही काफी ऊपर जा चुकी होती हैं. दूसरी तरफ, जब बाजार गिरता है या प्रदर्शन कमजोर होता है, लोग जल्दी से निवेश बेच देते हैं. यह तरीका यानी महंगा खरीदना और सस्ता बेचना, निवेश पोर्टफोलियो को लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है.

बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव को देखकर बार-बार निवेश बदलने के बजाय, बेहतर है कि निवेशक एक स्थिर, लॉन्ग टर्म रणनीति अपनाएं. यह भावनात्मक फैसले कम करता है और निवेश को संतुलित बनाता है.

मल्टी एसेट एलोकेशन फंड के फायदे

अलग-अलग तरह का प्रदर्शन- अलग-अलग आर्थिक परिस्थितियों में, अलग-अलग एसेट क्लास का प्रदर्शन भी अलग-अलग होता है.

इक्विट और डेट- शेयर लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए बहुत अच्छे विकल्प हैं, लेकिन बाजार के गिरावट वाले दौर के दौरान ये लगभग कोई सुरक्षा नहीं देते.जबकि, डेट स्थिर रिटर्न दे सकता है, लेकिन यह बाजार के तेजी वाले दौर का फायदा उठाने में पीछे रह जाता है.

कीमती धातुएं (जैसे सोना-चांदी)- बाज़ार में गिरावट आने पर कीमती धातुएं ज्यादा सुरक्षा दे सकती हैं.

रिस्क एडजस्टेड रिटर्न- प्रमुख एसेट क्लास के मिक्स वाला एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो लंबी अवधि में जोखिम को नियंत्रित करते हुए अच्छा रिटर्न पाने में मदद कर सकता है.

टैक्स बेनिफिट- अगर फंड द्वारा इक्विटी में निवेश 65% या उससे ज्यादा है, तो इसे इक्विटी-ओरिएंटेड माना जाता है, जिससे टैक्स में फायदा मिल सकता है.

भावनात्मक नियंत्रण- प्रोफेशनल मैनेजमेंट के कारण समय-समय पर सही तरीके से निवेश को बदलने और भावनात्मक फैसलों से बचने में मदद मिलती है

कीमती धातुओं में रणनीतिक निवेश- कीमती धातुओं में समझदारी से निवेश किया जाता है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से शेयर बाजार की गिरावट के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया है.

PGIM

फंड मैनेजर

इस योजना के फंड मैनेजर्स विवेक शर्मा (इक्विटी हिस्सा), आनंदा पद्मनाभन अंजनैय्या (इक्विटी हिस्सा), उत्सव मेहता (इक्विटी हिस्सा), पुनीत पाल (डेट हिस्सा) इस फंड की तुलना (बेंचमार्क) इन इंडेक्स के मिक्स से की जाएगी- निफ्टी 500 टीआरआई का 60% क्रिसिल शॉर्ट टर्म बॉन्ड इंडेक्स का 20% सोने की घरेलू कीमतों का 10% चांदी की घरेलू कीमतों का 10%.

अन्य प्रमुख बातें

प्लान- आईडीसीडब्ल्यू (IDCW)- इनकम डिस्ट्रीब्यूशन / कैपिटल विद्ड्रॉल विकल्प- पैसा निकाला जा सकता है या दोबारा निवेश हो सकता है.
ग्रोथ विकल्प- जहां होने वाली कमाई को दोबारा निवेश होती है.

FAQs

Q1. यह NFO क्या है?
PGIM India Multi Asset Allocation Fund एक ओपन-एंडेड मल्टी-एसेट एलोकेशन स्कीम है.

Q2. NFO कब खुला है और कब बंद होगा?
यह एनएफओ सब्सक्रिप्शन के लिए 11 नवंबर को खुल चुका है और 25 नवंबर को बंद होगा.

Q3. न्यूनतम निवेश कितना है?
इस योजना में कम से कम 5000 रुपए से निवेश शुरू कर सकते हैं.

Q4.क्या इसमें एग्जिट लोड है?
90 दिनों के अंदर बेचने पर 0.50% और 90 दिनों के बाद: कोई एग्जिट लोड नहीं है.

Q5. यह फंड किन-किन एसेट क्लास में निवेश करता है?
फंड कई एसेट क्लास में निवेश करता है, जैसे- इक्विटी, डेट, गोल्ड ETF, सिल्वर ETF, REITs और InvITs.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

Add Zee Business as a Preferred Source