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आज के समय में सिर्फ अच्छी नौकरी या ठीक-ठाक कमाई होना ही काफी नहीं है. जितनी तेजी से महंगाई बढ़ रही है, उसी तेजी से पैसे को बढ़ाना भी जरूरी हो गया है. मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह चुनौती और भी बड़ी हो जाती है, क्योंकि आमदनी सीमित होती है और जिम्मेदारियां ज्यादा. ऐसे में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बड़ा फंड बनाना उनके बस की बात नहीं है. लेकिन सच्चाई यह है कि सही आदत और सही प्लानिंग से छोटी बचत भी बड़ा कमाल कर सकती है. अगर आप भी सोच रहे हैं कि ज्यादा निवेश के बिना बड़ा फंड कैसे बने, तो जवाब आपकी रोज की छोटी बचत में छिपा है...
अक्सर हम यह मान लेते हैं कि निवेश तभी संभव है जब जेब में ढेर सारा पैसा हो. इसी सोच की वजह से लोग निवेश को टालते रहते हैं. लेकिन हकीकत यह है कि बड़ा फंड एक दिन में नहीं बनता, बल्कि रोज के छोटे फैसलों से तैयार होता है. रोज 200 रुपये बचाना कोई भारी बोझ नहीं है. यह रकम हम अक्सर अनजाने में चाय, सिगरेट, फास्ट फूड या ऑनलाइन ऑर्डर में खर्च कर देते हैं. अगर यही 200 रुपये रोज बचाकर भविष्य के लिए लगा दिए जाएं, तो यही छोटी आदत कुछ सालों में आर्थिक आजादी की तरफ ले जा सकती है.
आज के दौर में निवेश पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. म्यूचुअल फंड SIP ने आम आदमी को भी निवेश की ताकत दे दी है. अब निवेश के लिए बड़े चेक या लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं. आप हर दिन 200 रुपए भी जमा करते हैं तो महीने में 6000 रुपए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. इसका फायदा यह है कि आपको निवेश का दबाव महसूस नहीं होता. पैसे धीरे-धीरे कटते रहते हैं और आपको पता भी नहीं चलता कि कब एक अच्छा-खासा फंड तैयार हो गया.
अब सवाल आता है कि आखिर रोज की इतनी छोटी बचत से 25 लाख रुपये कैसे बन सकते हैं. अगर आप रोज 200 रुपये निवेश करते हैं, तो महीने में लगभग 6,000 रुपये और साल में करीब 72,000 रुपये का निवेश हो जाता है. अगर आप यह निवेश लगातार 14 साल तक करते हैं और औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपकी कुल जमा रकम करीब 10 लाख रुपये होगी. लेकिन कंपाउंडिंग की वजह से आपके पैसे पर पैसा बनता रहेगा और रिटर्न के रूप में लगभग 15–16 लाख रुपये जुड़ सकते हैं. इस तरह अंत में आपका फंड करीब 25 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.
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SIP मिडिल क्लास परिवारों के लिए इसलिए खास है क्योंकि यह उनकी जीवनशैली में आसानी से फिट हो जाती है. लंबी अवधि के लिए निवेश करने से बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है. जब बाजार ऊपर होता है, तो कम यूनिट मिलती हैं और जब बाजार नीचे होता है, तो ज्यादा यूनिट मिल जाती हैं.

यह समझना बहुत जरूरी है कि म्यूचुअल फंड कोई रातोंरात अमीर बनने की स्कीम नहीं है. इसमें समय देना पड़ता है. बीच में बाजार गिर सकता है, लेकिन अगर आप घबराकर निवेश बंद नहीं करते और धैर्य बनाए रखते हैं, तो लंबे समय में इसका फायदा जरूर मिलता है. जैसे-जैसे आपकी आमदनी बढ़े, वैसे-वैसे SIP की रकम बढ़ाना भी एक समझदारी भरा कदम हो सकता है. इससे आपका फंड और तेजी से बढ़ेगा.
हां, SIP इसलिए खास है क्योंकि इसमें छोटी रकम से भी निवेश शुरू किया जा सकता है और समय के साथ यह बड़ा फंड बना सकती है.
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन लंबी अवधि में SIP बाजार के जोखिम को काफी हद तक संतुलित कर देती है.
SIP जितना लंबा चले, उतना ज्यादा फायदा होता है. 10–15 साल का समय SIP के लिए आदर्श माना जाता है.
हां, SIP पूरी तरह फ्लेक्सीबल इंवेस्टमेंट है, जरूरत पड़ने पर आप इसे रोक भी सकते हैं, दोबारा शुरू भी कर सकते हैं.
SIP बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए जोखिम होता है, लेकिन सही फंड और लंबी अवधि से जोखिम काफी कम किया जा सकता है.