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"म्यूचुअल फंड फोलियो अब होंगे और भी सुरक्षित. (Image- AI)
Mutual Funds: डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते खतरों के बीच मार्केट रेगुलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सिक्योरिजी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘वॉलेंट्री डेबिट फ्रीज सुविधा’ शुरू करने की घोषणा की है. इसके तहत निवेशक अब अपने म्यूचुअल फंड फोलियो को लॉक कर सकेंगे.
मार्केट रेगुलेटर के मुताबिक, यह सुविधा केवल उन निवेशकों के लिए होगी जिनका केवाईसी (KYC) पूरा है और जिनके वैध ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर दर्ज हैं.
म्यूचुअल फंड फोलियो लॉक करने की सुविधा पहले चरण में रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) के जरिये ‘एमएफ सेंट्रल’ प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी.
म्यूचुअल फंड उद्योग संगठन ‘Amfi’ को फोलियो लॉक और अनलॉक करने की विस्तृत प्रक्रिया तय करने का निर्देश दिया गया है. यह भी तय किया जाएगा कि लॉक अवधि के दौरान कौन-कौन से फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांसजेक्शन की मंजूरी होगी.
सेबी ने कहा कि सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMC) और RTA इस सुविधा को अपनाने की प्रक्रिया और लॉक अवधि के दौरान लेनदेन पर इसके प्रभाव से जुड़ी जानकारी अपनी वेबसाइट और अतिरिक्त सूचना विवरण (SAI) में सार्वजनिक करेंगे.
सवाल: म्यूचुअल फंड फोलियो लॉक सुविधा क्या है?
जवाब: यह एक नई सुरक्षा सुविधा है, जिसके तहत निवेशक अपने म्यूचुअल फंड फोलियो को लॉक कर सकते हैं.
सवाल: यह सुविधा किसने शुरू की है?
जवाब: यह सुविधा बाजार नियामक SEBI ने निवेशकों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए शुरू की है.
सवाल: यह सुविधा कब से लागू होगी?
जवाब: यह सुविधा 30 अप्रैल से लागू होगी.
सवाल: क्या यह सुविधा सभी निवेशकों के लिए उपलब्ध होगी?
जवाब: हां, यह सुविधा डीमैट और बिना डीमैट दोनों तरह के म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए उपलब्ध होगी.
सवाल: निवेशक फोलियो को कहां से लॉक कर सकेंगे?
जवाब: पहले चरण में निवेशक MF Central प्लेटफॉर्म के जरिए फोलियो लॉक कर सकेंगे.
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