निवेश का नया गुरुमंत्र: जब इक्विटी बाजार में दिखी सुस्ती, तब इन मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने मचाई धूम!

Best Multi Asset Allocation Fund Returns: म्यूचुअल फंड निवेश में मल्टी एसेट फंड्स ने इक्विटी और हाइब्रिड फंड्स को पीछे छोड़ दिया है. जानिए कैसे सोना और चांदी इन फंड्स की सफलता के पीछे की बड़ी वजह बने.
निवेश का नया गुरुमंत्र: जब इक्विटी बाजार में दिखी सुस्ती, तब इन मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने मचाई धूम!

निवेश की दुनिया में एक पुरानी कहावत है, "अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में मत रखो." पिछले एक साल के बाजार ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. जहां शेयर बाजार कभी ऊपर तो कभी नीचे रोलर कोस्टर राइड बना हुआ था, वहीं एक खास तरह के म्यूचुअल फंड ने निवेशकों की झोली खुशियों से भर दी. हम बात कर रहे हैं मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स की.

साल 2025 में जब सेंसेक्स सिर्फ 9 फीसदी की रफ़्तार से बढ़ा, तब इन फंड्स ने अपने डायवर्सिफिकेशन के दम पर शानदार परफॉर्म किया. इसकी सबसे बड़ी वजह रही सोने और चांदी की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल. चलिए समझते हैं कि कैसे इन फंड्स ने मुनाफे का पूरा खेल ही बदल दिया.

क्या हैं ये मल्टी-एसेट फंड्स और कैसे करते हैं काम?

Add Zee Business as a Preferred Source

आसान भाषा में समझाएं तो मल्टी-एसेट फंड्स वो हाइब्रिड स्कीम हैं जो कम से कम तीन अलग-अलग जगहों पर पैसा लगाती हैं. सेबी के नियमों के मुताबिक, इन्हें इक्विटी (शेयर), डेट (बांड्स) और कमोडिटी (जैसे सोना-चांदी) में से हर एक में कम से कम 10 फीसदी पैसा रखना जरूरी है.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब शेयर बाजार गिरता है, तो अक्सर सोना बढ़ जाता है. ऐसे में निवेशक का पोर्टफोलियो सुरक्षित रहता है. फंड मैनेजर बाजार के हालात देखकर यह तय करते हैं कि कब किस एसेट में ज्यादा पैसा लगाना है और कब कम. इसी डायनामिक अप्रोच ने इन्हें आज के दौर का सबसे भरोसेमंद विकल्प बना दिया है.

मल्टी-एसेट बनाम इक्विटी

अगर हम प्रदर्शन की तुलना करें, तो नतीजे चौंकाने वाले हैं. टॉप 10 (यहां बात सिर्फ टॉप के 10 मल्टी-एसेट फंड्स की बात हो रही है) मल्टी-एसेट फंड्स ने पिछले एक साल में औसतन 20.26 फीसदी का रिटर्न दिया है. अगर तीन साल का रिकॉर्ड देखें, तो यह आंकड़ा 21.01 फीसदी रहा है.

Multi-Asset vs Equity Funds

अब इसकी तुलना प्योर इक्विटी फंड्स से करते हैं. टॉप 10 इक्विटी फंड्स का औसत रिटर्न इसी दौरान केवल 16.62 फीसदी रहा. हैरानी की बात यह है कि इन 10 में से सिर्फ 7 फंड्स ही डबल डिजिट में रिटर्न दे पाए. वहीं, बैलेंस या हाइब्रिड फंड्स की हालत तो और भी खराब रही, जहां औसत रिटर्न सिर्फ 9 फीसदी के आसपास सिमट कर रह गया.

सोने और चांदी ने लगाया मुनाफे में तड़का

मल्टी-एसेट फंड्स की इस शानदार जीत के पीछे असली हीरो कमोडिटी मार्केट रहा. पिछले एक साल के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के डेटा के मुताबिक, सोने की कीमतों में करीब 76 फीसदी की तेजी आई. चांदी ने तो और भी कमाल कर दिया और इसमें 168 फीसदी का उछाल देखा गया. चूंकि मल्टी-एसेट फंड्स का एक बड़ा हिस्सा गोल्ड ETF और अन्य कमोडिटी में लगा होता है, इसलिए उन्हें इस तेजी का सीधा फायदा मिला.

2025 के टॉप मल्टी-एसेट फंड्स

साल 2025 (CY25) में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स (यहां सभी 26 मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स की बात हो रही है) ने औसतन करीब 16% का रिटर्न दिया. इस कैटेगरी में उस समय कुल 26 फंड मौजूद थे. इनमें सबसे अच्छा प्रदर्शन DSP Multi Asset Allocation Fund ने किया, जिसने करीब 23.15% रिटर्न दिया. वहीं दूसरी तरफ Edelweiss Multi Asset Allocation Fund का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा और इसने करीब 6.9% रिटर्न दिया. इसी दौरान इस कैटेगरी का सबसे बड़ा फंड ICICI Pru Multi-Asset Fund रहा, जिसने निवेशकों को करीब 18.15% का रिटर्न दिया.

Best Multi Asset Allocation Fund Returns

अगर सिर्फ दिसंबर महीने की बात करें, तो मल्टी एसेट फंड्स ने औसतन 1.35% रिटर्न दिया. उस महीने कैटेगरी में 32 फंड थे. इनमें Kotak Multi Asset Allocation Fund ने सबसे ज्यादा करीब 4.47% रिटर्न दिया, जबकि Samco Multi Asset Allocation Fund को करीब 0.92% का नुकसान हुआ.

सुरक्षित निवेश की चाहत और घटता ब्याज

एक तरफ जहां टॉप 10 मल्टी-एसेट फंड्स 20 फीसदी से ऊपर का रिटर्न दे रहे हैं, वहीं पारंपरिक बचत के रास्तों में चमक कम हुई है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक साल की एफडी (FD) पर अभी सिर्फ 6.25 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. साल 2025 में रिजर्व बैंक ने भी रेपो रेट में 1.25 फीसदी की कटौती की है, जिससे फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे विकल्पों का आकर्षण कम हुआ है. यही वजह है कि जोखिम न चाहने वाला निवेशक भी अब धीरे-धीरे मल्टी-एसेट फंड्स की ओर रुख कर रहा है.

AMFI के आंकड़े

म्यूचुअल फंड्स की संस्था एम्फी (AMFI) के डेटा से पता चलता है कि लोग अब इन फंड्स पर कितना भरोसा कर रहे हैं. दिसंबर के महीने में मल्टी-एसेट फंड्स में 7,425.98 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. यह आंकड़ा पिछले साल (दिसंबर 2024) के 2,574.72 करोड़ रुपये के मुकाबले बहुत ज्यादा है.

नवंबर और दिसंबर दोनों ही महीनों में ईटीएफ (ETF) के बाद सबसे ज्यादा पैसा इन्हीं स्कीमों में आया है. पहले जहां लोग सिर्फ मिड-कैप या स्मॉल-कैप के पीछे भागते थे, अब वे समझदारी दिखाते हुए जोखिम को बांटने वाले फंड्स चुन रहे हैं.

इक्विटी में भी कहां रहा दम?

ऐसा नहीं है कि इक्विटी मार्केट में हर जगह निराशा थी, लेकिन यहां सफलता केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रही. जिन चार इक्विटी फंड्स ने मल्टी-एसेट फंड्स के औसत रिटर्न (20.26%) को पार किया, उनमें एडलवाइस यूएस टेक्नोलॉजी (24%), मोतीलाल ओसवाल बीएसई एन्हान्स्ड वैल्यू (27%), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ट्रांसपोर्टेशन (22%) और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी ऑटो (21%) शामिल हैं. गौर करने वाली बात यह है कि एडलवाइस का फंड अमेरिकी बाजार पर आधारित है, जिसका भारतीय बाजार के उतार-चढ़ाव से सीधा संबंध नहीं था.

किसे करना चाहिए निवेश?

मल्टी-एसेट फंड्स उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते लेकिन महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं. ये फंड्स रिटायरमेंट की प्लानिंग करने वालों, पहली बार निवेश करने वालों और उन लोगों के लिए मुफीद हैं जो खुद बार-बार अपना पोर्टफोलियो चेक नहीं करना चाहते. यहां फंड मैनेजर खुद ही आपके लिए कभी सोने में तो कभी डेट में पैसा शिफ्ट करता रहता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-FAQs

Q1. मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स क्या होते हैं?

ये वो हाइब्रिड फंड्स हैं जो सेबी के नियमों के अनुसार इक्विटी, डेट और कमोडिटी (जैसे सोना) तीनों में कम से कम 10-10 फीसदी निवेश करते हैं.

Q2. पिछले एक साल में इन फंड्स ने कितना रिटर्न दिया है?

टॉप 10 मल्टी-एसेट फंड्स ने पिछले एक साल में औसतन 20.26 फीसदी का रिटर्न (CAGR) दिया है.

Q3. इन फंड्स के अच्छे प्रदर्शन की मुख्य वजह क्या रही?

इसका सबसे बड़ा कारण सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी है. सोने में करीब 76% और चांदी में 168% का उछाल देखा गया.

Q4. क्या ये फंड्स बैंक एफडी से बेहतर हैं?

रिटर्न के मामले में इन्होंने एफडी (6.25%) के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है, हालांकि इनमें बाजार का जोखिम शामिल होता है.

Q5. किस तरह के निवेशकों के लिए ये फंड्स सही हैं?

यह उन निवेशकों के लिए अच्छे हैं जो कम उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर ग्रोथ चाहते हैं और जो खुद अलग-अलग एसेट्स में पैसा मैनेज नहीं कर सकते.

(डिस्‍क्‍लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6