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Large cap Funds.
साल 2025 शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा. निफ्टी 50 ने नेट आधार पर करीब 9%, मिडकैप्स ने 4% और स्मॉलकैप इंडेक्स ने करीब -9% का निगेटिव रिटर्न दिया है. इसका असर आपके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो पर भी दिख रहा होगा. ऐसे में सवाल ये है कि साल 2026 कैसा रहेगा और म्यूचुअल फंड निवेशकों (Mutual Fund Investors) को किस तरह अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस रखना चाहिए.
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की CIO-इक्विटी, अपर्णा शंकर ने कहा कि पोर्टफोलियो के नजरिए से 2026 में Large Cap Funds अहम भूमिका निभा सकते हैं. निवेशकों को तेज मुनाफे की जगह धीरे-धीरे और भरोसेमंद तरीके से धन बढ़ाने वाले निवेश की स्ट्रैटिजी पर फोकस करना चाहिए. स्टेबल कमाई, बेहतर मैनेजमेंट और अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव के कारण लार्ज कैप फंड्स इक्विटी पोर्टफोलियो की मजबूत नींव बने रहेंगे.

पिछले कुछ वर्षों की तेज बढ़त के बाद लार्ज कैप शेयर 2025 में पहले से ही हाई वैल्युशन पर पहुंच चुके थे. इसी वजह से इस साल इनमें तेज बढ़त की गुंजाइश सीमित रही. 2025 का समय दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर असमंजस और कई देशों के बीच आपसी तनाव से भरा रहा. साथ ही ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और जोखिम से भरा उतार-चढ़ाव वाला माहौल भी बना रहा.
पूरे साल के दौरान लार्ज कैप शेयरों ने वही भूमिका निभाई जिसके लिए वे जाने जाते हैं. यानी स्थिरता देना और गिरावट के समय नुकसान को सीमित रखना. बाजार में जब वोलैटिलिटी देखने को मिली या विदेशी निवेशकों ने पैसा निकाला, तब इन्हीं शेयरों ने पोर्टफोलियो को संतुलित रखा. एक अहम बात यह रही कि लार्ज कैप कंपनियों की कमाई में ठीक-ठाक वृद्धि बनी रही. इसके पीछे उनकी मजबूत बैलेंस शीट, दाम तय करने की उनकी क्षमता, और अलग-अलग क्षेत्रों में फैला कारोबार रहा.
अपर्णा शंकर ने कहा कि 2026 में लार्ज कैप शेयरों की तस्वीर और बेहतर दिखती है. ऐसे में लार्जकैप फंड्स का आपके पोर्टफोलियो में अच्छा वेटेज होना जरूरी है. यदि वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीतियां स्थिर होती हैं और आर्थिक अनिश्चितता कम होती है तो विदेशी निवेशकों की रुचि एक बार फिर भारतीय बाजारों की चमक बढ़ा सकती है. आमतौर पर विदेशी निवेशक सबसे पहले लार्ज कैप, यानी बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश के अवसर तलाशते हैं, क्योंकि इनमें स्थिरता और पारदर्शिता के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर आसानी से निवेश से बाहर निकलने की क्षमता भी होती है.
पिछले कुछ वर्षों में लार्ज कैप म्यूचुअल फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया है. Nippon India Large Cap Fund इस कैटिगरी में शीर्ष पर रहा है. इस फंड ने पिछले 3 साल में 19.5%, पांच साल में 21.3% का रिटर्न दिया है. ICICI Prudential Large Cap Fund ने पिछले तीन और पांच साल में सेकेंड बेस्ट 18.3%/19% का रिटर्न दिया है.
Nippon India Large Cap Fund
ICICI Prudential Large Cap Fund
Invesco India Large Cap Fund
हाल ही में निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड 50 हजार करोड़ की AUM कैटिगरी में शामिल हुआ है. अब यह फंड आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और एसबीआई के उन लार्ज कैप फंडों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 50,000 करोड़ रुपए से अधिक हैं.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लार्ज कैप म्यूचुअल फंड, म्यूचुअल फंड निवेश की रीढ़ हैं क्योंकि वे लंबी अवधि में अपेक्षाकृत स्थिर और निरंतर रिटर्न और संभावित नियमित डिविडेंड देते हैं. इसके अलावा ब्लूचिप कंपनियों की लिक्विडिटी हाई होती है. ऐसे में फंड मैनेजर के लिए पोजिशन लेना और उससे निकलना आसान होता है.

लार्जकैप म्यूचुअल फंड की बात करें तो शेयर बाजार के टोटल मार्केट कैप का 65%, BSE 500 कंपनियों के टोटल रेवेन्यू का 60% और नेट प्रॉफिट का 65% प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में अगर आप रिटायरमेंट या लॉन्ग टर्म के लिहाज से निवेशक करना चाहते हैं तो लार्जकैप फंड्स को जरूत पोर्टफोलियो में शामिल करें.