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ICICI Prudential की 3 स्कीमों में बरसेगा पैसा (Image Source- Zee Business)
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए खुश होने का एक बड़ा मौका आ गया है. ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने अपने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लाते हुए अपनी तीन प्रमुख स्कीमों के लिए IDCW यानी 'इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल' की घोषणा कर दी है. सरल भाषा में कहें तो, फंड हाउस ने अपनी कमाई का एक हिस्सा उन निवेशकों को देने का फैसला किया है जो इन स्कीमों के साथ जुड़े हुए हैं.
ICICI प्रूडेंशियल ट्रस्ट ने इस भुगतान को अपनी मंजूरी दे दी है. यह खबर उन लोगों के लिए बहुत अहम है जो अपने निवेश से समय-समय पर नकद लाभ की उम्मीद रखते हैं. अगर आपने भी इन स्कीमों में पैसा लगाया है, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह पैसा आपको कब और किस हिसाब से मिलेगा. चलिए, इस पूरी खबर की बारीकियों को विस्तार से समझते हैं ताकि आपको अपना मुनाफा हासिल करने में कोई उलझन न हो.
सबसे पहली और सबसे जरूरी बात है रिकॉर्ड डेट. फंड हाउस ने IDCW भुगतान के लिए 16 मार्च 2026 की तारीख तय की है. इसका मतलब यह है कि केवल वही निवेशक इस पैसे के हकदार होंगे जिनके नाम 16 मार्च तक कंपनी के रजिस्टर्ड रिकॉर्ड में दर्ज होंगे.
यहां एक तकनीकी पेंच भी है जिसे समझना जरूरी है. अगर 16 मार्च को कोई छुट्टी होती है या उस दिन बाजार बंद रहता है (नॉन-बिजनेस डे), तो उसके ठीक बाद वाला बिजनेस डे रिकॉर्ड डेट माना जाएगा. रिकॉर्ड डेट वह समय सीमा होती है जो यह तय करती है कि कौन से यूनिट होल्डर्स इस वितरण के लिए पात्र हैं और किन्हें यह भुगतान किया जाना है. इसलिए, अपनी यूनिट्स और उनके स्टेटस को एक बार जरूर चेक कर लें.
इस घोषणा में पहली बड़ी स्कीम है 'ICICI प्रूडेंशियल मैन्युफैक्चरिंग फंड'. भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, उसका असर इस फंड के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है. फंड हाउस ने इस स्कीम के लिए 2.00 रुपये प्रति यूनिट के वितरण को मंजूरी दी है.
यह ध्यान रहे कि यह कैलकुलेशन 10 रुपये की फेस वैल्यू पर आधारित है. अच्छी बात यह है कि यह भुगतान केवल रेगुलर प्लान तक सीमित नहीं है. यह 'IDCW ऑप्शन' और 'डायरेक्ट प्लान- IDCW ऑप्शन' दोनों ही तरह के निवेशकों के लिए लागू होगा. यानी अगर आपने सीधे फंड हाउस से निवेश किया है या किसी ब्रोकर के जरिए, अगर आपके पास IDCW वाला विकल्प है, तो यह मुनाफा आपके खाते में जरूर आएगा.
लिस्ट में दूसरी स्कीम है 'ICICI प्रूडेंशियल इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड'. इस फंड ने अपने निवेशकों के लिए मैन्युफैक्चरिंग फंड से भी थोड़ा ज्यादा वितरण तय किया है. फंड हाउस के मुताबिक, इस स्कीम के तहत निवेशकों को हर यूनिट पर 2.20 रुपये का भुगतान किया जाएगा.
इसकी फेस वैल्यू भी 10 रुपये ही रखी गई है. इसमें भी वही नियम लागू होगा कि यह फायदा IDCW ऑप्शन और डायरेक्ट प्लान के IDCW ऑप्शन, दोनों ही तरह के निवेशकों को दिया जाएगा. यह उन निवेशकों के लिए एक बड़ा रिवॉर्ड है जिन्होंने भारतीय बाजार के अवसरों पर भरोसा जताया और इस स्कीम में अपना पैसा लगाया.
तीसरी स्कीम जिसके लिए घोषणा की गई है, वह है 'ICICI प्रूडेंशियल गिल्ट फंड'. गिल्ट फंड में भुगतान की दरें थोड़ी अलग और विस्तृत हैं. अगर आपने इस स्कीम के सामान्य IDCW ऑप्शन में निवेश किया है, तो आपको प्रति यूनिट 0.9032 रुपये मिलेंगे.
वहीं, जिन निवेशकों ने 'डायरेक्ट प्लान- IDCW ऑप्शन' को चुना है, उनके लिए यह रकम थोड़ी ज्यादा यानी 1.0492 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है. गिल्ट फंड अक्सर उन लोगों की पसंद होते हैं जो सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश के जरिए स्थिरता की तलाश करते हैं. ऐसे निवेशकों के लिए यह छोटा ही सही, लेकिन एक नियमित और सुखद लाभ है.
एक बात जो हर निवेशक को समझनी चाहिए, वह यह है कि IDCW का भुगतान मुफ्त का पैसा नहीं होता. जब कोई म्यूचुअल फंड हाउस इस तरह का डिस्ट्रीब्यूशन करता है, तो इसका सीधा असर उस स्कीम की NAV (नेट एसेट वैल्यू) पर पड़ता है. फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि जितना पैसा बांटा जाएगा, उस सीमा तक स्कीम की NAV कम हो जाएगी.
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी स्कीम की NAV आज 20 रुपये है और कंपनी 2 रुपये बांटती है, तो भुगतान के बाद उसकी NAV गिरकर 18 रुपये के आसपास रह जाएगी. इसका मतलब यह है कि आपकी कैपिटल वैल्यू में से ही यह हिस्सा आपको दिया जा रहा है. हालांकि, जो लोग समय-समय पर पैसा हाथ में चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है.
यह पैसा सीधे उन निवेशकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा जिनका नाम रिकॉर्ड डेट पर फंड के डेटाबेस में होगा. आपको इसके लिए अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं है, बस यह सुनिश्चित करें कि आपके बैंक खाते की जानकारी फंड हाउस के पास सही तरीके से अपडेटेड है.
ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की यह पहल बाजार में निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करती है. ऐसे समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, इस तरह के पेआउट्स निवेशकों को एक राहत भरा अहसास देते हैं. तो अगर आप इन तीन स्कीमों में से किसी के भी यूनिट होल्डर हैं, तो 16 मार्च की तारीख का इंतजार कीजिए.