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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने 8 जुलाई को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एक्टिव मोमेंटम फंड लॉन्च किया है, जो 22 जुलाई को बंद होगा. यह फंड उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो बाजार में मूल्य और आय के रुझानों के आधार पर निवेश के अवसर तलाशते हैं. इस स्कीम में न्यूनतम ₹5,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है और उसके बाद ₹1,000 की राशि से अतिरिक्त निवेश किया जा सकता है.
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इस योजना की खास बात यह है कि यह प्राइस मोमेंटम और अर्निंग मोमेंटम पर आधारित है. प्राइस मोमेंटम टेक्निकल रिपोर्ट पर आधारित होता है, जिसमें उन शेयरों की पहचान की जाती है जिनका मूल्य बीते समय में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा हो. इसमें निवेशकों की भावना, तकनीकी संकेत और बाजार की दिशा अहम भूमिका निभाते हैं, हालांकि इसमें अचानक ट्रेंड बदलने का जोखिम भी होता है.
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दूसरी ओर, अर्निंग मोमेंटम उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें कंपनियों की आय वृद्धि, मार्जिन सुधार और विश्लेषकों की सकारात्मक रेटिंग के आधार पर शेयरों का चयन किया जाता है. यह रणनीति मौलिक विश्लेषण पर आधारित होती है और अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर व टिकाऊ रिटर्न प्रदान करने की क्षमता रखती है.
फंड की रणनीति में यह लचीलापन दिया गया है कि यह विभिन्न सेक्टरों और मार्केट कैप जैसे लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप के बीच निवेश कर सके. साथ ही, पोर्टफोलियो तैयार करने में टॉप-डाउन और बॉटम-अप दोनों रणनीतियों का मिश्रण किया जाता है. इससे फंड को बाजार की बदलती स्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने में मदद मिलती है.
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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के ईडी और सीआईओ संकरन नरेन ने इस लॉन्च के अवसर पर कहा कि इस फंड का उद्देश्य मौलिक मजबूती के साथ-साथ गति को भी ध्यान में रखना है. उन्होंने बताया कि भारतीय शेयर बाजार में समय-समय पर अलग-अलग सेक्टर या स्टॉक्स प्रदर्शन करते हैं, और यह स्कीम उन्हीं अवसरों को भुनाने का प्रयास करती है.
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हालांकि, इस तरह की रणनीति में संभावनाओं के साथ-साथ जोखिम भी रहता है, विशेष रूप से तब जब कोई ट्रेंड अचानक बदल जाए. लेकिन अर्निंग मोमेंटम जैसी रणनीतियों से जोखिम को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, क्योंकि यह फंडामेंटल सुधार पर आधारित होता है. कुल मिलाकर, यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है जो सक्रिय रूप से बाजार के ट्रेंड्स को फॉलो करके रिटर्न पाना चाहते हैं.