&format=webp&quality=medium)
निवेश से पहले नॉर्मल vs स्टेप-अप SIP में अंतर और कंपाउंडिंग का असली जादू समझना होगा (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
म्यूचुअल फंड SIP (Systematic Investment Plan) आज के टाइम में करोड़ों लोगों का पसंदीदा निवेश तरीका बन चुका है. लोग अपनी अपनी क्षमता के हिसाब से एसआईपी में पैसे लगा रहे हैं ताकि आने वाले कल में वो धनवान बन सकें. लेकिन फिर भी जब बात ₹1 करोड़ का फंड बनाने की आती है, तो ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी रकम निवेश करनी पड़ेगी या फिर शेयर बाजार से 20-25% का तगड़ा रिटर्न चाहिए होगा..
हालांकि, सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP®) तारेश भाटिया का मानना हैं कि करोड़पति बनने का असली राज ज्यादा रिटर्न नहीं, बल्कि लंबी अवधि तक अनुशासन के साथ निवेश बनाए रखना है
एक्सपर्ट तारेश भाटिया के मुताबिक, SIP में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने नियमित निवेशक हैं, कितने साल तक टिके रहते हैं और हर साल निवेश बढ़ाते हैं या नहीं.
तारेश भाटिया के मुताबिक, SIP शुरू करते टाइम बहुत से निवेशक यही मान लेते हैं कि बाजार हमेशा 20-25% रिटर्न आसानी से देता ही रहेगा यहीं से गलत प्लानिंग शुरू हो जाती है.यहीं वो एक गलती कर देते हैं.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
एक्सपर्ट का कहना है कि निवेश का असली खेल मार्केट टाइमिंग नहीं, बल्कि मार्केट में लंबे समय तक बने रहना है
अगर आपका लक्ष्य 20 साल में ₹1 करोड़ जुटाना है और औसत 12% सालाना रिटर्न माना जाए, तो इसके दो आसान से तरीके सामने आते हैं
कुल निवेश: करीब ₹24 लाख
संभावित वेल्थ-1.1 करोड़
टोटल फंड-1.3 करोड़ तक हो जाएगा
यह तरीका उन लोगों के लिए सही माना जाता है जिनकी आय पहले से स्थिर है
शुरुआत सिर्फ:
₹5,000 प्रति महीने से करेंगे तो ज्यादा फायदा होगा
हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी से करीब डेढ़ करोड़ का फंड बनेगा
कुल निवेश: करीब ₹34,36,500
संभावित वेल्थ- ₹1,04,81,656
टोटल फंड-₹1,39,18,156 तक हो जाएगा
फायदा: शुरुआत में जेब पर कम दबाव पड़ता है

1. सैलरी के साथ निवेश बढ़ता है
हर साल अप्रेज़ल के साथ SIP बढ़ाना आसान हो जाता है
2. शुरुआत में कम दबाव
पहले दिन से ₹10-11 हजार की जरूरत नहीं पड़ती
3. अनुशासन बनता है
धीरे-धीरे बचत और निवेश की आदत मजबूत होती है
SIP में सबसे बड़ा जादू कंपाउंडिंग का होता है
यह भी पढ़ें: गलती से भी ना करें SIP इन्वेस्टमेंट में ये 5 मिस्टेक! टाइम से नहीं समझे तो टूट ना जाए अमीर बनने का सपना
| फीचर | नॉर्मल SIP | स्टेप-अप SIP (10% सालाना वृद्धि) |
| शुरुआती मंथली निवेश | ₹10,000 | ₹5,000 |
| अनुमानित रिटर्न | 15% सालाना | 15% सालाना |
| कुल जमा राशि | ₹24 लाख | ₹34.36 लाख |
| 20 साल बाद | ₹1.30 करोड़ | ₹1.39 करोड़ |
₹1 करोड़ का फंड बनाना सिर्फ हाई रिटर्न वाले फंड खोजने का खेल नहीं है.असल में असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आपने कितनी जल्दी शुरुआत की,कितने अनुशासन से निवेश जारी रखा और क्या हर साल निवेश बढ़ाते रहे.तो अगर निवेशक लंबी अवधि तक टिके रहें, तो छोटी SIP भी बड़े फंड में बदल सकती है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या 40 की उम्र के बाद निवेश शुरू करके करोड़पति बना जा सकता है?
हां, बस आपको मंथली निवेश की रकम थोड़ी बढ़ानी होगी, शुरुआत कभी भी की जा सकती है
Q2 अगर लक्ष्य पूरा होने से ठीक पहले मार्केट गिर जाए तो क्या होगा?
सुरक्षित रहने के लिए, अपना टारगेट पूरा होने से 1-2 साल पहले ही पैसा सुरक्षित फंड्स में डालना शुरू कर दें
Q3 क्या हर साल 10% निवेश बढ़ाना जरूरी है?
जरूरी नहीं, पर फायदेमंद है, अगर किसी साल इनकम न बढ़े तो आप स्टेप-अप (Step-up) को स्किप भी कर सकते हैं
Q4 ₹1 करोड़ का फंड मिलने पर क्या टैक्स भी देना होगा?
हां, मुनाफे पर 12.5% 'लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन' (LTCG) टैक्स लगेगा. टैक्स कटने के बाद ही पैसा हाथ में आएगा
Q5 बीच-बीच में एक्स्ट्रा पैसा (Lumpsum) डालने से क्या फायदा होगा?
नस या एक्स्ट्रा कमाई को एसआईपी में डालने से आप ₹1 करोड़ के लक्ष्य तक समय से पहले पहुंच जाएंगे