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Equity Mutual Fund Investment: इक्विटी म्यूचुअल फंडों में 2024 में लगभग चार लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ. यह राशि इससे पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है, जो निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है. साथ ही निवेशक अब व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के जरिये लंबी अवधि के निवेश को अधिक महत्व दे रहे हैं. हालांकि, 2024 में मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, ऐसा लग रहा है कि 2025 के लिए परिदृश्य सतर्क रहेगा.
जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज के सह-संस्थापक और सीईओ संतोष जोसेफ ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग ने दिसंबर की शुरुआत से इक्विटी फंड प्रवाह में मंदी देखनी शुरू कर दी है. बाजार में बढ़ती अस्थिरता के चलते ऐसा देखने को मिल रहा है. ऐतिहासिक रूप से, इक्विटी फंडों में निवेश बाजार के प्रदर्शन से जुड़ा रहा है, और बाजार की अनिश्चितता की अवधि में अक्सर निवेशक गतिविधियां कम हो जाती हैं. जोसेफ ने कहा कि ऐसे में 2025 में नए फंड की पेशकश और इक्विटी फंड जुटाने के मामले में सुस्ती देखी जा सकती है.
स्थानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजनाओं में दिसंबर माह में निवेश 14 प्रतिशत बढ़कर 41,156 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने कहा कि म्यूचुअल फंड की स्मॉल और मिड कैप (छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करने वाले) की पूंजी योजनाओं में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और इस महीने के दौरान निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया. हालांकि, इन दोनों खंडों में जोखिम को लेकर चिंता जताई जा रही थी.
एसआईपी में निवेश दिसंबर महीने 26,459 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर में 25,320 करोड़ रुपये था. एसआईपी के मैनेजमेंट के तहत परिसंपत्तियां 13.63 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो कुल परिसंपत्तियों का लगभग पांचवां हिस्सा है. दिसंबर के अंत तक म्यूचुअल फंड कंपनियों के प्रबंधन के तहत कुल परिसंपत्तियां (एयूएम) 66.93 लाख करोड़ रुपये थीं, जो एक महीने पहले की समान अवधि के 68.08 लाख करोड़ रुपये से कुछ कम है.