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एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश 9% घटकर ₹30,421 करोड़ रह गया है, जो अगस्त में ₹33,430 करोड़ था. पिछले महीने यानी अगस्त में भी इनफ्लो में 22% की गिरावट देखी गई थी. हालांकि, गिरावट के बावजूद इक्विटी फंड्स में लगातार 55वें महीने भी पॉजिटिव इनफ्लो रहा, जो यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा अब भी इक्विटी पर कायम है.
सितंबर में सभी प्रमुख कैटेगरी- लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स में गिरावट देखने को मिली.
मिड कैप: ₹5,085 करोड़ (4.5% की गिरावट)
स्मॉल कैप: ₹4,362 करोड़ (12.6% की गिरावट)
फ्लेक्सी कैप: ₹7,029 करोड़ (8.4% की गिरावट)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशक फिलहाल बाजार की ऊंची वैल्यूएशन और ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए सावधानी बरत रहे हैं, जिससे इक्विटी फंड्स में इनफ्लो थोड़ा धीमा पड़ा है.
जहां इक्विटी फंड्स में गिरावट आई, वहीं गोल्ड ETFs में निवेश ने नया रिकॉर्ड बनाया. सितंबर में गोल्ड ETFs में ₹8,363 करोड़ का इनफ्लो हुआ, जो अगस्त के ₹2,189 करोड़ की तुलना में लगभग 3 गुना ज्यादा है. गोल्ड की कीमतों में हालिया तेजी और निवेशकों की सुरक्षित एसेट्स की ओर झुकाव की वजह से यह उछाल देखने को मिला. निवेशक अब पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन के लिए गोल्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं.
AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव वैंकट एन चलासानी ने कहा, “म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने सितंबर में भी ग्रोथ जारी रखी. कुल एसेट ₹75.61 लाख करोड़ तक पहुंच गई, भले ही एडवांस टैक्स पेमेंट्स की वजह से कुछ अस्थायी आउटफ्लो देखने को मिले. इक्विटी फंड्स में लगातार 55वें महीने पॉजिटिव इनफ्लो निवेशकों के भरोसे को दिखाता है.”
उन्होंने बताया कि SIP इन्वेस्टमेंट ने भी नया रिकॉर्ड बनाया, जिससे यह साफ है कि रिटेल निवेशक अब व्यवस्थित और अनुशासित निवेश के प्रति और गंभीर हो रहे हैं.
सितंबर 2025 में SIP (Systematic Investment Plan) में रिकॉर्ड योगदान दर्ज किया गया.
कुल SIP AUM: ₹15,52,303 करोड़
कुल योगदान: ₹29,360.66 करोड़
एक्टिव SIP अकाउंट्स: 9.25 करोड़
इंडस्ट्री AUM में हिस्सा: 20.2%
SIP का यह नया रिकॉर्ड दिखाता है कि छोटे निवेशक अब बाजार में नियमित निवेश के जरिए लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन पर ध्यान दे रहे हैं.
सितंबर में कुल 9 नए फंड ऑफर (NFOs) लॉन्च हुए, जिन्होंने मिलकर ₹1,959 करोड़ जुटाए. इनमें एक सेक्टरल/थीमैटिक फंड (Baroda BNP Paribas Business Conglomerates Fund) और एक हाइब्रिड फंड शामिल था. बाकी NFOs इंडेक्स फंड्स की कैटेगरी में थे, जो पैसिव इन्वेस्टमेंट्स की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है.
1. सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो कितना रहा?
₹30,421 करोड़, जो अगस्त के मुकाबले 9% कम है.
2. किस कैटेगरी में सबसे ज्यादा गिरावट आई?
लार्ज कैप फंड्स में 18% की गिरावट रही.
3. गोल्ड ETF में इनफ्लो कितना बढ़ा?
₹2,189 करोड़ से बढ़कर ₹8,363 करोड़ हो गया.
4. सितंबर में कितने नए फंड लॉन्च हुए?
कुल 9 नए फंड ऑफर (NFOs) लॉन्च हुए.
5. SIP निवेश का नया रिकॉर्ड कितना रहा?
₹29,361 करोड़ का योगदान और 9.25 करोड़ एक्टिव अकाउंट्स.