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भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. अमेरिकी नीतियों, रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और कॉरपोरेट अर्निंग्स में सुस्ती जैसी वजहों से निवेशक अब केवल इक्विटी में दांव लगाने के बजाय ऐसे विकल्प खोज रहे हैं जो ग्रोथ के साथ स्थिरता भी दें. ऐसे में एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स यानी आक्रामक मिश्रित फंड्स एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं.
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स वे म्यूचुअल फंड होते हैं जो निवेश का लगभग 65% से 80% हिस्सा इक्विटी (शेयर) में और बाकी 20% से 35% हिस्सा डेट (बॉन्ड, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स) में लगाते हैं. यानी इन फंड्स में जोखिम इक्विटी जैसा होता है, लेकिन डेट हिस्सा बाजार गिरने पर नुकसान से कुछ हद तक सुरक्षा देता है.
इन फंड्स को 3 से 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि के लिए देखा जाना चाहिए. इनका उद्देश्य लॉन्ग टर्म में इक्विटी की ग्रोथ और डेट की स्थिरता को संतुलित करना होता है.
यह स्कीम नवंबर 1999 में लॉन्च हुई थी और अब इसका AUM लगभग ₹45,200 करोड़ है. पहले इसे ICICI Prudential Balanced Fund कहा जाता था. इस फंड की खासियत है कि यह ग्रोथ और वैल्यू स्टाइल दोनों को फॉलो करता है.
फंड मैनेजमेंट टीम टॉप-डाउन और बॉटम-अप दोनों अप्रोच अपनाती है. यानी पहले सेक्टर तय किए जाते हैं, फिर उनमें से सबसे मजबूत कंपनियां चुनी जाती हैं. अगस्त 2025 तक इसमें 93 स्टॉक्स थे, जिनमें से 63% लार्जकैप, 4% मिडकैप और 5% स्मॉलकैप कंपनियां हैं.
इसकी टॉप 10 होल्डिंग्स में ICICI Bank, NTPC, और Reliance Industries जैसे नाम शामिल हैं.
डेट पोर्टफोलियो में लगभग 20% हिस्सेदारी है जिसमें कॉरपोरेट बॉन्ड्स और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज शामिल हैं. पिछले 10 वर्षों में इस फंड ने SIP रिटर्न (XIRR) के रूप में 18.8% का शानदार रिटर्न दिया है, जबकि इसका बेंचमार्क CRISIL Hybrid 35+65 Aggressive Index सिर्फ 13% रिटर्न दे पाया. अगर किसी ने ₹10,000 की मासिक SIP 10 साल तक चलाई होती, तो कुल ₹12 लाख का निवेश आज लगभग ₹32.3 लाख हो चुका होता.
यह स्कीम अगस्त 2009 में लॉन्च हुई थी और आज इसका AUM ₹3,000 करोड़ से ज्यादा है. यह फंड मार्केट कंडीशन्स के अनुसार इक्विटी और डेट दोनों में एक्टिव एसेट एलोकेशन करता है.
फंड अपनी इक्विटी पोर्टफोलियो में मल्टी-कैप अप्रोच अपनाता है- यानी लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी में निवेश करता है. कंपनी का फंड चयन मॉडल चार पैरामीटर्स पर आधारित है- Growth, Quality, Value और Momentum (GQVM). फंड की अगस्त 2025 तक की रिपोर्ट के अनुसार इसमें 73% इक्विटी, 13% डेट, और बाकी अन्य इंस्ट्रूमेंट्स (REITs, InvITs आदि) में निवेश है. इसके टॉप स्टॉक्स में ICICI Bank, HDFC Bank और Bharti Airtel शामिल हैं.
इस फंड की खासियत है कि यह केवल AAA रेटेड या सॉवरेन बॉन्ड्स में ही निवेश करता है, जिससे डेट पोर्टफोलियो में जोखिम बहुत कम रहता है. पिछले 10 सालों में इस फंड ने SIP रिटर्न (XIRR) के रूप में 16.67% रिटर्न दिया है. यानी अगर किसी ने ₹10,000 प्रति माह की SIP की होती, तो कुल ₹12 लाख का निवेश आज ₹28.8 लाख बन गया होता.
यह स्कीम जनवरी 1995 में लॉन्च हुई थी और लगभग ₹6,300 करोड़ का AUM रखती है. पहले इसका नाम UTI Balanced Fund था, बाद में इसे UTI Aggressive Hybrid Fund के रूप में रीब्रांड किया गया. यह फंड मार्केट सिचुएशन के अनुसार इक्विटी और डेट का अनुपात बदलता रहता है. इसका इक्विटी हिस्सा लगभग 66% और डेट हिस्सा 28% है.
फंड की टॉप 10 होल्डिंग्स में HDFC Bank, ICICI Bank और Infosys शामिल हैं. सेक्टर वाइज देखें तो इसमें 19.5% बैंकिंग, 12.6% फाइनेंस, और 8.2% आईटी सेक्टर का हिस्सा है. डेट पोर्टफोलियो में ज्यादातर गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G-secs) और कॉरपोरेट बॉन्ड्स हैं. इसका एवरेज ड्यूरेशन 8.9 साल है, यानी यह ब्याज दरों में बदलाव के प्रति थोड़ा ज्यादा संवेदनशील है. पिछले 10 वर्षों में इस फंड ने SIP रिटर्न (XIRR) के रूप में 14.76% दिया है. ₹10,000 की मासिक SIP 10 साल तक करने पर कुल ₹12 लाख का निवेश आज लगभग ₹26 लाख हो जाता.
इन तीनों एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स ने लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न और बैलेंस्ड रिस्क दिखाया है.
ICICI Prudential Equity & Debt Fund – स्थिरता और निरंतर प्रदर्शन के लिए उपयुक्त.
Edelweiss Aggressive Hybrid Fund – एक्टिव रणनीति और जोखिम नियंत्रण के लिए अच्छा.
UTI Aggressive Hybrid Fund – पुराना और भरोसेमंद विकल्प, जो मार्केट मूवमेंट के अनुसार खुद को एडजस्ट करता है.
अगर आप 3 से 5 साल या उससे अधिक अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं और मार्केट की उतार-चढ़ाव के बीच संतुलित ग्रोथ चाहते हैं, तो ये तीन फंड्स आपकी SIP पोर्टफोलियो में शामिल किए जा सकते हैं.
1. एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में कितना इक्विटी हिस्सा होता है?
इनमें 65-80% इक्विटी और 20-35% डेब्ट या मनी मार्केट निवेश होता है.
2. क्या ये फंड्स शुरुआती निवेशकों के लिए सही हैं?
हां, जो थोड़ा जोखिम लेकर लॉन्ग टर्म निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह उपयुक्त हैं.
3. इनमें SIP का आदर्श समय कितना होना चाहिए?
कम से कम 3-5 साल का निवेश बेहतर रहता है.
4. किस फंड ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है?
ICICI Prudential Equity & Debt Fund ने पिछले 10 सालों में लगभग 18.8% वार्षिक SIP रिटर्न दिया है.
5. क्या ये फंड टैक्स-सेविंग कैटेगरी में आते हैं?
नहीं, ये टैक्स-सेविंग (ELSS) फंड्स नहीं हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नियम इन पर लागू होते हैं.
(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)