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Hybrid Mutual Fund Investment: भारत में निवेशकों का रुझान अब तेजी से म्यूचुअल फंड की ओर बढ़ रहा है. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के इस दौर में खुदरा निवेशक सीधी ट्रेडिंग से बच रहे हैं और व्यवस्थित तरीकों जैसे म्यूचुअल फंड में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसका प्रमाण है एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी मई 2025 का डेटा.
इस ताजा आंकड़े के मुताबिक, मई में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 72.20 लाख करोड़ रुपए के पार चला गया, जो अप्रैल में लगभग 70 लाख करोड़ रुपए था. इसके अलावा, निवेशकों के फोलियो की संख्या भी बढ़कर 23.83 करोड़ हो गई. यह बढ़त दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड पर लगातार बढ़ रहा है.
बाजार की अस्थिरता और वैश्विक परिस्थितियों के चलते हाइब्रिड म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं. इनमें एक साथ इक्विटी, डेट, गोल्ड और रियल एस्टेट जैसी विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया जाता है, जिससे जोखिम को कम करते हुए बेहतर रिटर्न की संभावना बनती है. अप्रैल 2025 में हाइब्रिड फंडों में 14,247 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ, जबकि मार्च में 946 करोड़ रुपए की निकासी देखी गई थी.
विशेषज्ञों के अनुसार, रूस-यूक्रेन संघर्ष, अमेरिका की टैरिफ नीतियों में अनिश्चितता जैसे कारण निवेशकों को सतर्क बना रहे हैं. इस कारण निवेशक ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जहां सुरक्षा और संभावित रिटर्न दोनों मिल सकें. हाइब्रिड फंड इस जरूरत को पूरा कर रहे हैं क्योंकि वे बाजार में गिरावट के प्रभाव को सीमित कर देते हैं और उछाल का लाभ उठाते हैं.
हाइब्रिड फंडों के प्रदर्शन ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. उदाहरण के लिए, निप्पॉन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने पिछले तीन सालों में 13.55% और निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने 17.99% का रिटर्न दिया है. ये फंड न सिर्फ इक्विटी बल्कि सोना और चांदी जैसी वस्तुओं में भी निवेश करते हैं, जिससे हाल के दिनों में इन धातुओं की कीमतों में आई तेजी का लाभ मिला है.
क्या है इनकी खासियत?
इसके अलावा, कोटक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और एसबीआई जैसे बड़े फंड हाउसों के हाइब्रिड फंडों ने भी अच्छे रिटर्न दिए हैं. इन फंडों की खासियत है कि वे बाजार के वैल्यूएशन और संकेतकों के आधार पर अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करते रहते हैं. इसी वजह से हाइब्रिड फंड अक्सर व्यापक इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं. इस समय निवेशकों को चाहिए कि वे बाजार की अनिश्चितता से घबराने के बजाय विवेकपूर्ण विकल्प चुनें. हाइब्रिड म्यूचुअल फंड, विविधता और स्थिरता के साथ लंबे समय तक लाभ देने वाले विकल्प बन कर उभरे हैं.