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पिछले अक्षय तृतीया से अबतक इन 5 Gold ETF ने दिया है धुंआधार रिटर्न.
भारत में अक्षय तृतीया का मतलब ही है सोना खरीदने का दिन. बरसों से हम और आप इस दिन को शुभ मानकर सोने की खरीदारी करते आए हैं. लेकिन अब बाजार की हवा बदल चुकी है. अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड की SIP ही पैसा बनाती है, तो आपको अपनी सोच बदलनी होगी. पिछले एक साल के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि सोने ने इस बार ऐसी छलांग लगाई है कि FD और SIP के रिटर्न उसके सामने छोटे नजर आने लगे हैं.
हैरानी की बात ये है कि ये कमाई गहनों से नहीं, बल्कि 'Gold ETF' यानी डिजिटल सोने से हुई है. 30 अप्रैल 2025 की अक्षय तृतीया से लेकर अब तक, कुछ चुनिंदा गोल्ड ETF ने 59% से ज्यादा का भारी-भरकम रिटर्न देकर सबको चौंका दिया है. ये एक ऐसी चमक है, जिसने निवेशकों की झोली खुशियों से भर दी है.
इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो टाटा गोल्ड ETF ने सबको पीछे छोड़ते हुए नंबर वन की कुर्सी हासिल की है. चलिए देखते हैं किन फंड्स ने कितनी तगड़ी कमाई कराई है-
| गोल्ड ETF का नाम | रिटर्न (%) | AUM (करोड़ रुपये में) |
| Tata Gold ETF | ||
| Aditya Birla Sun Life Gold ETF | ||
| ICICI Prudential Gold ETF | ||
| Zerodha Gold ETF | ||
| Kotak Gold ETF | ||
| DSP & HDFC Gold ETF |
Tata Gold ETF: इसने पिछले साल 30 अप्रैल से अब तक सबसे ज्यादा 59.42% का मुनाफा दिया है.
AUM का गणित: ICICI और HDFC जैसे फंड्स का मैनेजमेंट काफी बड़ा है, जो दिखाता है कि लोगों का भरोसा इन पर कितना गहरा है.
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आज का दौर स्मार्ट निवेश का है. पुराने समय में सोना खरीदकर उसे तिजोरी में बंद कर दिया जाता था, लेकिन अब लोग लिक्विडिटी यानी कैश की सुविधा चाहते हैं. गोल्ड ETF में पैसा लगाना आजकल की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है.
बेचना बहुत आसान: आपको सुनार के पास जाकर मोल-भाव करने की जरूरत नहीं है. इसे आप कभी भी मार्केट रेट पर बेचकर अपने पैसे सीधे बैंक खाते में पा सकते हैं.
मैनेज करना बच्चों का खेल: इसे रखने के लिए आपको किसी लॉकर या अलमारी की जरूरत नहीं पड़ती. ये आपके डीमैट अकाउंट में बिलकुल वैसे ही रहता है जैसे किसी कंपनी के शेयर.
जब हम घर में सोना रखते हैं, तो सबसे बड़ा डर चोरी का होता है. बैंक लॉकर लें तो उसका सालाना किराया अलग से देना पड़ता है. गोल्ड ETF ने इस पूरी समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है. ये डिजिटल रूप में आपके अकाउंट में सेव रहता है. न इसके खोने का डर है और न ही इसके खराब होने की चिंता. फिजिकल सोना खरीदते वक्त हमें हमेशा इसकी शुद्धता पर शक रहता है, लेकिन ETF में ऐसी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि ये सीधे बाजार के भाव और मानक से जुड़ा होता है.
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आम तौर पर जब आप सोने का सिक्का या हार खरीदते हैं, तो आपको मेकिंग चार्ज के नाम पर भारी रकम देनी पड़ती है. जब आप उसे बेचने जाते हैं, तो वही मेकिंग चार्ज काट लिया जाता है, जिससे आपका मुनाफा कम हो जाता है.
कम एक्सपेंस रेशियो: गोल्ड म्यूचुअल फंड के मुकाबले ETF को मैनेज करने की फीस बहुत कम होती है.
फालतू टैक्स की बचत: गहने खरीदते समय लगने वाले मेकिंग चार्ज और अन्य टैक्स यहां नहीं देने पड़ते, जिससे आप सीधे अपनी पूरी रकम सोने में निवेश करते हैं.
छोटी शुरुआत: जरूरी नहीं कि आप एक साथ 50-60 हजार रुपये खर्च करें. आप बहुत छोटे अमाउंट के साथ यूनिट्स खरीदकर भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं.
गोल्ड ETF की सबसे खास बात ये है कि ये शेयर बाजार में लिस्टेड होते हैं. आप अपने मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं कि आपके निवेश की वैल्यू अभी क्या चल रही है. इसकी कीमतें सीधे मार्केट रेट से जुड़ी होती हैं, तो इसमें हेर-फेर की कोई गुंजाइश नहीं रहती. जैसे आप सुबह शेयर खरीदते हैं और शाम को बेच देते हैं, वैसे ही ETF में भी आप बाजार के दौरान कभी भी फैसला ले सकते हैं.
निवेश की दुनिया में एक पुरानी कहावत है कि अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए. गोल्ड ETF आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस करने का काम करता है. जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, सोने के दाम भी आसमान छूने लगते हैं. ऐसे में आपका पैसा न केवल सुरक्षित रहता है, बल्कि उसकी वैल्यू भी बढ़ती रहती है. अगर शेयर बाजार नीचे गिरता है, तो अक्सर सोना ऊपर जाता है. इससे आपका कुल रिस्क काफी कम हो जाता है.
इस अक्षय तृतीया पर बाजार के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि गोल्ड ETF ने बाकी सभी पारंपरिक निवेशों को पछाड़ दिया है. अगर आप भी सुरक्षा, कम खर्च और शानदार रिटर्न का तालमेल चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड एक बेहतरीन रास्ता है.
टाटा से लेकर कोटक तक, इन फंड्स ने साबित कर दिया है कि सोने की असली चमक अब तिजोरी में नहीं, बल्कि आपके डीमैट अकाउंट में है. अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह लगाइए ताकि अगली अक्षय तृतीया तक आपका निवेश और भी ज्यादा जगमगाए.
(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 गोल्ड ETF में निवेश शुरू करने के लिए क्या चाहिए?
इसके लिए आपके पास बस एक डीमैट अकाउंट होना चाहिए. आप अपने स्टॉक ब्रोकर के जरिए किसी भी कंपनी के गोल्ड ETF यूनिट्स खरीद सकते हैं.
Q2 क्या मैं इसे कभी भी बेच सकता हूं?
जी हां, शेयर बाजार के खुलने के समय (सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक) आप इसे कभी भी बेचकर पैसा निकाल सकते हैं.
Q3 क्या इसमें फिजिकल सोने की तरह मेकिंग चार्ज लगता है?
बिल्कुल नहीं. इसमें कोई मेकिंग चार्ज नहीं लगता, इसीलिए ये फिजिकल गोल्ड के मुकाबले ज्यादा सस्ता और फायदेमंद पड़ता है.
Q4 इस साल सबसे ज्यादा रिटर्न किस फंड ने दिया है?
डाटा के हिसाब से टाटा गोल्ड ETF ने पिछले एक साल में सबसे ज्यादा 59.42% का रिटर्न दिया है.
Q5 क्या गोल्ड ETF सुरक्षित है?
ये पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि ये आपके डीमैट अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होता है और सेबी (SEBI) के नियमों के तहत काम करता है. इसमें चोरी या अशुद्धता का कोई जोखिम नहीं है.