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ये तो आप जानते ही होंगे कि म्यूचुअल फंड में निवेश दो अहम तरीकों से होता है: SIP (हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा डालना) या लंप सम (एक बार में पूरा पैसा लगाना).तो अगर आपके पास 20 लाख रुपए हैं, तो क्या इसे एकमुश्त लगाएं या 20,000 रुपये महीने का SIP शुरू करें? तो आखिर 20 साल बाद कौन सा तरीका ज्यादा धन बनाएगा? असल में दोनों तरीकों से धन बढ़ता है, लेकिन रिटर्न और जोखिम अलग हैं.तो आइए समझें कि SIP और लंप सम कैसे काम करते हैं, 20 साल में कितना धन बन सकता है, और कौन सा बेहतर है.
SIP (सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान): असल में इसमें हर महीने फिक्स रकम, जैसे 20,000 रुपए, फंड में डालते हैं, बाजार नीचे हो तो सस्ते में ज्यादा यूनिट्स मिलते हैं (रुपी कॉस्ट एवरेजिंग).
लंप सम (एकमुश्त निवेश): पूरा 20 लाख रुपएएक बार में लगाते हैं, पूरा पैसा शुरू से कंपाउंडिंग का फायदा लेता है.
दोनों इक्विटी फंड्स में 15% औसत रिटर्न मानें (लंबे समय का औसत).
मान लीजिए 12% सालाना रिटर्न, SIP में कुल निवेश 20,000 × 15 × 20 = 48 लाख रुपए, लंप सम में 20 लाख.
SIP: 20,000 रुपए महीन
कुल निवेश: 48 लाख रुपए
20 साल बाद धन: लगभग 2.7 करोड़ रुपए
कुल निवेश: 20 लाख रुपये
20 साल बाद धन: लगभग 1.92 करोड़ रुपए
मुनाफा: 1.92 करोड़ - 20 लाख = 1.72 करोड़ रुपए (86% रिटर्न)
नतीजा: SIP ज्यादा धन बनाता है (2.7 करोड़ vs 1.92 करोड़), क्योंकि कुल निवेश ज्यादा होता है. लेकिन लंप सम में कम पैसा लगाकर अच्छा रिटर्न मिलता है.तो अगर आपका पैसा तैयार है, तो लंप सम तेजी से बढ़ता है.
SIP (20,000/महीना) और लंप सम (20 लाख)
कुल निवेश एसआईपी में 48 लाख रुपए का और लंप सम 20 लाख रुपए का होगा. 20 साल बाद धन 2.27 करोड़ रुपए एसआईपी से और 1.92 करोड़ रुपए लंपसम से बनेगा.
SIP और लंपसम निवेश के बीच चयन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) नियमित कमाई वाले निवेशकों के लिए जरूरी है, क्योंकि यह रिस्क को कम करता है, लेकिन कुल निवेश थोड़ा ज्यादा होता है. वहीं, लंपसम निवेश एकमुश्त पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए बेहतर है, क्योंकि यह तेज़ी से बढ़ता है, लेकिन मार्केट गिरने पर नुकसान का रिस्क अधिक रहता है. कम निवेश करने वालों के लिए रूढ़ि रूप से averaging यानी समय के साथ निवेश करना लाभकारी होता है, जबकि ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने वाले बाजार टाइमिंग के आधार पर फायदा उठा सकते हैं.
SIP और लंपसम निवेश दोनों के अपने फायदे भी हैं. SIP के फायदे यह हैं कि रुपी कॉस्ट एवरेजिंग से बाजार नीचे होने पर सस्ते में यूनिट खरीद सकते हैं, यह निवेश में डिसिप्लिन लाता है और लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है, लंपसम निवेश में पूरा पैसा शुरू से बढ़ता है, कम निवेश में भी लंबा लाभ मिलता है और इसे एक बार लगाने के बाद भूल सकते हैं.सही विकल्प चुनने के लिए यदि आपके पास नियमित सैलरी है तो SIP बेस्ट है, एकमुश्त राशि हो तो लंपसम बेहतर है, और हाइब्रिड ऑप्शन भी लिया जा सकता है.
20,000 SIP 20 साल में 2.27 करोड़ बनाता है, जबकि 20 लाख लंप सम 1.92 करोड़. SIP ज्यादा धन बनाता है, लेकिन लंप सम तेज, अपनी स्थिति के हिसाब से चुनें. स्मार्ट निवेश से धनवान बनें.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)
5 FAQs
Q1. SIP और लंप सम में क्या अंतर है?
SIP में हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि निवेश होती है, जबकि लंप सम में एकमुश्त रकम लगाई जाती है.
Q2. 20,000 रुपये की SIP 20 साल में कितना बनाती है?
लगभग 2.27 करोड़ रुपये (12% औसत रिटर्न पर).
Q3. 20 लाख रुपये लंप सम 20 साल में कितना बनाता है?
करीब 1.92 करोड़ रुपये (12% औसत रिटर्न पर).
Q4. किसमें जोखिम ज्यादा है – SIP या लंप सम?
लंप सम में जोखिम ज्यादा है क्योंकि मार्केट गिरने पर नुकसान बढ़ सकता है, SIP में जोखिम कम होता है.
Q5. किसे चुनना चाहिए – SIP या लंप सम?
अगर नियमित सैलरी है तो SIP बेहतर है, और अगर एकमुश्त राशि है तो लंप सम सही विकल्प है.
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