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बेरोजगारी आज के समय में बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है. ऐसे तमाम युवा हैं जो कई तरह की डिग्री होने के बावजूद बेरोजगार हैं. ऐसे युवाओं को सक्षम बनाने के लिए सरकार कई तरह की स्कीम्स चलाती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और पीएम स्वनिधि योजना इनमें से एक है. आइए आपको बताते हैं कि इन स्कीम्स का फायदा कैसे लिया जा सकता है.
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) को मोदी सरकार ने 2015 में शुरू किया था ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा सके. इस स्कीम के तहत 10 लाख रुपए तक का कोलैटरल फ्री लोन दिया जाता है. ये लोन नॉन-कॉरपोरेट और गैर-कृषि कार्यों के लिए दिया जाता है. अगर आप अपना कोई व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और आपके पास उसके लिए रकम नहीं है, तो सरकार की इस स्कीम के जरिए आप पैसों की जरूरत को पूरा कर सकते हैं.
ये स्कीम भी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से जुलाई 2015 में शुरू की गई थी. इसे प्रधानमंत्री यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता हैइस योजना के अंतर्गत युवाओं को तमाम क्षेत्रों में फ्री ट्रेनिंग देकर उनको रोजगार के योग्य बनाया जाता है. ट्रेनिंग नि:शुल्क होती है. ट्रेनिंग के दिनों में सहायता राशि भी युवाओं को दी जाती है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सर्टिफिकेट मिलता है जिसे दिखाकर प्राइवेट या सरकारी क्षेत्र में नौकरी प्राप्त की जा सकती है या फिर इस सर्टिफिकेट की सहायता से युवा खुद का बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं.
पीएम स्वनिधि योजना के तहत सरकार रेहड़ी-पटरी वालों को 50,000 रुपए तक का लोन देती है. ये लोन कोलैट्रल फ्री होता है यानी इसके लिए वेंडर्स को बैंक के पास कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है. स्ट्रीट वेंडर्स को स्वावलंबी बनाने, उनके रोजगार को बढ़ाने और उनकी आय में बढ़ोत्तरी के लिए मोदी सरकार ने साल 2020 में पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत लोन तीन बार में मिलता है. रकम को 12 महीने में लौटाना होता है. बिजनेस शुरू करने के लिए इस स्कीम के तहत पहली बार में 10,000 रुपए तक के लोन के लिए अप्लाई किया जाता है. अगर समय से पैसा चुका दिया, तो वेंडर्स दोगुनी रकम यानी 20,000 रुपए तक के लोन के लिए एलिजिबिल हो जाते हैं और तीसरी बार में वे 50,000 रुपए तक लोन ले सकते हैं.