आयकर रिटर्न (ITR) की देर से फाइलिंग पर हो सकता है भारी नुकसान, इन बातों का रखें ध्यान

कोरोना के चलते सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल भरने की तारिख को बड़ा दिया था. जिसके चलते सभी टैक्सपेयर्स को समय पर ITR फाइल दर्ज करना चाहिए. तय तारीख पर या उससे पहले अपना आयकर दाखिल करना किसी भी टैक्सपेयर्स के लिए सबसे जरूरी काम है.
आयकर रिटर्न (ITR) की देर से फाइलिंग पर हो सकता है भारी नुकसान, इन बातों का रखें ध्यान

देरी से आईटीआर फाइल करने पर एक तरफ इनकम टैक्‍स में छूट का कम लाभ भी नहीं मिल पाता है. 

कोरोना के चलते सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल भरने की तारीख को बड़ा दिया था. टैक्सपेयर्स को समय पर ITR फाइल करना चाहिए. तय तारीख या उससे पहले अपना आयकर दाखिल करना किसी भी टैक्सपेयर्स के लिए सबसे जरूरी काम है. आयकर रिटर्न देर से दाखिल करने पर टैक्सपेयर्स को कॉफी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कम छूट के अलावा, टैक्सपेयर्स को जुर्माना भी देना होगा. देरी से ITR फाइल करने पर एक तरफ इनकम टैक्‍स में छूट (Income Tax Exemptions) का कम लाभ भी नहीं मिल पाता है. ऐसा करने से हो सकते है ये नुकसान

नुकसान: रिटर्न फाइल करने पर करदाता आवासीय संपत्ति (House Property) को हुए नुकसान के अलावा किसी भी तरह की क्षति को कैरी फार्वर्ड (Carry Forward) नहीं कर सकते हैं.

धारा 234 ए के तहत ब्याज की छूट: आयकर कानून (Income Tax Act) की धारा-234A के तहत करदाता को 1 फीसदी की साधारण दर से हर महीने ब्‍याज (Simple Interest) चुकाना होगा.

लेट फाइलिंग फीस: धारा 234 एफ के तहत लेट फाइलिंग फीस, AY 2018-19 से दाखिल रिटर्न के लिए लगाई जाती है, अगर तय तारीख के बाद रिटर्न दाखिल किया जाता है. लेकिन, आकलन वर्ष के 31 दिसंबर से पहले, 5,000 रुपय की देर से दाखिल शुल्क लिया जाता है. अगर रिटर्न 31 दिसंबर की तुलना में बाद में दाखिल किया जाता है, तो 10,000 रुपय की देर से फाइलिंग शुल्क देय है. हालांकि, देर से दाखिल शुल्क का पैमेंट, 1,000 से अधिक नहीं हो सकता है, यदि कुल इनकम 5 लाख रुपय से ज्यादा नहीं हैं.

कम लाभ: जुर्माने का पैमेंट करने के अलावा, एक टैक्सपेयर्स को उस वर्ष के लिए कुछ छूट और कटौती को छोड़ना होगा. छूट और कटौती जो आईटीआर देर से दाखिल होने पर उपलब्ध नहीं होगी, नीचे दिए गए हैं:

इनमें आयकर कानून की धारा-10A और धारा-10B के तहत मिलने वाली छूट नहीं मिल पाएगी.

धारा-80IA, 80IAB, 80IC, 80ID और 80IE के तहत मिलने वाली छूट से भी हाथ धोना पड़ेगा.

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देरी से इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) फाइल करने के कारण टैक्सपेयर्स को आयकर कानून की धारा-80IAC, 80IBA, 80JJA, 80JJAA, 80LA, 80P, 80PA, 80QQB और 80RRB के तहत मिलने वाले डिडक्‍शन का लाभ भी नहीं मिलेगा.

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