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आज के समय में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ₹1 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस (Term Insurance Plan) उनके परिवार के लिए काफी रहेगा. लेकिन असल सवाल ये है कि क्या ये रकम आने वाले 20-25 साल बाद भी उतनी ही वैल्यू रखेगी? क्योंकि महंगाई (Inflation), लाइफस्टाइल (Lifestyle) और परिवार की बढ़ती जरूरतें धीरे-धीरे इस रकम की वैल्यू कम कर देती हैं. यानी जो आज “बड़ा अमाउंट” लगता है, वो भविष्य में छोटा साबित हो सकता है.
मसलन, अगर आज आपकी सालाना इनकम ₹15 लाख है और आपने ₹1 करोड़ का कवर लिया है, तो वो आपकी मौजूदा कमाई का लगभग 6.6 गुना हुआ. लेकिन फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लाइफ कवर आपकी सालाना इनकम का कम से कम 10-15 गुना होना चाहिए.
आइए एक सिंपल कैलकुलेशन से समझते हैं कि 1 करोड़ रुपये की वैल्यू आज से 25 साल बाद कितनी हो जाएगी.
| वर्ष | महंगाई दर (Inflation) | ₹1 करोड़ की वैल्यू |
|---|---|---|
| 2025 | - | ₹1,00,00,000 |
| 2035 | 6% | ₹55,80,000 |
| 2045 | 6% | ₹31,00,000 |
| 2050 | 6% | ₹23,70,000 |
यानी 25 साल बाद 1 करोड़ की वैल्यू करीब 24 लाख के बराबर रह जाएगी. यानी उतने में शायद सिर्फ बुनियादी खर्च ही पूरे होंगे.
टर्म इंश्योरेंस का सही अमाउंट तय करने के लिए 3 बेसिक बातें ध्यान रखिए-
फॉर्मूला: कुल टर्म इंश्योरेंस = (इनकम × 15) + बाकी लोन + भविष्य की जरूरतें
अगर अभी आप अविवाहित हैं, तो ₹1 करोड़ ठीक है. लेकिन शादी के बाद, बच्चों के आने पर और खर्च बढ़ने पर ये रकम कम पड़ सकती है. आज की लाइफस्टेज पर आपको जो ठीक लग रहा है, वो 10 साल बाद अधूरा हो सकता है. इसलिए हर 5 साल में अपने टर्म इंश्योरेंस को रिव्यू करें.
कई नए टर्म प्लान (Term Plan) आजकल Life Stage Benefit या Step-Up Option देते हैं. इसका मतलब है कि जैसे-जैसे आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, वैसे-वैसे आप उसी पॉलिसी में कवरेज बढ़ा सकते हैं, बिना नई पॉलिसी लिए.
मान लीजिए आपकी इनकम ₹15 लाख है और आपने ₹1 करोड़ का टर्म प्लान लिया है. अब मान लीजिए अगले 10 साल में आपकी इनकम ₹25 लाख हो जाती है. फाइनेंशियल रूल कहता है कि अब आपको 10–15 गुना कवर चाहिए, यानी ₹2.5 से ₹3.75 करोड़. मतलब आपकी जरूरत दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई.
35 साल की उम्र में ₹1 करोड़ का टर्म प्लान लेना एक अच्छी शुरुआत है. लेकिन जैसे-जैसे आपकी इनकम और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, इस कवर को रिव्यू करना जरूरी है. अगर आपकी पॉलिसी में कवर बढ़ाने की सुविधा नहीं है, तो आपको नया टर्म प्लान लेना चाहिए. हर इंसान के लिए “One-size-fits-all” अप्रोच काम नहीं करती. इसलिए हर 5 साल में पॉलिसी रिव्यू कराना जरूरी है.
कई लोग सोचते हैं कि दो पॉलिसी रखना गलत है, लेकिन ऐसा नहीं है. आप चाहें तो दो या तीन पॉलिसी रख सकते हैं, ताकि अलग-अलग समय पर अलग जरूरतें पूरी हो सकें. इससे फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है. टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit) भी बना रहता है. क्लेम प्रोसेस भी आसान रहता है अगर सब डाक्युमेंट्स क्लियर हों.
अगर आप 25-30 की उम्र में ₹1 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस लेते हैं, तो ये गलत नहीं है. लेकिन इसे हमेशा फाइनल ना मानें. हर 5 साल बाद इनकम, खर्च, लोन और फैमिली साइज देखकर इसका रिव्यू करते रहें. याद रखिए कि बीमा सिर्फ पैसे की बात नहीं है, ये आपके परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी (Financial Security) की गारंटी है.
यह एक पॉलिसी है जो आपकी मौत की स्थिति में परिवार को तय रकम देती है.
जितनी जल्दी लें, उतना सस्ता प्रीमियम मिलता है.
हां, अगर आपकी पॉलिसी में “लाइफ स्टेज बेनिफिट” है तो.
हां, जरूरत और उम्र के हिसाब से यह ठीक है.
हर 5 साल बाद या इनकम बढ़ने पर.
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