Health Insurance Premium:आखिर क्यों हर साल महंगा हो रहा हेल्थ इंश्योरेंस? रिपोर्ट में पढ़ें असली वजह और नए नियम

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम लगातार बढ़ने पर सरकार ने लोकसभा में जवाब दिया है. सरकार के मुताबिक मेडिकल महंगाई, बढ़ती उम्र और ज्यादा कवर लेने की वजह से प्रीमियम बढ़ता है.तो जानिए पिछले सालों में कितना बढ़ा हेल्थ इंश्योरेंस और सरकार ने क्या कदम उठाए.
Health Insurance Premium:आखिर क्यों हर साल महंगा हो रहा हेल्थ इंश्योरेंस? रिपोर्ट में पढ़ें असली वजह और नए नियम


देश में लगातार बढ़ते जा रहे हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और इलाज के खर्च को लेकर सरकार से सवाल पूछा गया है.तो अब लोकसभा में इस मुद्दे पर जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम कई वजहों से हर साल बढ़ता है. इसमें मेडिकल महंगाई, लोगों की बढ़ती उम्र, ज्यादा बीमा कवर लेना और पॉलिसी में नई सुविधाएं शामिल होती हैं.

सवाल:कैसे तय होता है प्रीमियम?

सरकार के मुताबिक पिछले कुछ सालों में हेल्थ इंश्योरेंस का औसत प्रीमियम धीरे-धीरे बढ़ा है. हालांकि बीमा कंपनियों को यह भी तय करना होता है कि प्रीमियम उचित और पारदर्शी तरीके से तय किया जाए.

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सवाल: पिछले तीन साल में कितना बढ़ा हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम?

  • सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस का औसत प्रीमियम बढ़ा है.
  • फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में फैमिली फ्लोटर हेल्थ पॉलिसी का औसत प्रीमियम करीब 7,020 रुपये प्रति व्यक्ति रहा है.
  • यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 3.35% ज्यादा है.
  • वहीं व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का औसत प्रीमियम करीब 11,187 रुपये रहा है.
  • इसमें लगभग 9.95% की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है.
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प्रीमियम बढ़ने की बड़ी वजहें क्या हैं?

  • सरकार के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस महंगा होने के पीछे कई कारण हैं
  • मेडिकल खर्चों में लगातार बढ़ोतरी
  • बीमाधारकों की औसत उम्र बढ़ना
  • ज्यादा बीमा कवर लेना है
  • पॉलिसी में एक्स्ट्रा सुविधाएं जोड़ना
  • तो फिर इन वजहों से बीमा कंपनियां समय-समय पर प्रीमियम में बदलाव करती हैं.

बीमा कंपनियों और अस्पतालों के साथ हुई बैठक?

सरकार ने बताया कि 13 नवंबर 2025 को बीमा कंपनियों और अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई थी और इस बैठक में सभी पक्षों को सुझाव दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के लिए ज्यादा सस्ता और सुलभ बनाने के उपाय किए जाएं.

तमिलनाडु को लेकर क्या बोली सरकार?

आपको बता दें कि कुछ रिपोर्ट्स में यह सवाल उठाया गया था कि क्या तमिलनाडु के पॉलिसीधारकों को प्रीमियम बढ़ोतरी, क्लेम रिजेक्शन या कैशलेस इलाज में देरी का ज्यादा सामना करना पड़ रहा है.तो फिर इस पर सरकार ने कहा कि बीमा नियामक IRDAI के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उस राज्य में लोगों पर ज्यादा असर पड़ा है.

10% से ज्यादा प्रीमियम बढ़ाने पर क्या नियम है?

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर सीनियर सिटीजन हेल्थ पॉलिसी में प्रीमियम 10% से ज्यादा बढ़ाया जाता है, तो बीमा कंपनियों को पहले IRDAI से सलाह लेनी होती है.हालांकि अभी यह नियम सभी तरह की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

सीनियर सिटीजन के लिए सरकार की योजना क्या है?

सरकार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों को अस्पताल में भर्ती होने पर हेल्थ बीमा कवर दिया जाता है. इस योजना का दायरा बढ़ाकर अब 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के करीब 6 करोड़ सीनियर सिटीजन को भी शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य सीनियर सिटीजन को इलाज के बढ़ते खर्च से राहत देना है.

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कम शब्दों में समझें पूरी बात

कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी कई फाइनेंशियल और मेडिकल कारणों से होती है, लेकिन सरकार और नियामक संस्थाएं इस बात पर नजर रख रही हैं कि आम लोगों को ज्यादा आर्थिक बोझ न उठाना पड़े.

FAQs

1. हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम क्यों बढ़ रहा है?
मेडिकल खर्चों में बढ़ोतरी, बीमाधारकों की बढ़ती उम्र और ज्यादा बीमा कवर लेने जैसी वजहों से प्रीमियम बढ़ता है

2. 2024-25 में औसत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कितना रहा?
फैमिली फ्लोटर पॉलिसी का औसत प्रीमियम करीब ₹7,020 प्रति व्यक्ति रहा

3. व्यक्तिगत हेल्थ पॉलिसी का औसत प्रीमियम कितना है?
2024-25 में व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस का औसत प्रीमियम करीब ₹11,187 रहा

4. क्या 10% से ज्यादा प्रीमियम बढ़ाने पर कोई नियम है?
सीनियर सिटीजन हेल्थ पॉलिसी में 10% से ज्यादा प्रीमियम बढ़ाने से पहले IRDAI से सलाह लेना जरूरी होता है

5. सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या कर रही है?
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के करीब 6 करोड़ बुजुर्गों को स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है

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