ESIC योजना से जून में जुड़े 19.37 लाख नए कर्मचारी, युवाओं और महिलाओं की सबसे बड़ी हिस्सेदारी

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने जून 2025 के पेरोल आंकड़े जारी किए हैं. इस महीने 19.37 लाख नए कर्मचारियों ने ESI योजना में पंजीकरण कराया है. इसमें लगभग आधे से ज्यादा युवा (25 साल तक), 4.13 लाख महिलाएं और 87 ट्रांसजेंडर भी शामिल हैं.
ESIC योजना से जून में जुड़े 19.37 लाख नए कर्मचारी, युवाओं और महिलाओं की सबसे बड़ी हिस्सेदारी

ESIC योजना से जून में जुड़े 19.37 लाख नए कर्मचारी

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने जून 2025 के पेरोल आंकड़े जारी किए हैं. इसमें बताया गया है कि जून महीने में 19.37 लाख नए कर्मचारियों ने ESI योजना से जुड़कर रजिस्ट्रेशन कराया है. इसका मतलब है कि अब और ज्यादा लोग इस सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में आ गए हैं.

34,762 नई कंपनियां जुड़ीं

श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुताबिक, जून में 34,762 नई कंपनियों और संस्थानों को भी ESI योजना से जोड़ा गया है. इससे लाखों कर्मचारियों को बीमा और अन्य सुरक्षा का फायदा मिलेगा.

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युवाओं की सबसे बड़ी हिस्सेदारी

पंजीकृत हुए कर्मचारियों में से 9.58 लाख कर्मचारी 25 साल से कम उम्र के हैं. यह कुल नए रजिस्ट्रेशन का करीब 49.5% हिस्सा है. साफ है कि बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा का भी लाभ ले रहे हैं.

महिलाएं और ट्रांसजेंडर भी बड़ी संख्या में जुड़े

जून में 4.13 लाख महिलाओं ने भी ESI योजना में नाम दर्ज कराया है. इतना ही नहीं, 87 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों ने भी रजिस्ट्रेशन कराया. यह दिखाता है कि ESIसी समाज के हर वर्ग को कवर करने की दिशा में काम कर रहा है.

ESI योजना क्या है?

ESI यानी कर्मचारी राज्य बीमा योजना कर्मचारियों के लिए एक तरह का जीवन सुरक्षा कवच है. इस योजना के तहत बीमारी, प्रसूति, विकलांगता या काम के दौरान किसी हादसे की वजह से मौत होने पर कर्मचारियों और उनके परिवार को आर्थिक मदद और इलाज की सुविधा दी जाती है. यह योजना कारखानों, दुकानों, होटलों और स्कूल-कॉलेज जैसे कई संस्थानों पर लागू होती है.

EPFO में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी

इसी दौरान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. जून 2025 में 21.89 लाख नए सदस्य इसमें जुड़े हैं. अप्रैल 2018 से जब से पेरोल डेटा ट्रैक करना शुरू हुआ था, तब से अब तक यह सबसे बड़ी बढ़त है.

काम की बात क्या है?

जून के आंकड़े बताते हैं कि अब ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी और संस्थान औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की तरफ बढ़ रहे हैं. खास बात यह है कि इसमें युवा, महिलाएं और ट्रांसजेंडर समुदाय भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में ESI और EPFO जैसी योजनाओं से और ज्यादा लोग जुड़ेंगे, जिससे देश में कामगारों को ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा.

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