बैंक लॉकर में रखा है ज्वेलरी या कीमती सामान तो जरूर करें ये काम, नुकसान हुआ तो होगी 1-1 पैसे की भरपाई!

अक्सर लोग मानते हैं कि बैंक लॉकर में रखा सोना और कीमती सामान 100% सुरक्षित होता है, जबकि बैंक इसकी पूरी जिम्मेदारी नहीं लेता. RBI के मुताबिक, सिर्फ बैंक की लापरवाही साबित होने पर ही सीमित मुआवजा मिलता है. ऐसे में लॉकर इंश्योरेंस जरूरी हो जाता है. ये पॉलिसी चोरी, आग, प्राकृतिक आपदा और अन्य नुकसान से आपके सामान की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करती है. 
बैंक लॉकर में रखा है ज्वेलरी या कीमती सामान तो जरूर करें ये काम, नुकसान हुआ तो होगी 1-1 पैसे की भरपाई!

अगर आप अपने बैंक लॉकर में सोने-चांदी की ज्वेलरी, महंगी जड़ाऊ चीजें या अन्य कीमती सामान रखते हैं, तो सिर्फ लॉकर पर भरोसा करना काफी नहीं है. बहुत लोग मान लेते हैं कि बैंक लॉकर में रखा सामान 100% सुरक्षित होता है और अगर नुकसान होता है तो बैंक पूरा हर्जाना देगा. लेकिन ये आधा सच है. असल में बैंक लॉकर में रखे सामान की पूरी जिम्मेदारी बैंक की नहीं होती. ऐसे में नुकसान होने पर आपको भारी घाटा उठाना पड़ सकता है. इसलिए लॉकर में रखे कीमती सामान का अलग से इंश्योरेंस करवाना बेहद जरूरी हो जाता है.

बैंक लॉकर में रखा सामान पूरी तरह सुरक्षित होता है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि लॉकर में सामान रखने से उनका सोना-चांदी और जरूरी दस्तावेज बिल्कुल सुरक्षित हो जाते हैं. लेकिन बैंक और ग्राहक का रिश्ता यहां लॉकर मालिक और किराएदार जैसा माना जाता है. यानी बैंक इस बात के लिए जिम्मेदार नहीं होता कि आपने अंदर क्या रखा है. बैंक लॉकर की लिस्ट या सामान की कीमत बताने की कोई बाध्यता नहीं होती. इसलिए बैंक नुकसान की पूरी भरपाई नहीं करता.

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RBI के नियम: कब बैंक देगा हर्जाना?

RBI गाइडलाइन्स के मुताबिक, अगर नुकसान बैंक की लापरवाही, चूक या बैंक कर्मचारी की धोखाधड़ी की वजह से होता है, तो बैंक मुआवजा देगा. लेकिन मुआवजा सिर्फ लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना तक मिलेगा. अगर आपके लॉकर में लाखों का सोना है, तो ये हर्जाना बहुत कम पड़ सकता है. इसलिए इंश्योरेंस जरूरी है.

कौन-कौन-सा सामान बीमा कवर में शामिल हो सकता है?

बैंक लॉकर में जो चीजें रखने की अनुमति होती है, उनका इंश्योरेंस करवाया जा सकता है. कवर होने वाले सामान:

  • सोना, चांदी और डायमंड ज्वेलरी
  • महंगी जड़ाऊ वस्तुएं
  • महत्वपूर्ण दस्तावेज
  • रेयर कलेक्शन आइटम
  • कीमती धातुएं या सिक्के

बीमा कंपनी के हिसाब से इनका कवरेज अलग-अलग हो सकता है.

लॉकर इंश्योरेंस कैसे मिलता है? नियम क्या हैं?

ग्राहक को खुद से इंश्योरेंस करवाना होता है. बैंक लॉकर में रखे सामान का बीमा बैंक नहीं करता. ये आपको अलग से बीमा कंपनी से खरीदना पड़ता है.ये पॉलिसी नुकसान, चोरी, आग, भूकंप, बाढ़ जैसी घटनाओं से आपके सामान को आर्थिक सुरक्षा देती है. कई बैंक अपने ग्राहकों के लिए ग्रुप बीमा योजना भी उपलब्ध कराते हैं, जिसमें प्रीमियम कम होता है. आमतौर पर पॉलिसी 3 लाख से 40 लाख या उससे ज्यादा की कवरेज देती है. अगर सामान की कीमत 10 लाख से ऊपर है, तो वैल्यूअर की वैल्यूएशन रिपोर्ट जरूरी होती है.

इंश्योरेंस करवाने के बड़े फायदे

1. आर्थिक सुरक्षा

अगर लॉकर में रखा सोना, चांदी या महंगे दस्तावेज चोरी हो जाएं या आपदा में नष्ट हो जाएं, तो इंश्योरेंस कंपनी पूरा नुकसान कवर कर देती है.

2. मानसिक शांति

इंश्योरेंस आपको ये भरोसा देता है कि चाहे कितना भी बड़ा नुकसान क्यों ना हो, भरपाई मिल जाएगी. इससे चिंता खत्म होती है.

3. घर तक का सुरक्षा कवर

कई पॉलिसियां लॉकर से घर लाते समय भी सामान को कवर करती हैं. यानी रास्ते में अगर चोरी या घटना हो जाए तो भी कवर मिलता है.

4. कम प्रीमियम में बड़ा कवर

छोटा प्रीमियम और लाखों का कवरेज- इसे हर किसी के लिए किफायती बनाता है.

5. ग्रुप पॉलिसी के फायदे

अगर बैंक ग्रुप पॉलिसी देता है तो प्रीमियम और कम हो जाता है, जिससे ग्राहक को बचत होती है.

6. आसान क्लेम प्रोसेस

जरूरी कागजात होने पर क्लेम की प्रक्रिया काफी आसान होती है. आजकल डिजिटल क्लेम प्रोसेस से पैसे जल्दी मिल जाते हैं.

FAQs

1. क्या बैंक लॉकर में रखे सामान का बीमा बैंक करता है?

नहीं, बैंक बीमा नहीं करता. ग्राहक को खुद से अलग पॉलिसी लेनी होती है.

2. किन चीजों का इंश्योरेंस करवाया जा सकता है?

ज्वेलरी, सोना-चांदी, दस्तावेज, महंगी वस्तुएं- जो भी बैंक लॉकर में रखने की अनुमति है.

3. बैंक कितना मुआवजा देता है?

सिर्फ लॉकर के किराए का 100 गुना, वो भी तभी जब नुकसान बैंक की लापरवाही से हुआ हो.

4. क्या घर लाते समय सामान भी कवर होता है?

हां, कई पॉलिसियों में लॉकर से घर लाने तक की सुरक्षा भी शामिल होती है.

5. क्या इस बीमा के लिए वैल्यूएशन जरूरी है?

अगर सामान 10 लाख से ज्यादा का है तो सरकार मान्यता प्राप्त वैल्यूएर की रिपोर्ट जरूरी होती है.


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