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भारत में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में केंद्र सरकार ने एक अहम बदलाव किया है. अब 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे लोगों के लिए जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) अनिवार्य कर दिया गया है. यानी अब इन लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए किसी अन्य दस्तावेज की जगह सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट ही जमा करना होगा.
भारत में पासपोर्ट विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है, जिसके लिए देशभर में 36 पासपोर्ट कार्यालय मौजूद हैं. पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं, जिनमें पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण और जन्म तिथि का प्रमाण शामिल है. पहले जन्म तिथि के प्रमाण के लिए स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों को मान्यता दी जाती थी. लेकिन अब सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे लोगों के लिए सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट को ही वैध दस्तावेज माना है.
यह नया नियम केवल उन लोगों पर लागू होगा, जिनका जन्म 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद हुआ है. ऐसे लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा और इसके बिना वे पासपोर्ट के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे. वहीं, 1 अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे लोग अब भी अपनी जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड जैसे वैकल्पिक दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं.
सरकार के इस बदलाव का मकसद पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है. जन्म प्रमाण पत्र को अनिवार्य करने से दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित होगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी. साथ ही, इससे पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी होगी.
पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है या फिर नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) पर जाकर आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के बाद पुलिस सत्यापन प्रक्रिया होती है, जिसके सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद पासपोर्ट जारी किया जाता है.