बस ₹1 ज्यादा हुई सैलरी.. तो पूरी कमाई पर लगेगा टैक्स? तुरंत जानें Income Tax का ये नियम, बच जाएंगे सारे पैसे!

नई इनकम टैक्स व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक की सैलरी पर टैक्स जीरो है. लेकिन एक रुपये ज्यादा होते ही लोग घबरा जाते हैं कि पूरी कमाई टैक्स में चली जाएगी. असल में ऐसा नहीं होता. यहां मार्जिनल टैक्स का नियम काम करता है, जिसे न जानने की वजह से कई लोग बेवजह ज्यादा टैक्स भर देते हैं.
बस ₹1 ज्यादा हुई सैलरी.. तो पूरी कमाई पर लगेगा टैक्स? तुरंत जानें Income Tax का ये नियम, बच जाएंगे सारे पैसे!

Income Tax: नई इनकम टैक्स व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि अगर आपकी सैलरी टैक्स फ्री लिमिट से जरा सी भी ऊपर चली गई, तो पूरी कमाई पर टैक्स लग जाएगा. इसी डर की वजह से कई लोग या तो गलत प्लानिंग कर लेते हैं या डर के मारे CA के पास पहुंच जाते हैं और उसकी फीस का खर्चा कर बैठते हैं.

हकीकत यह है कि ऐसे मामले में इनकम टैक्स का सिस्टम इतना सख्त नहीं है जितना लगता है. सरकार ने ऐसे मामलों के लिए एक खास नियम बनाया है, जिसे मार्जिनल टैक्स रिलीफ (Marginal Tax Relief) कहा जाता है. लेकिन ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं होती.

पहले समझिए 12.75 लाख वाला पूरा गणित

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नई टैक्स व्यवस्था में नौकरीपेशा लोगों को 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपकी कुल सैलरी 12.75 लाख रुपये है, तो टैक्सेबल इनकम घटकर 12 लाख रुपये रह जाती है और उस पर टैक्स जीरो हो जाता है. यानी 12.75 लाख रुपये तक की सैलरी पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना पड़ता. यही वह सीमा है जहां तक लोग निश्चिंत रहते हैं.

₹1 ज्यादा सैलरी पर क्यों फैलता है डर

अब मान लीजिए आपकी सैलरी 12.75 लाख की जगह 12.75 लाख और 1 रुपया हो गई. यहीं से डर शुरू होता है. बहुत से लोग सोचते हैं कि अब पूरी सैलरी टैक्स स्लैब में आ गई और लाखों रुपये टैक्स में चले जाएंगे. असल में यह सोच पूरी तरह गलत है. आपकी सैलरी अब टैक्स स्लैब के दायरे में तो आ जाएगी, लेकिन पूरे पैसों पर टैक्स नहीं लगेगा. कानून में ऐसा कोई नियम नहीं है कि एक रुपया बढ़ते ही पूरी इनकम टैक्सेबल हो जाए.

यहां लागू होता है मार्जिनल टैक्स का नियम

इनकम टैक्स में मार्जिनल टैक्स का नियम खास तौर पर इसी स्थिति के लिए बनाया गया है. इसके मुताबिक अगर आपकी टैक्स देनदारी, टैक्स फ्री सीमा से अतिरिक्त कमाई से ज्यादा बन रही है, तो आपको उतनी राहत मिल जाती है. सीधे शब्दों में कहें तो आपको सिर्फ उतना ही टैक्स देना होता है, जितनी आपकी इनकम टैक्स फ्री लिमिट से ऊपर गई है.

पहले समझिए नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब

नई टैक्स व्यवस्था में सरकार ने टैक्स स्लैब को काफी सरल बना दिया है.

  • 1 लाख से 4 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं
  • 4 लाख से 8 लाख रुपये तक 5 फीसदी टैक्स
  • 8 लाख से 12 लाख रुपये तक 10 फीसदी टैक्स
  • 12 लाख से 16 लाख रुपये तक 15 फीसदी टैक्स
  • 16 लाख से 20 लाख रुपये तक 20 फीसदी टैक्स
  • 20 लाख से 24 लाख रुपये तक 25 फीसदी टैक्स
  • 24 लाख रुपये से ऊपर 30 फीसदी टैक्स

इन स्लैब के साथ 12 लाख रुपये तक की इनकम पर रिबेट मिलती है, जिससे टैक्स देनदारी जीरो हो जाती है.

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अब आसान उदाहरण से समझिए पूरी बात

मान लीजिए आपकी सैलरी 12,75,001 रुपये है. टैक्स फ्री लिमिट 12,75,000 रुपये है. यानी आपकी अतिरिक्त इनकम सिर्फ 1 रुपया है. अब अगर स्लैब के हिसाब से देखें तो 4-8 लाख के स्लैब पर आपको 20 हजार रुपये और 8-12 लाख के स्लैब पर आपको 40 हजार रुपये टैक्स देना होगा. वहीं 12-15 लाख वाले स्लैब में आपकी 75001 रुपये की अतिरिक्त कमाई पर 15 फीसदी के हिसाब से 11,250 रुपये का टैक्स देना होगा. तो कुल मिलाकर आपका टैक्स हो गया 71,250 रुपये.

अधिकतर लोगों को लगता है कि महज 1 रुपये ज्यादा कमाई होने की वजह से उन पर 71,250 रुपये का टैक्स लग जाएगा. ऐसा नहीं है. आपकी कमाई रिबेट समेत टैक्स फ्री सीमा से महज 1 रुपये ज्यादा है. ऐसे में आपको 71,250 रुपये के टैक्स में से 71,249 रुपये का मार्जिनल टैक्स रिलीफ मिल जाएगा और आपको सिर्फ 1 रुपये का टैक्स चुकाना होगा. खैर, इस टैक्स कैल्कुलेशन में इनकम टैक्स विभाग इस एक रुपये के टैक्स को भी राउंड ऑफ में जीरो कर देगा और आपको कोई भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

किन लोगों को यह नियम जरूर जानना चाहिए?

यह नियम खास तौर पर उन नौकरीपेशा लोगों के लिए बेहद जरूरी है जिनकी सैलरी 12.75 लाख के आसपास रहती है. साल के अंत में बोनस, एरियर या इन्क्रीमेंट से इनकम थोड़ी सी बढ़ जाती है और लोग घबरा जाते हैं. अगर आपको मार्जिनल टैक्स की सही जानकारी है, तो आप बिना डर के सही टैक्स फाइल कर सकते हैं.

Conclusion

₹1 ज्यादा सैलरी होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी कमाई टैक्स में चली जाएगी. इनकम टैक्स का मार्जिनल टैक्स नियम आपकी जेब की रक्षा करता है. लेकिन शर्त यह है कि आपको नियम पता हो और सही तरीके से टैक्स फाइल किया जाए. सही जानकारी से आप बेवजह टैक्स देने से बच सकते हैं और मानसिक तनाव भी नहीं होगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या 12.75 लाख रुपये की सैलरी पर टैक्स लगता है?

नहीं, नई टैक्स व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद टैक्स जीरो रहता है.

2- क्या ₹1 ज्यादा सैलरी होने पर पूरी इनकम टैक्सेबल हो जाती है?

नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं होता.

3- मार्जिनल टैक्स या मार्जिनल रिलीफ क्या है?

यह वह नियम है जिसमें सिर्फ अतिरिक्त कमाई पर ही टैक्स देना होता है.

4- मार्जिनल टैक्स किसे मिलता है?

जिसकी इनकम टैक्स फ्री लिमिट से थोड़ी ही ज्यादा होती है.

5- क्या यह नियम नई टैक्स व्यवस्था में लागू होता है?

हां, यह नियम नई टैक्स व्यवस्था में भी लागू होता है.

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