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Income Tax: आज के समय में ₹18-20 लाख का सैलरी पैकेज मिड-टू-हाई सैलरी कैटेगरी में आता है. इतने पैकेज के साथ दिल्ली एनसीआर जैसे शहर में एक मिडिल क्लास शख्स अपनी तमाम जरूरतें पूरी करते हुए मजे से जिंदगी बिता सकता है.
खैर, यहां एक बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर किसी का इतना पैकेज हो भी जाए तो उसे मिलेगा कितना? कई लोग सोच रहे होंगे कि इसमें बहुत सारे पैसे तो टैक्स में ही कट जाएंगे. खैर, यहां ये समझना बहुत जरूरी है कि असली खेल CTC का नहीं है, बल्कि Taxable Income का होता है. ये पैकेज सीटीसी है, ना कि टैक्सेबल इनकम. थोड़ा स्मार्टनेस दिखाकर आप अपना टैक्स जीरो कर सकते हैं.
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अगर आप समझदारी से सैलरी स्ट्रक्चर बनाते हैं, तो आपका टैक्स कम हो सकता है. वहीं अगर आपकी कंपनी रीइम्बर्समेंट देती है, तब तो आप एक स्मार्ट सैलरी स्ट्रक्चर बनाकर अपना टैक्स जीरो भी कर सकते हैं.
Step 1: CTC का पूरा ब्रेकडाउन समझें
मान लेते हैं CTC= ₹18,00,000
अब इसे कंपोनेंट्स में तोड़ते हैं:
| कंपोनेंट | प्रतिशत | राशि (₹) |
| बेसिक सैलरी | 50% | 9,00,000 |
| एम्प्लॉयर NPS | 14% | 1,26,000 |
| ग्रेच्युटी (4.81%) | 4.81% | 43,290 |
| एम्प्लॉयर PF (12%) | 12% | 1,08,000 |
| वैरिएबल पे (5%) | 5% | 45,000 |
| अन्य अलाउंस | 6,77,710 | |
| कुल CTC | 18,00,000 |
ध्यान देने वाली बात: NPS, PF, ग्रेच्युटी= CTC में शामिल हैं, लेकिन सीधे टैक्सेबल नहीं
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Step 2: Gross Salary निकालें
अब हम वो हिस्सा निकालेंगे जो टैक्स में आएगा:
| कंपोनेंट | राशि (₹) |
| बेसिक | 9,00,000 |
| अन्य अलाउंस | 6,77,710 |
| वैरिएबल | 45,000 |
| Gross Salary | 16,22,710 |
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Step 3: Tax Saving Adjustments
अब शुरू होता है असली खेल
Standard Deduction= ₹75,000
नई इनकम: 16,22,710-75,000= 15,47,710
Meal Voucher= ₹1,05,600
नई इनकम: 15,47,710-1,05,600= 14,42,110
Conveyance Reimbursement= ₹1,50,000
नई इनकम: 14,42,110-1,50,000= 12,92,110
Books+Internet+Uniform= ₹1,00,000 (करीब)
नई इनकम: 12,92,110-1,00,000= 11,92,110
Final Taxable Income= ₹11,92,110
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Step 4: नए टैक्स रिजीम में Tax Slabs जान लें

₹0- ₹4 लाख= ₹0
₹4 लाख- ₹8 लाख= ₹4,00,000*5%= ₹20,000
₹8 लाख- ₹11.92 लाख= ₹3,92,110*10%= ₹39,211
Total Tax= ₹20,000+₹39,211= ₹59,211
सरकार ने ₹12 लाख तक इनकम होने पर 87ए की रिबेट के साथ उसे टैक्स फ्री कर दिया है.
आपकी इनकम = ₹11.92 लाख, यानी रिबेट के साथ पूरा टैक्स माफ
Final Tax Payable- ₹0 यानी कोई टैक्स नहीं
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ये कोई “टैक्स जुगाड़” नहीं है. ये पूरी तरह legal structuring है. हालांकि, जो कंपनी ये benefits नहीं देती, वहां आपको थोड़ टैक्स चुकाना पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि नौकरी ज्वाइन करते वक्त ही सैलरी नेगोसिएशन में Meal vouchers, Fuel/conveyance, Internet reimbursement, NPS contribution की भी बात करें. ₹18 लाख CTC पर भी आप भारी टैक्स से बच सकते हैं, बस आपको अपनी सैलरी को समझदारी से स्ट्रक्चर करना होगा.
Note: यह कैलकुलेशन कुछ मानकों पर आधारित है. अगर सैलरी स्ट्रक्चकर में कोई बदलाव होता है या आपकी कंपनी में रीइम्बर्समेंट की पॉलिसी कुछ अलग है तो आपका फाइनल टैक्स बदल सकता है. आप अपने सैलरी स्ट्रक्चर के हिसाब से अपना टैक्स निकाल सकते हैं.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या ₹18 लाख CTC पर टैक्स जीरो हो सकता है?
हां, सही structuring के साथ
Q2 क्या ये हर कंपनी में possible है?
नहीं, HR policies पर depend करता है
Q3 क्या bills दिखाने जरूरी हैं?
हां
Q4 NPS जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन फायदेमंद है
Q5 क्या ये पूरी तरह legal है?
हां