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आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख (ITR Filing Last Date) तेजी से नजदीक आ रही है. ऐसे में अब जो लोग आईटीआर भरने से छूट गए हैं, वह जल्दबाजी में इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भर रहे हैं. जल्दी-जल्दी में अक्सर कुछ गलतियां भी हो जाती हैं, इसीलिए आयकर विभाग (Income Tax Department) कई हफ्तों से ट्वीट पर ट्वीट कर के कह रहा है कि रिटर्न जल्दी भरें, लास्ट डेट का इंतजार ना करें. अगर आपने भी जल्दबाजी में ITR भरते-भरते कोई गलती (Mistake in ITR) कर दी है तो घबराएं नहीं. गलती को आसानी से सुधारा (How to Correct Mistake in ITR) भी जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे सही करें आईटीआर (Revised ITR) में हुई गलती को.
अगर आपसे आईटीआर भरने में गलती हुई है तो आपके सामने दो रास्ते हैं. अगर आपने आईटीआर वेरिफाई नहीं किया है तब तो आप उसे डिस्कार्ड कर सकते हैं, लेकिन अगर आप उसे वेरिफाई कर चुके हैं तो आपको रिवाइज्ड आईटीआर फाइल करना होगा. यह आईटीआर आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(5) के तहत फाइल करना होगा. हालांकि, इसकी भी एक आखिरी तारीख होती है. अभी रिवाइज्ड आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है. यानी इस तारीख के बाद आप रिवाइज्ड आईटीआर नहीं भर पाएंगे.
अगर बात की जाए आईटीआर की गलती सही करने की, तो आप जितनी बार चाहे उतनी बार गलती सही कर सकते हैं. यानी आप लास्ट डेट से पहले-पहले जितनी बार चाहे रिवाइज्ड आईटीआर फाइल कर सकते हैं. हालांकि, टैक्स एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बहुत ज्यादा बार रिवाइज्ड आईटीआर फाइल नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से आयकर विभाग की तरफ से किसी तरह की स्क्रूटनी भी की जा सकती है.
अब एक बड़ा सवाल ये है कि क्या रिवाइज्ड आईटीआर फाइल करने पर कोई चार्ज या जुर्माना चुकाना पड़ेगा? आयकर विभाग की तरफ से रिवाइज्ड आईटीआर भरने पर कोई चार्ज या जुर्माना नहीं लगाया जाता है. हालांकि, अगर रिवाइज्ड आईटीआर भरने पर आप अपनी इनकम में कोई बदलाव करते हुए अतिरिक्त आय दिखाते हैं तो आपको उस पर लगने वाला अतिरिक्त टैक्स चुकाना होगा. वहीं ऐसे मामले में आप पर जुर्माना और बकाया पर ब्याज भी लग सकता है.