Income Tax: वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ टैक्स भरना भी अब शुरू हो गया है. नौकरीपेशा वाले लोग भी अच्छा खासा इनकम टैक्स भरते हैं, यही कारण है कि लोग टैक्स बचाने के ऑप्शन भी ढ़ूंढते रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश के किसान टैक्स नहीं भरते हैं. अब सवाल ये उठता है कि किसान कितना भी कमाएं टैक्स क्यों नहीं भरते और उनके लिए क्या रूल है...तो चलिए इसके बारे में डिटेल्स में समझेंगे.
1/6फाइनेंशियल ईयर शुरू होने के साथ टैक्स फाइल करने का दौर भी शुरू हो सकता है.टैक्स फाइल करने का एक पूरा प्रोसेस होता है, जिसको हर किसी को फॉलो करना होता है. अपने अपने लेविल पर वर्किंग और बिजनेस करने वालों को टैक्स फाइल करना होता है. लेकिन इस देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो कितने लाख की भी कमाई कर लें लेकिन टैक्स फाइल नहीं करना होता है, खुद इनकम टैक्स विभाग इन लोगों को टैक्स फाइल करने से करता है मना, तो जानेंगे देश के कौन लोग हैं जिनको टैक्स नहीं फाइल करना होता है.
2/6देश में हजारों-लाखों की कमाई के बाद भी जो लोग टैक्स का एक पैसा अदा नहीं करते हैं, वो हैं किसान, जी हां किसान की कमाई पर टैक्स लगता है. किसान कोई भी कमाई फसल के करता है, तो उस कमाई पर टैक्स नहीं लगता है. किसान के टैक्स फाइल ना करने को लेकर स्पेशल कानून भी है.
3/6हमारा देश कृषि प्रधान है और आधी से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर भी करती है. वैसे खेती से होने वाली कमाई में जोखिम रहता हैं, क्योंकि ये कमाई फिक्स नहीं होती है.खेती से होने वाली कमाई अधिकतर बारिश और मौसम पर निर्भर रहती है.जिस कारण से इसमें किसान को कभी फायदा तो कभी नुकसान उठाना पड़ता है.जिस वजह से अभी भी सरकार किसानों से टैक्स नहीं लेती हैं और साथ ही उनके फायदे के लिए स्कीम्स चलाती है.
4/6इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के अनुसार खेती से होने वाली कमाई पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है. मतलब कि किसानों को खेती से मिलने वाली आय पर कोई कर नहीं देना होता है. ऐसे में किसान फसल बेचकर जो कमा रहे हैं इस कमाई पर उनको कोई इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भी फाइल करने की जरूरत नहीं. हालांकि कुछ खास परिस्थितियों में किसानों को भी टैक्स चुकाना पड़ सकता है.
5/6ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि खेती से होने वाली हर एक कमाई पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है.अगर कोई किसान खेत में गन्ना उगाकर सीधे बेचता है, तो उसको टैक्स नहीं देना होता है.लेकिन अगर वो उसी गन्ने से चीनी या गुड़ बनाकर बेचेगा तो उससे होने वाली कमाई पर टैक्स भरना होगा. इसी तरह, कुछ पेड़ों की कमर्शियल बिक्री या प्रोसेस्ड फूड बेचने से जो कमाई होगी वो भी टैक्सेबल होती है. फसल से होने वाली मुख्य कमाई यानी खेती से होने वाली आय बस टैक्स-फ्री है.
6/6अगर कोई किसान खेती से होने वाली आय से कोई बिजनेस शुरू करता है तो उससे होने वाली इनकम पर टैक्स लगता ही है.अगर कोई किसान पशुपालन या फिर डेयरी का धंधा करेगा तो टैक्स अदा करना पड़ेगा.खेती से होने वाली कमाई को किसी भी बिनजेस, स्कीम या शेयर मार्केट में लगाएंगे तो टैक्स भरने को तैयार रहे.(नोट-खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)