ITR Filing: इनकम टैक्स (Income Tax) बचाने के लिए कई लोग होशियारी दिखाते हैं और फर्जी डिडक्शन या एग्जेम्प्शन दिखा देते हैं. जब इनकम टैक्स को पता चलता है तो वह नोटिस (Notice) भेज देता है. और जो भी ऐसे किसी मामले में फंसता है वह बचने के लिए सीए के पीछे भागता है. कई मामलों में तो सीए भी सोचने लग जाता है कि आखिर सामने वाले को बचाने के लिए क्या करे. कई बार तो सीए ही ऐसे फर्जीवाड़े करते हैं और नोटिस के बाद वह खुद को बचाने के तरीके ढूंढते हैं. आइए जानते हैं किस-किस तरह के फर्जीवाड़े करते हैं लोग.
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1/16आयकर विभाग ने पिछले कुछ सालों में ऐसे बहुत सारे आईटीआर पकड़े हैं, जिनमें फर्जी रेंट रिसीप्ट लगाई गईं. लोग एचआरए का फायदा उठाने के लिए झूठी रेंट रिसीप्ट दे देते हैं. कई बार तो कुछ सीए ही ऐसा करने की सलाह देते थे, लेकिन अब इनकम टैक्स विभाग सख्त हो गया है.
2/16ऐसा भी इनकम टैक्स को देखने को मिला है कि एचआरए का गलत तरीके से फायदा उठाते हुए बहुत सारे लोगों ने एक ही पैन डाल दिए हैं या फिर गलत पैन डाले हैं. इसे लेकर आयकर विभाग ने पिछले साल सख्ती से कुछ करदाताओं पर कार्रवाई भी की थी.
3/16आयकर विभाग को ऐसे भी बहुत सारे लोग मिले, जिन्होंने 80डी का फायदा उठाने के लिए फर्जी मेडिकल बिल लगाकर डिडक्शन हासिल किए.
4/16ऐसे भी बहुत सारे लोग आयकर विभाग ने पकड़े, जिन्होंने 80सी के तहत मिलने वाले डिडक्शन के फायदे उठाने के लिए निवेशकों की फर्जी रिसीप्ट लगाईं. जैसे उन्होंने फर्जी इंश्योरेंस या इन्वेस्टमेंट स्कीम में पैसे लगाने का दावा करते हुए डिडक्शन लेना चाहा.
5/16आयकर विभाग ने पाया कि बहुत सारे लोगों ने 80जी के तहत डोनेशन पर मिलने वाली टैक्स छूट का भी गलत फायदा उठाया है.
6/16बहुत सारे लोग इकनम टैक्स बचाने के चक्कर में रिटर्न फाइल करते वक्त अपनी रकम कम दिखाने की कोशिश करते हैं. ध्यान रहे, अगर आपने अपनी कमाई कम दिखाई है और आपका खर्च ज्यादा है तब तो आपको इनकम टैक्स विभाग नोटिस जरूर भेजेगा. आइए जानते हैं ऐसी 10 ट्रांजेक्शन, जिन पर आयकर विभाग पैनी नजर रखता है और कुछ भी शक होने पर तुरंत नोटिस भेजता है.
7/16अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न में कम इनकम दिखाई है, लेकिन बैंक में मोटी रकम जमा कर रहे हैं तो आपको नोटिस आ सकता है.
8/16अगर सालभर में क्रेडिट कार्ड से अपनी इनकम से भी ज्यादा रुपये खर्च किए, तो विभाग पूछ सकता है कि इतने पैसे कहां से आए. आपको सबूत के साथ उन्हें इसकी वजह बतानी होगी.
9/16अगर आपके ITR और फॉर्म 26AS या AIS में अंतर है, तो भी नोटिस आ सकता है और जांच हो सकती है. आईटीआर फाइल करने से पहले इन फॉर्म को जरूर चेक करें.
10/16अगर आपने किसी साल बड़ी रकम की या कई बार प्रॉपर्टी खरीदी या बेची तो आपको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है. आपको इनकम टैक्स विभाग को प्रॉपर्टी के लिए आए पैसे और उसे बेचने से मिले पैसों का हिसाब देना होगा.
11/16बहुत बड़े अमाउंट की एफडी कराने या सेविंग्स में जरूरत से ज्यादा पैसे जमा देखे गए, तो भी इनकम टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस आ सकता है. आपको उन पैसों का सोर्स बताना होगा.
12/16स्टॉक्स, म्यूचुअल फंड या IPO में भारी निवेश या मुनाफा दिखा, तो भी नोटिस आ सकता है. हालांकि, अगर आप इनकम का सही सोर्स बता रहे हैं तो आयकर विभाग संतुष्ट रहेगा.
13/16अगर आपने FD का ब्याज या किराए की आमदनी ITR में नहीं दिखाई, तो भी नोटिस मिल सकता है. बहुत सारे लोग ब्याज से हुई कमाई को दिखाना अनजाने में ही भूल जाते हैं.
14/16अगर आपने विदेश यात्रा में बड़ी रकम खर्च की और इनकम कम दिखाई, तो विभाग पूछताछ कर सकता है.
15/16अगर आपने किराए की रकम से मोटी कमाई की, लेकिन उसका TDS नहीं दिखाया, तो भी आयकर विभाग को आप पर शक हो सकता है.
16/16अगर आपने 2 लाख से ज्यादा की कोई चीज कैश में खरीदी है, तो अलर्ट ट्रिगर हो सकता है. मान के चलिए कि इसके बाद तो आयकर विभाग आपको नोटिस जरूर भेजेगा.