अगर आप भी एक नौकरीपेशा हैं तो आपको भी कंपनी की तरफ से कई तरह के रीइम्बर्समेंट जरूरत मिलते होंगी. इन रीइम्बर्समेंट (Reimbursement) टूल्स का फायदा ये होता है कि आपको उन पैसों पर टैक्स (Tax) नहीं चुकाना पड़ता है. फूड कूपन, कम्युनिकेशन, कन्वेंस, एलटीए, यूनीफॉर्म अलाउंस जैसे कई टूल्स होते हैं, जो रीइम्बर्समेंट के दायरे में आते हैं. हालांकि, यहां एक बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर ये टैक्स फ्री क्यों होते हैं? सरकार को इससे क्या फायदा कि इन सारे काम में लगने वाले पैसों पर टैक्स छूट दी जाती है. आइए समझते हैं.
1/6अगर आपको फूड या एंटरटेनमेंट या यूनीफॉर्म के लिए मिलने वाले पैसों पर टैक्स छूट दी जाती है तो दरअसल सरकार इकनॉमी को बूस्ट करना चाहती है. जब आप कोई कपड़ा खरीदेंगे या कुछ खाएंगे पिएंगे, तो आप सरकार को जीएसटी के नाम पर टैक्स तो देंगे ही.
2/6इसके अलावा आप जिस दुकान से तमाम चीजें खरीदेंगे, उसको भी कुछ मुनाफा होगा, जिससे वह उस पैसे को फिर से बिजनेस में लगाएगा. साथ ही दुकान की कमाई बढ़ेगी तो वह भी अपनी कमाई पर टैक्स चुकाएगा, जो सरकारी खजाने में जाएगा.
3/6इतना ही नहीं, रीइम्बर्समेंट से बचे पैसों से आप जिन दुकानों से या जिस कंपनी के सामान लेंगे, वहां रोजगार बढ़ेगा. रोजगार बढ़ने की वजह से अधिक लोगों को सैलरी मिलेगी, यानी उनकी जेब में पैसे जाएंगे. सैलरी के पैसों से फिर वो लोग कुछ ना कुछ खरीदारी करेंगे और तमाम प्रोडक्ट पर जीएसटी चुकाएंगे, जो पैसे सरकार के ही पास जाएंगे. वहीं अगर ये लोग बड़ी सैलरी वाले हुए और टैक्स के दायरे में आए, तो वह इनकम टैक्स भी चुकाएंगे, जिससे सरकार की कमाई होगी.
4/6जब सरकार आपको एलटीए के तहत कहीं घूमने जाने के लिए किराए पर टैक्स छूट देती है तो भी सरकार को काफी फायदा होता है. आप जिस ट्रेन या हवाई जहाज की टिकट लेकर घूमने जाते हैं, उससे जीएसटी सरकार के पास पहुंचती है.
5/6जब आप कहीं घूमने जाते हैं तो वहां पर किसी ना किसी होटल में रुकते हैं, जिससे उस होटल का बिजनेस बढ़ता है. वहां आस-पास घूमते हैं, जिससे वहां की बाकी दुकानों का बिजनेस बढ़ता है. देखा जाए तो आपके कहीं घूमने जाने से बहुत सारे लोगों को फायदा होता है. होटल वाले, दुकान वाले, रेहड़ी वाले, ट्रांसपोर्ट वाले, खाने वाले, हैंडीक्राफ्ट वाले समेत तमाम लोगों के बीच रुपया घूमता है, जिससे इकनॉमी बढ़ती है. वहीं इन सब से जीएसटी और टैक्स के जरिए सरकारी खजाने में पैसे जाते हैं.
6/6यानी फूड कूपन, कम्युनिकेशन, कन्वेंस, एलटीए, यूनीफॉर्म अलाउंस जैसे टूल्स पर टैक्स छूट देने का सिर्फ इतना ही मकसद होता है कि पैसे इकनॉमी में अधिक से अधिक घूमें. आपको इन चीजों के लिए मिलने वाले पैसों के बदले आपको उनके ओरिजनल बिल लगाने होते हैं, तभी आपको ये छूट मिलती है.