New Tax Regime में इनकम टैक्स बचाना अब पहले से थोड़ा आसान हो गया है. लेकिन फिर भी आप यही सोच रहे हैं कि कैसे इनकम टैक्स को बचाया तो हम जानेंगे इस साल टैक्स कैसे बचाएं.हम आपको 5 स्मार्ट तरीके बताने वाले हैं जो काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.असल में नए टैक्स सिस्टम में छूटें भले ही सीमित हों, लेकिन सही प्लानिंग और निवेश से आप अच्छी खासी टैक्स सेविंग कर सकते हैं.
1/8फाइनेंशियल ईयर 2024-25 से New Tax Regime को भारत में डिफॉल्ट टैक्स सिस्टम बना दिया गया है. इसका मतलब ये है कि अगर आप पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) को खुद से चुनते नहीं हैं, तो आपका टैक्स ऑटोमैटिकली New Tax Regime के हिसाब से कैलकुलेट किया जाएगा. नई व्यवस्था में टैक्स स्लैब रेट्स कम हैं, लेकिन इसमें वो टैक्स बेनिफिट नहीं मिलते जो पुरानी व्यवस्था में मिलते थे, जैसे 80C, 80D, HRA या होम लोन पर ब्याज की छूट. ऐसे में आप खुद कैलकुलेट करके देखें कि फायदा किसमें है और उसी के हिसाब से टैक्स रिजीम चुनें.
2/8अगर आपने Old Regime में ज्यादा टैक्स बेनिफिट क्लेम नहीं किए थे, तो आपकी टैक्स सेविंग New Regime में ज्यादा हो सकती है. वहीं, जो लोग पुरानी व्यवस्था के जरिए 80C, HRA या होम लोन जैसी छूटों का पूरा फायदा लेते थे, उनके लिए नई टैक्स रिजीम में ज्यादा टैक्स लग सकता है.इसलिए यह जरूरी है कि आप दोनों विकल्पों में अपनी टैक्स liability की calculation करके कंपेयर करें. ऑनलाइन टैक्स कैलकुलेटर इसमें आपकी मदद कर सकते हैं.
3/8अब अगर आप भी लिस्ट में शामिल हैं, कि नई वाले टैक्स रिजीम में पैसा बचे तो क्या करें. तो चलिए हम जानेंगे 5 स्मार्ट और यूजफुल आइडिया .
4/8अब 80C के लिए ज़रूरी investment का प्रेशर नहीं है, लेकिन future planning ज़रूरी है. SIP, mutual funds, PPF या debt funds जैसे विकल्पों में निवेश करें.
5/8अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड का बकाया या पर्सनल लोन है, तो बचा हुआ टैक्स पैसा उसमें लगाएं. इससे financial burden कम होगा.
6/8कम से कम 6-12 महीनों के खर्च जितनी रकम emergency के लिए रखें. ये पैसा सेविंग अकाउंट या लिक्विड फंड में रख सकते हैं.
7/8Tax बचाने के लिए नहीं, बल्कि सही सुरक्षा के लिए health और term life insurance लें. अगर coverage कम है, तो उसे बढ़ाने में ये टैक्स सेविंग काम आ सकती है.
8/8नए skills सीखने या existing skills को बेहतर करने में निवेश करें. इससे आपकी earning capacity बढ़ सकती है.