ITR Filing का वक्त आ चुका है और लोग अपने इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल भी कर रहे हैं. तमाम कंपनियों की तरफ से कर्मचारियों को फॉर्म-16 (Form 16) भी जारी किए जा चुके हैं. हर नौकरीपेशा को आयकर रिटर्न फाइल करने में फॉर्म-16 सबसे अहम डॉक्युमेंट होता है. अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपको भी आईटीआर फाइल करना है तो आपको फॉर्म-16 की जरूरत होगी. हालांकि, कई बार एचआर फॉर्म-16 शेयर करने में आनाकानी करते हैं. आइए जानते हैं ऐसे में आप क्या कर सकते हैं.
1/5अगर आपकी कंपनी का एचआर फॉर्म-16 ना दे या कोई आनाकानी कर रहा हो, तो आप इसे खुद ही डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले TRACES की वेबसाइट www.tdscpc.gov.in पर जाना होगा. वहां पर आपको अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड, पैन और कैप्चा कोड डालकर लॉगिन करना होगा. डैशबोर्ड पर आपको डाउनलोड का विकल्प दिखेगा, जिसमें आपको फॉर्म-16 पर जाकर क्लिक करना है और आपको फॉर्म-16 मिल जाएगा. बता दें कि अगर TRACES पर आप पहले से रजिस्टर नहीं हैं तो पहले रजिस्टर करना होगा.
2/5फॉर्म-16 से पता चलता है कि आप पर कितना टैक्स लगा है और आपको कौन-कौन सी डिडक्शन का फायदा मिला है. इसमें आपको मिली सैलरी, उस पर लगे टैक्स, आपकी इनकम के सोर्स समेत तमाम तरह के डिडक्शन के बारे में जानकारी होती है.
3/5फॉर्म-16 के दो हिस्से होते हैं. इसमें एक होता है पार्ट ए (Form 16 Part A) और दूसरा होता है पार्ट बी (Form 16 Part B). पार्ट A में कंपनी का TAN, कंपनी का पैन, कर्मचारी का पैन, एड्रेस, असेसमेंट ईयर, रोजगार की अवधि के बारे में लिखा होता है. इसके अलावा इसमें सरकार को जमा किए गए टीडीएस की भी डीटेल्स दी गई होती हैं.
4/5अगर फॉर्म-16 के पार्ट B की बार करें तो इसमें सैलरी ब्रेकअप समेत टैक्स के बारे में दिया गया होता है. इसमें बताय होता है कि आपकी ग्रॉस सैलरी क्या है, नेट सैलरी क्या है, आपको हाउस रेंट अलाउंस कितना मिला है, पीएफ खाते में आपके कितने पैसे गए हैं. साथ ही आपको पता चलता है कि आपकी सैलरी पर कितना प्रोफेशनल टैक्स लगा है और अलग-अलग सेक्शन के तहत आपको क्या डिडक्शन मिले हैं. इसमें आपके निवेशों की जानकारी भी होती है कि आपने मेडिकल में क्या निवेश किया है, सेविंग प्लान में कितने पैसे लगाए हैं और बाकी आपको कौन-कौन सी टैक्स छूट मिली हैं.
5/5फॉर्म-16 हर कर्मचारी के एंप्लॉयर की तरफ से जारी किया जाता है. ऐसे में अगर किसी शख्स ने एक साल में दो जगह नौकरी की है तो उसके पास फॉर्म-16 भी 2 होंगे. मान लीजिए कि आपने एक वित्त वर्ष में 2 जगह नौकरी की है, तो आपके पास उस साल दो फॉर्म-16 होंगे. अगर आपने एक ही साल में 3 बार नौकरी बदली है तो आपको तीनों कंपनियों की तरफ से एक-एक फॉर्म-16 जारी होगा. यानी आपके पास 3 फॉर्म-16 होंगे. यानी आप एक वित्त वर्ष में जितनी नौकरियां बदलेंगे, आपको उतने ही फॉर्म-16 जारी होंगे.