इनकम टैक्स (Income Tax) रिटर्न फाइलिंग (ITR Filing) शुरू हो गई है. कुछ लोग आईटीआर भर चुके हैं तो कुछ लोग अभी भी टैक्स बचाने के तरीके खोजने में लगे हुए हैं. इस सीजन में लोगों को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) खूब याद आते हैं, क्योंकि वह इनकम टैक्स बचाने के ऐसे-ऐसे तरीके जानते हैं, जो हम-आप सोच भी नहीं सकते. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 तरीके, जो सीए अपने खास क्लाइंट्स को बताते हैं, ताकि टैक्स भी बचे और कानूनी पचड़े में भी ना पड़ें.
1/5अगर आप हिंदू हैं, तो HUF (Hindu Undivided Family) बनाकर एक अलग टैक्स इकाई तैयार कर सकते हैं. इसका मतलब है कि आपकी और आपकी फैमिली की कुछ इनकम HUF के नाम से दिखाई जा सकती है, जिससे टैक्स स्लैब अलग हो जाता है. इससे आप एक ही परिवार में दो टैक्स फ्री इनकम लिमिट्स का फायदा उठा सकते हैं. ध्यान रहे, इसके लिए कई नियम और शर्तें भी होती हैं, तो बिना सीए से बात किए खुद से कोई कदम ना उठाएं, वरना आप फंस सकते हैं.
2/5कई CA सलाह देते हैं कि आप अपनी पत्नी के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य निवेश करें, लेकिन ध्यान रहे कि पैसा किसने दिया है, यह बात भी टैक्स में मायने रखती है. अगर आपकी पत्नी की खुद की इनकम है, तो उस पर निवेश करने से टैक्स बचाया जा सकता है.
3/5आप अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर Public Provident Fund (PPF) में SIP कर सकते हैं. इसका फायदा यह है कि उनके नाम की इनकम पर टैक्स नहीं लगेगा (कुछ लिमिट तक) और लॉन्ग टर्म में अच्छी ग्रोथ भी मिलेगी.
4/5अगर आप किसी और शहर में काम करते हैं, तो HRA क्लेम करते समय अपने माता-पिता को घर मालिक दिखाकर किराया भुगतान कर सकते हैं (अगर घर उनके नाम है). इससे HRA में छूट मिलेगी और आपके इनकम टैक्स में अच्छी खासी बचत हो सकती है.
5/5अगर आप शेयर या प्रॉपर्टी बेचते हैं, तो उसमें होने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स लगता है. लेकिन अगर आप उस पैसे को तयशुदा समय में सरकारी बॉन्ड या दूसरी प्रॉपर्टी में निवेश कर दें, तो आपको टैक्स में पूरी या आंशिक छूट मिल सकती है. अगर आपका ऐसा कोई प्लान है तो सीए से इस पर चर्चा जरूर कर लें, आपका टैक्स बच सकता है.