ITR Filing: अगर आप भी एक नौकरीपेशा हैं आपको भी अभी से इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. अगर आप इस साल किसी इन्वेस्टमेंट से टैक्स बचाना (Income Tax Saving) चाहते हैं तो उसके लिए आपके पास सिर्फ 31 मार्च तक का ही वक्त है. इसके बाद आप जो भी निवेश करेंगे, उसका फायदा 2024-25 के लिए फाइल किए जाने वाले आईटीआर (ITR) में नहीं मिलेगा. जब भी बात टैक्स बचाने की आती है तो अधिकतर नौकरीपेशा करदाता टैक्स स्लैब्स (Income Tax Slabs) देखने लग जाते हैं. आप सिर्फ अपने फोन में ये 3 टेबल सेव करे के रख लीजिए और आप जब चाहे तब टैक्स स्लैब की पूरी जानकारी डिटेल में ले पाएंगे.
1/11अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है तो आपको इस टेबल को याद कर लेना चाहिए, फायदा होगा.
2/11अगर आपकी उम्र 60-80 साल के बीच है, तो आपको इस टेबल को संभाल कर रखना चाहिए, टैक्स से जुड़ी हर जानकारी इसमें है.
3/11अगर आपकी उम्र 80 साल से भी अधिक है तो आपको ये टेबल देखनी चाहिए, जिससे आपको टैक्स स्लैब का पता चल सकेगा.
4/11जल्दबाजी में कई बार लोग कुछ गलतियां भी कर बैठते हैं, जिससे कभी उनका रिफंड अटक जाता है तो कभी आईटीआर डिफेक्टिव भी हो जाता है. आइए जानते हैं आईटीआर फाइल करते वक्त आपको कौन सी 7 गलतियों से बचना चाहिए.
5/11नौकरीपेशा और प्रोफेशनल से लेकर बिजनेस करने वालों तक के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना एक जैसा नहीं होता है. अलग-अलग तरह के लोगों के लिए इनकम टैक्स विभाग की तरफ से 7 तरह के फॉर्म जारी किए जाते हैं. ऐसे में आपके लिए सबसे जरूरी है कि आप सही फॉर्म का चुनाव करें.
6/11इनकम टैक्स विभाग को पिछले सालों में ये देखने को मिला है कि लोग फर्जी रेंट रिसीप्ट के जरिए गलत तरीके से एचआरए का फायदा उठाते हैं. सिर्फ एचआरए ही नहीं, कई तरह के डिडक्शन के लिए लोग अक्सर फर्जी डॉक्युमेंट्स बनाकर टैक्स में छूट हासिल करना चाहते हैं. ऐसी गलती बिल्कुल ना करें, इससे आपको बड़ा नुकसान झेलने को मिल सकता है और आप पर कानूनी कार्रवाई तक हो सकती है.
7/11इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त ये जरूरी है कि आप सही जानकारियां ही भरें. अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आपका नाम, पता, जन्म तिथि, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट नंबर आदि को निश्चित कॉलम में ठीक ढंग से भरें.
8/11इनकम टैक्स विभाग की तरफ से भी बार-बार लोगों को यह याद दिलाने की कोशिश की जाती है कि अपना बैंक अकाउंट प्रीवैलिडेट जरूर कराएं. अगर आपका खाता वैलिडेट नहीं होगा, तो आपका रिफंड अकट सकता है और आपको दिक्कत का सामना करना पड़ेगा.
9/11अगर आप डीटेल्स पर ध्यान नहीं देते हैं तो आपका रिटर्न फॉर्म रद्द हो सकता है. ये ध्यान रखें कि आपके 26 एएस फॉर्म में आपकी इनकम पर जो TDS के आंकड़े दिए गए हैं वही आपने ITR फॉर्म में भरे गए हों. इसके लिए जरूरी है कि आईटीआर फॉर्म भरते वक्त आप 26एएम फॉर्म और फॉर्म-16 के आंकड़ों का मिलान जरूर करें, ताकि दिक्कत ना हो.
10/11अगर आप नौकरीपेशा हैं तो कंपनी से मिली सैलरी से हुई कमाई तो आपके फॉर्म-16 में होती ही है, लेकिन कई बार अन्य सोर्स से भी आपको पैसे मिलते हैं, जो आप छुपा लेते हैं. ऐसी गलती ना करें, क्योंकि अगर बाद में पता चलता है कि आपने अपनी किसी कमाई को छुपाया है, जो उसके चलते आपको इनकम टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जा सकता है. इतना ही नहीं, आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और जुर्माना भी लग सकता है.
11/11कई बार आईटीआर फाइल करने के बाद तुरंत वेरिफिकेशन नहीं हो पाता है तो लोग 30 दिन के अंदर आईटीआर वेरिफाई करने का विकल्प चुन लेते हैं. पहले यह सीमा 120 दिन थी, जिसे 1 अगस्त 2022 से घटा दिया गया है. अक्सर लोग भूल जाते हैं कि उन्होंने आईटीआर को वेरिफाई नहीं किया है और रिफंड ना आने पर चिंता करने लगते हैं. अगर आपका आईटीआर ई-वेरिफाई नहीं होता है तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा.