ITR 2026 Avoid Top Mistakes: अब आप 2026 में ITR भरते समय गलती न करें. असल में 2025 में लाखों लोगों गलत ITR फॉर्म के कारण नोटिस मिले. असल में ये गलतियां रिफंड रोकती हैं, TDS बढ़ाती हैं और पेनल्टी लगाती हैं.तो यहां जानेंगे कौन-सी 8 बड़ी गलतियों से बचना ज़रूरी है.
1/92025 में इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय लाखों लोगों ने मिस्टेक कीं, जिनसे नोटिस आए और पेनल्टी भी लगी.लेकिन अब 2026 (AY 2026-27) के लिए रिटर्न भरते समय आप इन गलतियों से सीख लें और क्योंकि इनसे बचना जरूरी है.असल में टैक्स फाइल करते टाइम की 8 ऐसी कॉमन सी मिस्टेक होती हैं, जो TDS ज्यादा कटवाती हैं, रिफंड रुकवाती हैं और नोटिस भिजवा सकती हैं.तो फिर बिना देती किए आइए सरल शब्दों में जानते हैं 8 बड़ी मिस्टेट और उनसे टैक्स फाइलिंग के टाइम कैसे बचें.
2/92025 में कई लोगों ने गलत टैक्स रिजीम चुनकर ज्यादा टैक्स चुका दिया. तो ध्यान रखें कि नई रिजीम डिफॉल्ट है, लेकिन अगर आपके पास 80C, 80D, HRA जैसे बड़े डिडक्शन हैं, तो पुरानी रिजीम ज्यादा फायदेमंद है.ऐसे में गलती से डिडक्शन न खोएं और ऐसे में बचने के लिए साल की शुरुआत में कैलकुलेट करें, ITR भरते समय सही रिजीम चुनें, बिज़नेस इनकम हो तो Form 10-IEA भी भरें.
3/9ITR भरते समय छोटी-छोटी इनकम छिपाना बड़ी गलती है. असल में कई लोग सेविंग अकाउंट ब्याज, FD ब्याज या गिफ्ट्स रिपोर्ट नहीं करते और बाद में इनकम-टैक्स नोटिस मिल जाता है.तो याद रखें कि ₹50,000 से ज्यादा गिफ्ट टैक्सेबल है. आप हर इनकम सही-सही दिखाएं और रिकॉर्ड रखें.
4/9अगर आपकी सैलरी 50 लाख से कम है और कैपिटल गेंस नहीं हैं, तो ITR-1 सही है. लेकिन यदि कैपिटल गेंस, फॉरेन इनकम, फॉरेन एसेट्स या एक से ज़्यादा घर हैं, तो ITR-2/3 भरना जरूरी होता है.याद रखें कि गलत फॉर्म भरने से रिटर्न डिफेक्टिव हो सकता है,तो हमेशा इनकम के अनुसार फॉर्म चुनना चाहिए.
5/9आपको बता दें कि डिडक्शन गलत क्लेम करना ITR में सबसे आम गलती है. 80C में 1.5 लाख से ज्यादा राशि दिखाना या बिना प्रूफ क्लेम करना नोटिस का कारण बनता है. HRA लेने पर रेंट रिसीट और एग्रीमेंट जरूरी हैं. तो इससे बचने के लिए हर दावा करने से पहले वैध प्रूफ और डाक्यूमेंट्स साथ रखें.
6/9कैपिटल गेंस की गलत रिपोर्टिंग ITR में बड़ी गलती साबित होती है. असल में इक्विटी 12 महीने से ज्यादा रखने पर लॉन्ग-टर्म, कम समय पर शॉर्ट-टर्म माना जाता है. साथ ही डेट फंड्स अब शॉर्ट-टर्म टैक्स में आते हैं.तो गलती से इंडेक्सेशन गलत लागू हो सकता है और ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है. बचाव के लिए ब्रोकर स्टेटमेंट देखें, AIS से मैच करें, लॉन्ग-टर्म पर 12.5% टैक्स याद रखें.
7/9AIS और Form 26AS में मिसमैच होने पर टैक्स नोटिस आ सकता है.आमतौर पर कई लोग सैलरी, ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेंस को ITR से मैच नहीं करते और गलती हो जाती है. तो इससे बचने के लिए रिटर्न भरने से पहले AIS-26AS डाउनलोड करें, इनकम मैच करें और गलती हो तो रिवाइज्ड ITR भरें.
8/9NRI या विदेश में कमाई/एसेट रखने वालों के लिए ITR में फॉरेन बैंक अकाउंट, शेयर्स या प्रॉपर्टी रिपोर्ट न करना बड़ी गलती है. जी हां ऐसा करने पर ब्लैक मनी एक्ट के तहत भारी पेनल्टी और सजा हो सकती है.तो हमेशा रिटर्न भरते समय अनिवार्य रूप से Schedule FA भरना चाहिए.
9/9ITR देर से भरने पर ₹5,000 तक पेनल्टी लग सकती है और रिफंड भी रुक जाता है, रिटर्न फाइल करने के बाद यदि 30 दिन के अंदर E-Verification न किया जाए तो ITR इनवैलिड हो सकता है. तो हमेशा समय पर फाइल करें और तुरंत e-verify करना न भूलें.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)