Income Tax saving tips: टैक्स बचाने के कई तरीके हैं, लेकिन एक ऐसा तरीका जो बेहद दिलचस्प है और कई लोग इसे पूरी तरह नहीं समझते. आपकी पत्नी आपका इनकम टैक्स (Income tax) बचाने में मदद कर सकती हैं. पत्नी के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है. लेकिन, इस नियम को समझना जरूरी है. अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर पैसा ट्रांसफर करते हैं और वह उससे निवेश करती हैं, तो उससे होने वाली कमाई आपकी इनकम (Income) में जोड़ दी जाएगी. लेकिन, एक ऐसी ट्रिक है, जिससे टैक्स सेविंग्स (Tax Saving tips) में मदद मिलती है और ये ट्रिक कोई CA भी आपको नहीं बताएगा. लेकिन, सही तरीके से प्लानिंग करके क्लबिंग प्रावधान (Clubbing rule) का फायदा उठाकर टैक्स बचा (Save tax) सकते हैं. आइए, इस ट्रिक को विस्तार से समझते हैं.
1/13पत्नी के अकाउंट में पैसा डालकर टैक्स बचाने का तरीका 'क्लबिंग प्रावधान' के तहत आता है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 60 से 64 तक अगर आप अपनी पत्नी के अकाउंट में पैसा जमा करते हैं और उससे कोई इनकम होती है (जैसे कि ब्याज, किराया, डिविडेंड), तो उस इनकम को आपकी कुल इनकम में जोड़ा जाती है और उस पर टैक्स लगता है. इसे 'क्लबिंग प्रावधान' कहा जाता है.
2/13अगर आप अपनी पत्नी को कोई पैसा गिफ्ट करते हैं, तो उस पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं लगता है. हालांकि, इससे होने वाली आय क्लबिंग प्रावधान के तहत आपकी इनकम में जोड़ी जा सकती है.
3/13अगर आपकी पत्नी की इनकम कम है या नहीं है, तो आप उनके नाम पर निवेश कर सकते हैं जैसे कि फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, या PPF. इससे इनकम पर कम टैक्स लगेगा.
4/13अगर आपका घर पत्नी के नाम पर है, तो आप उन्हें किराया देकर HRA का फायदा ले सकते हैं. इससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाएगी और टैक्स छूट क्लेम कर पाएंगे.
5/13गिफ्ट के बजाय अगर आप अपनी पत्नी को कम ब्याज पर लोन देते हैं, तो इससे इनकम क्लबिंग नहीं होगी. ध्यान रखें कि सभी लेन-देन डॉक्यूमेंटेड हों.
6/13पत्नी के सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करके आप उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स बचा सकते हैं. सेविंग अकाउंट के ब्याज पर ₹10,000 तक की आयकर छूट मिलती है.
7/13पत्नी के नाम पर निवेश करें जिससे मिलने वाली इनकम पर कम टैक्स लगे. क्लबिंग प्रावधान का सही तरीके से इस्तेमाल करें. HRA के जरिए टैक्स बचाने की कोशिश करें.
8/13टैक्स की नजर में गलत जानकारी न दें. क्लबिंग प्रावधानों को नजरअंदाज न करें. बिना समझे कोई फाइनेंशियल डिसीजन न लें.
9/13पहला तरीका- जिनकी शादी होने वाली है, वो शादी के पहले अपनी होने वाली पत्नी के नाम पर कोई भी संपत्ति या गिफ्ट करेंगे तो वो क्लबिंग ऑफ इनकम के प्रावधान के तहत नहीं आएगा.
10/13दूसरा तरीका- अगर आप अपनी पत्नी को खर्चों के लिए पैसे देते हैं और वो उनसे बचत करती हैं, तो उसे भी आपकी इनकम में नहीं जोड़ा जाएगा.
11/13तीसरा तरीका- आप हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए भी टैक्स सेविंग कर सकते हैं. सेक्शन 80D के तहत आप परिवार के नाम पर हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 25,000 रुपए तक बचा सकते हैं.
12/13चौथा तरीका- आप अपनी पत्नी को गिफ्ट की बजाय पैसे लोन देकर भी टैक्स बचा सकते हैं, आप उन्हें कम ब्याज पर लोन दे सकते हैं, बस आपको ये लोन देने से लेकर, इंटरेस्ट लेने तक सबकुछ डॉक्यूमेंटेड रखना चाहिए, इससे आप दोनों की इनकम क्लब नहीं होगी, और आपकी टैक्स लायबिलिटी घटेगी.
13/13पांचवां तरीका- आप निवेश के लिए जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं, बस प्राइमरी होल्डर वो होना चाहिए, जिसकी टैक्स लायबिलिटी कम है, क्योंकि जॉइंट अकाउंट में ब्याज पर टैक्स लायबिलिटी प्राइमरी होल्डर के हाथों बनती है.