Income Tax Return: सैलरीड टैक्सपेयर्स ITR फाइल करने से पहले इन 5 जरूरी पॉइंट्स पर ध्यान दें. सही फॉर्म, डॉक्यूमेंट्स और TDS डिटेल्स मिलाकर ही रिटर्न भरें. इससे टैक्स बचत होगी और आपका टैक्स रिफंड जल्दी और सही तरीके से मिल पाएगा.
1/6Income Tax: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है और अब इसके बस कुछ ही दिन बचे हैं. ज्यादातर सैलरीड टैक्सपेयर्स ने अपना ITR फाइल कर दिया है और टैक्स रिफंड का इंतजार भी इन दिनों खूब कर रहे हैं. लेकिन अगर आपने अभी तक रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो ई-फाइलिंग पोर्टल पर ‘सबमिट’ बटन दबाने से पहले कुछ अहम बातों पर ध्यान देना ज़रूरी है. लेकिन सैलरीड टैक्सपेयर्स टैक्स फाइल करते समय 5 जरूरी प्लाइंट्स को दिमाग में बैठा लें ताकि पूरा रिफंड मिल सके.
2/6जी हां अगर आप पहली बार इनकम टैक्स फाइल करने जा रहे हैं, तो फिर आपको सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा.इस प्रक्रिया के पूरी करने के बाद ही आप रिटर्न भर पाएंगे. अगर आप पहले से रजिस्टर्ड हैं तो फिर बस पोर्टल पर लॉग-इन करें और टैक्स फाइल करें.
3/6अगर आपकी पूरी इनकम केवल सैलरी और एक हाउस प्रॉपर्टी से ही है तो फिर आपको ITR-1 भरना होगा, लेकिन अगर इनकम के कई ऑप्शन जा जरिया हैं, तो ITR-2 का इस्तेमाल करना होगा.यानी कि टैक्स फाइल करने में सही फॉर्म चुनना बेहद ज़रूरी है, ताकि टैक्स भी बचे और रिफंड का सही और पूरा पैसा मिल सके.
4/6टैक्स फाइस करने से पहले कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स आपके पास होने चाहिए. इनमें शामिल हैं –फॉर्म 16,फॉर्म 26AS,AIS (Annual Information Statement),PAN कार्ड.कैपिटल गेन P&L स्टेटमेंट,बैंक इंटरेस्ट स्टेटमेंट.इनमें से कोई जरूरी डाक्यूमेंट्स मिस होने पर टैक्स फाइल होने में दिक्कत हो सकती है.
5/6अगर आपकी इनकम का स्ट्रक्चर सरल है तो आप खुद ITR फाइल कर सकते हैं. लेकिन अगर आय के कई स्रोत हैं जैसे क्रिप्टो या प्रॉपर्टी की बिक्री से कैपिटल गेन, तो बेहतर होगा कि आप चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद लें ताकि टैक्स कैलकुलेशन और देनदारी सही हो सके और रिफंड का पूरा पैसा आप तक पहुंच सके.
6/6आपके फॉर्म 16 में दिखाई देने वाला TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) विवरण फॉर्म 26AS से मैच होना चाहिए.वैसे फॉर्म 26AS में आपके TDS, TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) और अग्रिम टैक्स की पूरी जानकारी होती है.अगर फॉर्म 16 और 26AS में अंतर है और यह गलती फॉर्म 16 में है, तो नियोक्ता से सही TDS विवरण के साथ संशोधित फॉर्म 16 जारी करने की मांग करें. संशोधन हो जाने पर अंतर अपने आप ठीक हो जाएगा.तो अगर संशोधन संभव न हो, तो आप बैंक में आए क्रेडिट अमाउंट, सैलरी स्लिप्स और उपलब्ध डाक्यूमेंट्स की मदद से भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं.अगर ITR फाइलिंग की समयसीमा चूक जाते हैं तो पेनल्टी लग सकती है.इसलिए आखिरी तारीख से पहले रिटर्न भरना बेहद जरूरी है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)