Income Tax Notice: अगर आप बड़ी ट्रांजैक्शंस करते हैं और ये ध्यान नहीं रखते कि किसी नियम को उल्लंघन तो नहीं हुआ तो आप खतरे में हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income tax department) की नजर आपकी सभी ट्रांजैक्शंस पर रहती है. अगर गड़बड़ पाई गई तो सीधे नोटिस आ सकता है. अगर आप इनकम टैक्स नोटिस (Income tax notice) से बचना चाहते हैं तो भूल से भूलकर ये 7 ट्रांजैक्शन मत करना. ये ऐसी ट्रांजैक्शन हैं जिसमें पकड़े जाने पर कोई भी CA आपकी मदद नहीं कर पाएगा. खासकर, कैश डिपॉजिट, विदेश यात्रा पर भारी खर्च, क्रेडिट कार्ड (Credit Card) की पेमेंट जैसे ट्रांजैक्शन का तो जरूर ध्यान रखें. आइये जानते हैं कौन-कौन से ट्रांजैक्शन हैं जो मुश्किल में डाल सकते हैं.
1/7अगर आपने एक साल में विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज्यादा का खर्च किया है, तो इसका डाटा इनकम टैक्स विभाग के पास जाता है.
2/7Credit card spending: अगर क्रेडिट कार्ड पर सालाना ₹2 लाख से ज्यादा का खर्च करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग की नजर आप पर रहती है. बड़ी ट्रांजैक्शन से विभाग का ध्यान आकर्षित हो सकता है.
3/7Credit card bill payment in cash: अगर कोई व्यक्ति ₹1 लाख या उससे अधिक की नकद राशि में क्रेडिट कार्ड बिल (Credit Card Bill) का भुगतान करता है, तो इनकम टैक्स विभाग के पास यह अधिकार है कि वह इस ट्रांजेक्शन को जांचे. अगर यह लेन-देन संदिग्ध पाया जाता है या यह काले धन की तस्करी से जुड़ा हुआ होता है, तो इनकम टैक्स नोटिस भेजा जा सकता है. इसेक अलावा जुर्माना या दंड भी लगाया जा सकता है.
4/7Heavy Investment in stocks and MFs: अगर आपने साल में ₹10 लाख से ज्यादा का निवेश म्यूचुअल फंड, शेयर या बॉन्ड्स में किया है, तो इनकम टैक्स विभाग नोटिस भेज सकता है.
5/7Property investment over 30 lakhs: अगर आपने कोई प्रॉपर्टी खरीदी है, जिसकी कीमत ₹30 लाख या उससे ज्यादा है, तो इसकी जानकारी इनकम टैक्स को ऑटोमैटिकली मिलती है.
6/7Bank cash deposit: बैंक खाते में बड़ी राशि का कैश डिपॉजिट करने पर इनकम टैक्स की नजर पड़ सकती है. ₹10 लाख से ज्यादा का कैश डिपॉजिट करते ही नोटिस आने की संभावना बढ़ जाती है.
7/7Cash transaction: कैश में बिजनेस ट्रांजैक्शन करने पर इनकम टैक्स विभाग की नजर रहती है. ₹50,000 से ज्यादा की बिजनेस लेन-देन पर विभाग आपसे जानकारी मांग सकता है.