1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स का नया सिस्टम लागू होने जा रहा है. इसका असर सीधे आपकी सैलरी, कंपनी से मिलने वाली सुविधाओं और टेक होम इनकम पर पड़ेगा. अब सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि कंपनी का घर, ऑफिस की कार, गिफ्ट्स और भत्ते सबका हिसाब लगाया जाएगा.
1/12अब तक कई लोग सिर्फ बेसिक सैलरी पर ध्यान देते थे. लेकिन नए नियम में पूरा CTC (Cost to Company) को ध्यान में रखा जाएगा. यानी जो सुविधाएं मिलती थीं “फ्री” में, अब वो भी टैक्सेबल बनेंगी.
2/12अगर आपकी कंपनी PF, NPS और अन्य फंड में सालाना ₹7.5 लाख से ज्यादा डालती है, तो अतिरिक्त रकम पर टैक्स लगेगा. उस पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्सेबल होगा.
3/12अगर कंपनी आपको घर देती है, तो उसकी वैल्यू अब तय फॉर्मूले से निकलेगी. बड़े शहर: सैलरी का 10%, मिड शहर: 7.5%, छोटे शहर: 5%. यही रकम आपकी इनकम में जोड़कर टैक्स लगेगा.
4/12अगर कंपनी किराए पर घर लेकर देती है. असली किराया या सैलरी का 10% जो कम होगा, वही टैक्सेबल होगा.
5/12अगर आप ऑफिस की गाड़ी पर्सनल काम में भी इस्तेमाल करते हैं तो भी पैसे चुकाने होंगे. छोटी कार: ₹5,000/महीना, बड़ी कार: ₹7,000/महीना, ड्राइवर: ₹3,000 अतिरिक्त. यह रकम आपकी सैलरी में जुड़कर टैक्स बढ़ाएगी.
6/12₹15,000 से ऊपर सब टैक्सेबल. अब कंपनियों से मिलने वाले गिफ्ट्स ₹15,000 तक टैक्स-फ्री होंगे. इससे ज्यादा पर पूरा टैक्स लगेगा.
7/12ऑफिस का खाना भी नियम में आया. ₹200 तक का खाना टैक्स-फ्री. इससे ज्यादा हुआ तो टैक्स लग सकता है.
8/12अगर कंपनी आपको कम ब्याज पर लोन देती है. SBI रेट के हिसाब से फर्क पर टैक्स लगेगा. लेकिन ₹2 लाख तक का लोन टैक्स-फ्री, मेडिकल इमरजेंसी पर छूट.
9/12अगर आपकी कुछ इनकम टैक्स-फ्री है. उससे जुड़े खर्चों पर भी नियम आएंगे. 1% फॉर्मूला लागू होगा.
10/12अगर कोई विदेशी कंपनी ₹2 करोड़ से ज्यादा कमाती है या 3 लाख यूजर्स हैं तो उसे भारत में टैक्स देना होगा.
11/12इन बदलावों के बाद आपकी सैलरी स्लिप में नए कंपोनेंट दिखेंगे. टेक होम सैलरी बदल सकती है.
12/12अपनी सैलरी स्ट्रक्चर समझें, HR से बात करें, perks (कार, घर, फंड) की वैल्यू जरूर पता करें, वरना अचानक टैक्स बढ़ सकता है.