पिछले साल सरकार ने बजट में पुराने टैक्स रिजीम में तो कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन नए टैक्स रिजीम में कई बड़े बदलाव किए थे. सबसे बड़ा बदलाव तो 12 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्स माफ कर देना ही था. इन बदलावों में टैक्स स्लैब रेट बदलना भी शामिल है. आइए जानते हैं ऐसे ही 10 बदलाव, जिनकी आपको इस साल आईटीआर भरते वक्त जरूरत पड़ेगी.
1/10नई टैक्स व्यवस्था में अब ₹12 लाख तक की सामान्य आय पर कोई टैक्स नहीं. सैलरीड लोगों के लिए यह लिमिट स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ ₹12.75 लाख. 87A के तहत 60,000 रुपये तक की रिबेट. इससे पहले 7 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स छूट मिलती थी.
2/10नई टैक्स व्यवस्था में ₹0 से ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता, ₹4 से ₹8 लाख तक की आय पर 5% टैक्स देना होता है, ₹8 से ₹12 लाख पर 10% टैक्स लगता है, ₹12 से ₹16 लाख की आय पर 15% टैक्स देना होता है. इसके बाद ₹16 से ₹20 लाख तक 20% टैक्स, ₹20 से ₹24 लाख तक 25% टैक्स और ₹24 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स लागू होता है.
3/104 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं. पहले 3 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्स छूट थी. सभी टैक्सपेयर्स को 1 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट का फायदा.
4/10ब्याज पर TDS की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख की गई. FD, RD और सेविंग्स इंटरेस्ट वाले सीनियर सिटीजन को इसका फायदा मिलेगा.
5/10इसे ₹2.40 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख सालाना किया गया. छोटे मकान मालिकों के लिए यह एक बड़ी राहत है.
6/10विदेश पैसे भेजने पर TCS लगाने की सीमा ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है. यानी 10 लाख रुपये तक की रिमिटेंस पर TCS नहीं कटेगा. वहीं शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS नहीं लगेगा. विदेश पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत.
7/10गलती सुधारने के लिए 2 साल की सीमा बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है. स्वेच्छा से टैक्स सुधार का मौका, भारी-भरकम पेनाल्टी से छुटकारा.
8/10TCS की रकम स्टेटमेंट फाइल की तारीख तक जमा कर दी, तो आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी. जुलाई 2024 में TDS को लेकर यही नियम बना था, अब TCS पर लागू किया गया. कारोबारियों और टैक्सपेयर्स पर कानूनी दबाव कम होगा और कंप्लायंस आसान बनेगा.
9/10पहले सिर्फ एक घर को ही “Self-Occupied” माना जाता था. दूसरे घर पर सरकार काल्पनिक किराया (Notional Rent) जोड़कर टैक्स लगा देती थी. भले ही वह घर खाली हो या आप खुद इस्तेमाल कर रहे हों. अब दो Self-Occupied घरों की Annual Value भी Zero (Nil) मानी जाएगी. कोई काल्पनिक किराया नहीं जोड़ा जाएगा.
10/10पुराने NSS अकाउंट से निकासी टैक्स फ्री. NPS Vatsalya को भी सामान्य NPS जैसा ट्रीटमेंट. इससे NSS वाले बुज़ुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी. बच्चों के नाम पर रिटायरमेंट सेविंग्स को भी बेहतर टैक्स बेनेफिट मिलेंगे.