ITR Filing: जब भी कमाई पर टैक्स देने की बात आती है, तो हर कोई चाहता है कि किसी तरह टैक्स कम से कम देना पड़े. टैक्स बचाने में सैलरी के कुछ खास अलाउंस बहुत मदद करते हैं. ये ऐसे भत्ते होते हैं जिन्हें आप रीइम्बर्समेंट की तरह क्लेम कर के टैक्स में छूट पा सकते हैं. नया वित्त वर्ष शुरू होने वाला है और यही वक्त होता है, जब आप अपनी सैलरी को रीस्ट्रक्चर कर सकते हैं. अगर ये आपकी सैलरी में शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करके इन्हें शामिल करवाया जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसे 10 अलाउंस के बारे में जो टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं.
1/7यह भत्ता घर से ऑफिस आने-जाने के खर्च को कवर करने के लिए दिया जाता है. कई कंपनियां इसे सैलरी में शामिल करती हैं. अगर आपकी सैलरी में यह नहीं है, तो इसे शामिल करवाकर टैक्स बचाया जा सकता है.
2/7फूड कूपन, मील वाउचर या सोडेक्सो कूपन के जरिए भी टैक्स बचाया जा सकता है. कई कंपनियां हर महीने करीब 2000-3000 रुपये तक का यह अलाउंस देती हैं. खाने का बिल दिखाने पर यह रकम बिना टैक्स के मिल सकती है.
3/7कुछ कंपनियां कर्मचारियों को कार मेंटेनेंस के लिए भी भत्ता देती हैं. इसमें पेट्रोल-डीजल, कार की सर्विस और ड्राइवर की सैलरी तक शामिल हो सकती है. अगर कंपनी यह सुविधा देती है तो इस खर्च पर टैक्स नहीं देना पड़ता.
4/7कई कंपनियां मोबाइल और इंटरनेट के बिल का रीइम्बर्समेंट देती हैं. कर्मचारी बिल जमा करता है और तय सीमा तक कंपनी बिना टैक्स काटे पैसा दे देती है.
5/7कुछ कंपनियां कर्मचारियों को यूनिफॉर्म के खर्च के लिए भी भत्ता देती हैं. यह पैसे यूनिफॉर्म खरीदने और उसकी देखभाल के लिए होते हैं और इस पर टैक्स नहीं लगता.
6/7कुछ कंपनियां कर्मचारियों और उनके परिवार के मेडिकल खर्च के लिए मेडिकल अलाउंस देती हैं. इस खर्च का रीइम्बर्समेंट मिलने से टैक्सेबल इनकम कम हो सकती है.
7/7कुछ नौकरियों में अखबार, मैगजीन या किताबें पढ़ना जरूरी होता है. ऐसी कंपनियां कर्मचारियों को इसके लिए भी अलाउंस देती हैं. अगर आपकी कंपनी में यह सुविधा है तो इसे सैलरी में शामिल करवाकर टैक्स बचाया जा सकता है.