इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करते वक्त हर शख्स सोचता है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाया जाए. यहां ये समझने की बात है कि टैक्स सिर्फ एक दिन में नहीं बचाया (How to save tax) जा सकता है, बल्कि इसके लिए आपको साल शुरू होते ही प्लानिंग (Tax Planning) शुरू करनी होती है. टैक्स बचाने में सबसे बड़ा योगदान होता है तमाम अलाउंस का, जो टैक्स फ्री हो जाते हैं और आपके पैसे बचते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 7 अलाउंस के बारे में, जिन्हें सैलरी (How to save tax by changes in salary) में शामिल करवाते ही आपके काफी सारे पैसे बच जाते हैं.
1/7ट्रांसपोर्ट भत्ता या ट्रैवलिंग अलाउंस या कन्वेंस अलाउंस आपके ऑफिस और घर के बीच आने-जाने का खर्चा कवर करता है. वैसे तो अधिकतर कंपनियां अपने कर्मचारियों को सैलरी में ये अलाउंस देती हैं, लेकिन कुछ कंपनियां नहीं भी देती हैं. अगर आपकी सैलरी में यह हिस्सा नहीं है तो इसे शामिल करवाएं, ताकि उन पैसों पर आपका टैक्स ना लगे और आपका फायदा हो सके.
2/7फूड कूपन या एंटरटेनमेंट अलाउंस से भी आपका टैक्स बचता है. हर कंपनी ये अलाउंस नहीं देती है, इसलिए अगर आपकी सैलरी में यह शामिल नहीं है तो एक बार कंपनी की पॉलिसी चेक करें और जानें कि इसे शामिल करा सकते हैं या नहीं. यह अलाउंस 2000 से लेकर 4-5 हजार रुपये तक हो सकता है. अलग-अलग कंपनियों में यह अलग-अलग होता है. अगर हर महीने आपको 5 हजार का एंटरटेनमेंट अलाउंस मिलता है, तो इससे सालाना 60 हजार रुपये तक पर टैक्स नहीं लगेगा.
3/7कई ऐसी भी कंपनियां होती हैं जो अपने कर्मचारियों को कार मेंटेनेंस अलाउंस भी देती हैं. इस अलाउंस के तहत कर्मचारी को कार के मेंटेनेंस, उसके डीजल या पेट्रोल का खर्च और यहां तक की ड्राइवर की सैलरी तक दी जाती है. अगर आपका भी कार का ज्यादा खर्चा है, तो आप उसके लिए अपनी कंपनी के एचआर से बात कर सकते हैं. अगर कार मेंटेनेंस अलाउंस आपको मिलता है, तो उस पर आपको टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा. हालांकि, अधिकतर मामलों में यह अलाउंस सीनियर लेवल के अधिकारियों को ही मिलता है.
4/7इस अलाउंस के तहत आपको मोबाइल फोन और इंटरनेट के बिल का रीइम्बर्समेंट हो जाता है. यानी इसमें आपका जितना भी खर्चा हुआ है, उसे एक तय सीमा तक कंपनी बिना कोई टैक्स काटे आपको दे देती है. इन दिनों वर्क फ्रॉम होम का कल्चर भी शुरू हो गया है, जिसके चलते बहुत सारी कंपनियां ये अलाउंस देती हैं. इससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है और आपको फायदा होता है.
5/7बहुत ही कम कंपनियां होती हैं तो अपने कर्मचारियों को ये अलाउंस देती हैं. आप अपनी कंपनी में बात कर सकते हैं और अगर वहां यूनीफॉर्म अलाउंस मिलता है तो उसे सैलरी में शामिल करवा सकते हैं. कंपनी की तरफ से ये पैसे कर्मचारियों को यूनीफॉर्म का खर्च मेंटेन करने के लिए दिए जाते हैं, जिन पर कोई टैक्स नहीं लगता है.
6/7ऐसी कई नौकरियां होती हैं, जिनमें न्यूजपेपर, मैगजीन या किताबें पढ़ने की जरूरत होती है. मीडिया भी उनमें से एक है. ऐसी कंपनियां अपने कर्मचारियों को एक तय सीमा तक अलाउंस मुहैया कराती हैं. आप भी अगर ऐसी ही किसी कंपनी में हैं तो इसे अपनी सैलरी में शामिल करवा सकते हैं और टैक्स बचा सकते हैं.
7/7कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को मेडिकल अलाउंस भी देती हैं, ताकि उनकी हेल्थ सही बनी रहे. इसके तहत कर्मचारी अपने या अपने परिवार के मेडिकल खर्चों को रीइम्बर्स कर सकता है. अगर आपकी सैलरी में ये अलाउंस शामिल नहीं है तो करवा लें. ये अलाउंस आपके बड़ा काम आएगा, क्योंकि इससे टैक्स भी बचेगा और परिवार की हेल्थ भी सही रहेगी.